
Jamshedpur: करीम सिटी कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. अशरफ बिहार का मंगलवार सुबह बेंगलुरु में इलाज के दौरान निधन हो गया। वे कुछ समय से अस्वस्थ थे।

मदरसा जियाइया दारुल किरात में ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा उनके इस्ले सवाब पर एक शोक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें मानगो नगर निगम के ब्रांड एंबेसडर मुख्तार आलम ने कहा कि डॉ. अशरफ बिहारी ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के अत्यंत प्रिय संरक्षक थे, जिनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती।
मास्टर खुर्शीद अहमद खान ने कहा कि स्वर्गीय डॉ. अशरफ बिहार शहर के एक जाने-माने प्रोफेसर थे, जो बेहद बुद्धिमान व्यक्ति भी थे और जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित करने के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। प्रसिद्ध पत्रकार शाकिर अजीमाबादी ने कहा कि बहुत कम लोग होते हैं जो अपने काम के अलावा दूसरों की जरूरतों को समझते हैं।
ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के अध्यक्ष मतीनुल हक अंसारी ने कहा कि कोरोना काल से ही वे समाज और असहाय लोगों के लिए चिंतित रहते थे। वे लंबे समय तक ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट से भी जुड़े रहे। उनके इस्ले सवाब के लिए मदरसा जियाइया दारुल किरात में कुरानखानी का आयोजन किया गया और ज़ोहर की नमाज़ के बाद जियाइया दारुल किरात के इमाम काज़ी असलम रब्बानी ने उनके लिए दुआ की।
इस शोक सभा में केंद्रीय शांति समिति के सदस्य मुख्तार आलम खान, ह्यूमन वेलफेयर ट्रस्ट के ट्रस्टी सैयद आसिफ अख्तर मोहम्मद मोइनुद्दीन अंसारी, फिरोज आलम, हिंद आईटीआई के निदेशक ताहिर हुसैन मौजूद थे।













































