
झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिले जमशेदपुर में पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ शानदार कार्रवाई की है। Jugsalai थाना के पुराने NDPS कांड के आखिरी फरार आरोपी मोहम्मद ईमरान को गिरफ्तार कर लिया गया। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चली इस मुहिम ने ब्राउन शुगर के नेटवर्क को कमजोर किया। इस ब्लॉग में हम इस गिरफ्तारी की पूरी कहानी, कांड का इतिहास और पुलिस की भूमिका को विस्तार से जानेंगे।

कांड का इतिहास 143 ग्राम ब्राउन शुगर से शुरू हुई कार्रवाई
यह मामला Jugsalai थाना कांड संख्या 21/2025, दिनांक 27 फरवरी 2025 का है। NDPS एक्ट की धारा 21, 22, 27(a), 28, 29, 30 के तहत दर्ज इस केस में 143 ग्राम ब्राउन शुगर जब्त की गई थी। शुरुआत में प्राथमिकी आरोपी अब्दुल हामिद और अन्य 14 लोगों सहित कुल 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इसके अलावा, दो अन्य आरोपी जो अलग कांडों में पकड़े गए थे, उन्हें इस मामले में रिमांड पर लिया गया।
पुलिस ने कुल 17 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। लेकिन मोहम्मद ईमरान 13 महीनों से फरार था। वह ब्राउन शुगर के बड़े सप्लायर के रूप में जाना जाता था। Jugsalai क्षेत्र में ड्रग्स का कारोबार चरम पर था, जो युवाओं को बर्बाद कर रहा था। यह गिरफ्तारी पूरक अनुसंधान को पूरा करती है।
गिरफ्तारी का विवरण गुप्त सूचना पर चली पुलिसिया चौका-छाप
29 अप्रैल 2026 को वरीय पुलिस अधीक्षक पूर्वी सिंहभूम को गुप्त सूचना मिली कि फरार आरोपी Jugsalai फाटक के पास घूम रहा है। पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने आरोपी मो. ईमरान (उम्र 46 वर्ष, पिता स्व. अब्दुल गफ्फार, निवासी महतो पाड़ा रोड, गौशाला के पीछे) को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया।
गिरफ्तारी में Jugsalai थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां, पु.अ.नि. राजेश बिहारी, कृष्णा कुमार यादव और हवलदार योगेंद्र पासवान शामिल थे। यह कार्रवाई ब्राउन शुगर के खिलाफ चल रही लगातार मुहिम का हिस्सा है। जमशेदपुर में हाल ही में कफ सिरप और अन्य ड्रग्स की बड़ी खेपें जब्त हो चुकी हैं।
NDPS एक्ट ड्रग्स तस्करी के खिलाफ सख्त कानून
नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटांसेज एक्ट (NDPS) 1985 भारत का प्रमुख कानून है, जो नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री, भंडारण पर रोक लगाता है। धारा 21-30 के तहत ब्राउन शुगर जैसी कमर्शियल मात्रा पर 10-20 साल की सजा और लाखों जुर्माना। छोटी मात्रा पर भी 6 महीने जेल।
झारखंड में पूर्वी सिंहभूम ड्रग्स हब बन रहा था। जुगसलाई, कदमा जैसे इलाकों में ब्राउन शुगर युवाओं को शिकार बना रही थी। पुलिस की यह कार्रवाई सख्ती का संदेश है।
Jugsalai क्षेत्र में ड्रग्स का खतरा युवा पीढ़ी पर असर
जमशेदपुर का Jugsalai इलाका औद्योगिक क्षेत्र होने से मजदूर वर्ग बहुल है। यहां ब्राउन शुगर सस्ते दामों पर उपलब्ध थी। मो. ईमरान जैसे तस्कर नेटवर्क चला रहे थे। गिरफ्तारी से सप्लाई चेन टूटेगी। हाल के महीनों में 20 किलो गांजा, कफ सिरप की लाखों की खेपें जब्त हुईं।
यह न सिर्फ अपराध रोकता है, बल्कि समाज को बचाता है। युवा नशे की लत से परिवार बर्बाद हो रहे थे।
पुलिस टीम की सराहना सतर्कता का इनाम
छापामारी दल के सदस्यों ने रात के समय खतरनाक कार्रवाई की। वरीय एसएसपी की अगुवाई में नगर एसपी और विधि-व्यवस्था DSP की रणनीति सफल रही। Jugsalai थाना प्रभारी गुलाम रब्बानी खां की टीम बधाई की पात्र है। यह निरंतर प्रयासों का फल है।
ड्रग्स मुक्ति अभियान भविष्य की दिशा
झारखंड पुलिस ड्रग्स के खिलाफ ‘नशा मुक्ति’ कैंपेन चला रही है। स्कूलों में जागरूकता, नेटवर्क तोड़ना। केंद्र सरकार की ‘नारको कोऑर्डिनेशन सेंटर’ से समन्वय। जनता को भी सतर्क रहना चाहिए – संदिग्ध गतिविधि पर सूचना दें
Jugsalai थाना की यह सफलता पूर्वी सिंहभूम में ड्रग्स के खिलाफ नई उम्मीद जगाती है। 13 महीने बाद आखिरी आरोपी गिरफ्तार पुलिस को सलाम! समाज को नशे से दूर रहना होगा।















