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अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां सरयू राय ने एजेंसियों से जांच की मांग की

On: May 4, 2026 12:11 AM
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जमशेदपुर: जीवनरेखा Swarnarekha नदी में हजारों मछलियां मृत पाई गईं, ये खबर सुनकर हर कोई सन्न रह गया। अब स्वर्णरेखा में मृत पाई गईं हजारों मछलियां – ये सिलसिला थम नहीं रहा। विधायक सरयू राय ने सीवेज प्रदूषण को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य एजेंसियों से उचित जांच की मांग की है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां का कारण क्या है, सरयू राय ने क्या कहा और इसका स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ सकता है। पर्यावरण प्रेमी दोस्तों, अंत तक पढ़िए।

अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां घटना का पूरा विवरण

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रविवार सुबह जमशेदपुर के डोबो पुल के नीचे Swarnarekha नदी में हजारों मछलियां मृत तैरती मिलीं। मछुआरे सुबह 3 बजे मछली पकड़ने आए, तो बिना जाल डाले ही मृत मछलियां हाथ लग गईं। जनता दल (यूनाइटेड) सोनारी मंडल अध्यक्ष चुन्नू भूमिज ने इसकी सूचना विधायक सरयू राय को दी। सरयू राय घटनास्थल पर पहुंचे, लेकिन तब तक लोग मृत मछलियां ले जा चुके थे।

कुछ मृत मछलियां बची रहीं, जिन्हें देखकर सरयू राय ने कहा कि ये बड़े पैमाने पर मृत्यु है। लोगों में मछलियां ले जाने की होड़ लग गई थी। घटनास्थल के पास सोनारी से आता सीवेज नाला है, जो गंदा पानी नदी में उड़ेल रहा है। पांच साल पहले तत्कालीन मंत्री ने यहां कुंड बनवाए थे, जिनका प्रचार जोर-शोर से हुआ। लेकिन सरयू राय ने तब ही कहा था कि ये काम नहीं चलेगा। आज वे कुंड गंदगी के स्रोत बन चुके हैं। अब स्वर्णरेखा में मृत पाई गईं हजारों मछलियां इसी लापरवाही का नतीजा हैं।

बीते महीने दो जगहों पर भी ऐसी घटनाएं हुईं। स्वर्णरेखा नदी लगातार प्रदूषित हो रही है, जो चिंता का विषय है।

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सरयू राय का बयान सीवेज से दूषित पदार्थ जिम्मेदार

अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां देखकर सरयू राय ने कहा – एजेंसियां उचित जांच कर जनता को कारण बताएं। सीवेज नाले से कोई दूषित पदार्थ नदी में मिल रहा है, जिससे मछलियां मर रही हैं। आसपास जलकुंभी के पौधे फैल गए हैं, जो प्रदूषण के संकेत हैं। घरों का गंदा पानी सीधे नदी में गिर रहा है।

सरयू राय ने चेतावनी दी कि लोग इसी पानी में नहा रहे हैं। इसका स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टाटा स्टील, नगर पालिका को जांच करनी चाहिए। सरयू राय ने पहले भी Swarnarekha नदी को बचाने के लिए अभियान चलाए हैं। उनकी मांग है कि उच्चस्तरीय जांच हो और रिपोर्ट जनता के सामने आए। अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां जैसी घटनाएं रोकनी होंगी।

प्रदूषण के संकेत जलकुंभी और गंदा पानी

Swarnarekha नदी में जलकुंभी का फैलाव न्यूट्रिएंट्स की अधिकता दर्शाता है। सीवेज से नाइट्रोजन, फॉस्फोरस पानी में घुल रहे हैं। इससे ऑक्सीजन कम हो जाता है (हाइपोक्सिया), और मछलियां दम घुटने से मर जाती हैं। सरयू राय ने सही कहा – कुंड-तालाबों में जमा गंदगी नदी को जहर बना रही है।

Swarnarekha नदी प्रदूषण का इतिहास बार-बार हो रही घटनाएं

अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां पहली घटना नहीं। पहले बाबुडीह, धातकीडीह तालाब में भी मछलियां मरीं। दुर्गा पूजा विसर्जन के बाद भी प्रदूषण बढ़ा। औद्योगिक कचरा, घरेलू सीवेज और एसिड रेन मुख्य कारण हैं। जमशेदपुर-मानगो नगर निगम के 9-12 नालों से बिना ट्रीटमेंट पानी गिरता है।

सरयू राय ने विधानसभा में सवाल उठाए। सरकार ने सर्वे और STP प्लांट्स का दावा किया, लेकिन फाइलों में ही रह गए। Swarnarekha नदी झारखंड की प्रमुख नदी है, जो सुवर्णreckha से निकलकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसका प्रदूषण पूरे क्षेत्र को प्रभावित करता है। मछलियों की मौत BOD (बायोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) बढ़ने से होती है। अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां पर्यावरण आपदा का संकेत हैं।

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स्वास्थ्य जोखिम नहाने से बीमारियां

लोग नदी में नहाते हैं, मछली खाते हैं। प्रदूषित पानी से त्वचा रोग, पेट की बीमारियां, कैंसर का खतरा। मछुआरों की आजीविका पर असर। बच्चों और महिलाओं को सबसे ज्यादा खतरा। सरयू राय की मांग जायज है – एजेंसियां उचित जांच करें।

समाधान के उपाय नदी को बचाने के तरीके

अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां रोकने के लिए तत्काल कदम उठाएं। सबसे पहले सभी नालों में STP (सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) लगाएं। नियमित वाटर क्वालिटी टेस्टिंग। टाटा स्टील जैसे उद्योगों से जीरो डिस्चार्ज। जनजागरण अभियान चलाएं – प्लास्टिक बंद, कचरा न फेंको।

सरयू राय जैसे नेताओं का साथ लें। NGO और स्थानीय लोग नदी सफाई में जुटें। सरकार RTI से जवाब मांगे। Swarnarekha नदी को पुनर्जीवित करने के लिए ‘नमामि गंगे’ जैसा प्रोजेक्ट शुरू करें। मछली संरक्षण के लिए फिशरीज डिपार्टमेंट सक्रिय हो। एजेंसियां उचित जांच कर रिपोर्ट दें, ताकि दोषी पकड़े जाएं।

 अब Swarnarekha में मृत पाई गईं हजारों मछलियां पर्यावरण की घंटी है। सरयू राय ने सही कहा – एजेंसियां उचित जांच करें। शहर की गंदगी नदी को जहर न बनाएं। हम सब मिलकर सफाई करें, प्रदूषण रोकें। स्वच्छ Swarnarekha बनाएं, ताकि आने वाली पीढ़ियां स्वस्थ रहें

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