
बैतूल (मध्य प्रदेश), 18 जून 2026। भारत की राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बैतूल में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित ‘अध्यात्मिक जागृति द्वारा आदिवासी समाज का सशक्तीकरण’ महासम्मेलन में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विकास और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन ही एक सशक्त, समृद्ध और समावेशी समाज की नींव है।

महासम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि उपभोगवादी संस्कृति और तेज़ी से बदलती जीवनशैली के इस दौर में आध्यात्मिक शुचिता का महत्व पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से ही समाज में समानता, संवेदनशीलता और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित की जा सकती है।

राष्ट्रपति ने आदिवासी समाज की जीवनशैली की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव और संतुलित जीवन मूल्यों के कारण स्वाभाविक रूप से आध्यात्मिकता के निकट रहता है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की यह विशेषता उन्हें सर्वहित और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रेरित करती है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में जनजातीय समुदायों के साथ किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि किसी भी समाज का सशक्तीकरण केवल आर्थिक विकास तक सीमित नहीं होना चाहिए। वास्तविक सशक्तीकरण तब संभव है जब व्यक्ति आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और जागरूकता के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करे। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जागृति व्यक्ति को उसकी आंतरिक शक्तियों से परिचित कराती है और उसे सकारात्मक सोच तथा उच्च जीवन मूल्यों से जोड़ती है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सार्थक विकास वही है जो आधुनिक प्रगति के साथ-साथ हमारी सांस्कृतिक जड़ों और जीवन मूल्यों को भी मजबूत बनाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और परंपरा का संतुलन ही सामाजिक समरसता और समावेशी विकास का मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिकता, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और मानव कल्याण को विकास की आधारशिला बनाकर ही भारत एक आदर्श और विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सकेगा।













































