जमशेदपुर; Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक पूर्वी सिंहभूम के समाहरणालय सभागार में उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में हुई, जहां मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए। बागबेड़ा, जुगसलाई जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर निगरानी बढ़ाने का फैसला हुआ।
बैठक का उद्देश्य और समीक्षा
Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक आहूत में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर नियंत्रण के उपायों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने पुलिस, उत्पाद विभाग को संयुक्त छापेमारी तेज करने को कहा। बागबेड़ा, जुगसलाई, बर्मामाइंस जैसे हॉटस्पॉट्स की पहचान कर विशेष निगरानी रखने का निर्देश। बस, ट्रक, स्कूल वैन चालकों पर नियमित जांच अभियान चलाएं।
विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया। सूचना तंत्र मजबूत बने, ताकि तस्करी की जड़ें उखड़ें। Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक से साफ है कि जिला प्रशासन नशामुक्त पूर्वी सिंहभूम का संकल्प ले चुका। त्वरित अनुसंधान और सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान निर्देश दिया गया कि मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण एवं बिक्री से जुड़े मामलों में नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए तथा बागबेड़ा, जुगसलाई, बर्मामाइंस सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए। पुलिस एवं उत्पाद विभाग को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने तथा सूचना तंत्र को और मजबूत बनाने को कहा गया। समय समय पर बस, ऑटो, ट्रक, स्कूल वैन चालकों पर भी जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
नशे की समस्या और संवेदनशील क्षेत्र
पूर्वी सिंहभूम में नशा तस्करी झारखंड-ओडिशा बॉर्डर से होकर आती है।Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक में गंजा, ब्राउन शुगर, स्मैक जैसे पदार्थों पर फोकस। युवा छात्रों को निशाना बनाया जा रहा। जुगसलाई, बागबेड़ा में छोटे विक्रेता सक्रिय। स्कूल-कॉलेज के आसपास सतर्कता बरतें।
नशा मुक्ति केंद्र सक्रिय रखें। जागरूकता से युवा बचेंगे। उपायुक्त ने प्रगति रिपोर्ट नियमित मांगी। आमजन से अपील – टोल फ्री 112 या 0657-2431028 पर सूचना दें। यह सामूहिक जंग है।
Narcotics समन्वय प्रमुख संवेदनशील क्षेत्र
- बागबेड़ा: तस्करी का हब।
- जुगसलाई: युवाओं में नशा प्रकोप।
- बर्मामाइंस: बॉर्डर इलाका।
- शैक्षणिक संस्थान: आसपास विक्रेता सक्रिय।
नशामुक्त जागरूकता और पुनर्वास पर जोर

Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक में स्कूल-कॉलेज में जागरूकता कार्यक्रम अनिवार्य किए। नशे के दुष्प्रभाव सिखाएं – लीवर खराब, मानसिक विकृति, अपराध। नशा मुक्ति केंद्रों में पुनर्वास सेवाएं बढ़ाएं। अभिभावक सतर्क रहें।
एनजीओ, स्वयंसेवकों से सहयोग लें। रैलियां, सेमिनार, सोशल मीडिया कैंपेन चलाएं। Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक से युवा बचाने की दिशा मजबूत हुई। दोषियों पर NDPS एक्ट के तहत सजा सुनिश्चित।
प्रशासनिक निर्देश और समन्वय
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने साफ कहा – नशा तस्करी पर जीरो टॉलरेंस। Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पाण्डेय, एसडीएम अर्णव मिश्रा, डीटीओ धनंजय, एडीएम राहूल जी आनंद जी मौजूद। रेल डीएसपी को ट्रेनों में चेकिंग बढ़ाने को कहा।
सभी विभाग प्रगति रिपोर्ट दें। जिला नशामुक्त अभियान का हिस्सा बने। यह सिलसिला हर माह चले। नागरिक सहयोग से सफलता मिलेगी।

बैठक में उपस्थित अधिकारी
- वरीय पुलिस अधीक्षक: पीयूष पाण्डेय।
- एसडीएम धालभूम: अर्णव मिश्रा।
- डीटीओ: धनंजय।
- एडीएम: राहूल जी आनंद जी।
- सभी डीएसपी, रेल डीएसपी।
झारखंड में नशा तस्करी की चुनौतियां
झारखंड बॉर्डर राज्य होने से गंजा-कोकीन का रास्ता। Narcotics समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक अन्य जिलों के लिए मॉडल। युवा बेरोजगारी से नशे की ओर। जागरूकता ही हल। पुलिस की विशेष टीम, कंट्रोल रूम सक्रिय।
महिलाओं, बच्चों पर असर। पुनर्वास केंद्र बढ़ाएं। सरकारी योजना से मुफ्त इलाज। समाज नशामुक्त बने।
नशामुक्त रोकथाम के उपाय
- संयुक्त छापेमारी।
- स्कूल जागरूकता।
- सूचना तंत्र मजबूत।
- वाहन चेकिंग।
- पुनर्वास सेवाएं।
नार्कोटिक्स समन्वय समिति (एनकोर्ड) की बैठक आहूत से नशे के खिलाफ नई जंग शुरू हुई। कर्ण सत्यार्थी का नेतृत्व, विभागीय समन्वय से सफलता मिलेगी। युवाओं को बचाएं, सूचना दें। नशामुक्त समाज ही समृद्ध समाज। जुटें सब – पूर्वी सिंहभूम नशामुक्त बने!









