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अंतरिक्ष विज्ञान में नया मील का पत्थर: चीन द्वारा ‘रीयूजेबल’ रॉकेट रिकवरी सिस्टम का सफल परीक्षण

On: July 10, 2026 6:58 PM
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Beijing, Global Science Desk: अंतरिक्ष अन्वेषण और सैटेलाइट लॉन्चिंग के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रगति सामने आई है। चीनी अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने अपने नवीनतम Long March-10B कैरियर रॉकेट के ‘रीयूजेबल’ (पुनः प्रयोज्य) लिक्विड-फ्यूल बूस्टर सिस्टम का पहला सफल वर्टिकल रिकवरी टेस्ट पूरा कर लिया है। इस सफल परीक्षण के साथ ही चीन अब वैश्विक स्तर पर रीयूजेबल रॉकेट तकनीक रखने वाले गिने-चुने देशों की कतार में मजबूती से शामिल हो गया है।

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अपतटीय प्लेटफॉर्म पर ‘ग्रिड और हुक’ लैंडिंग तकनीक

आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, यह परीक्षण दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत में स्थित कमर्शियल स्पेस लॉन्च साइट से आयोजित किया गया था। रॉकेट के मुख्य हिस्से से अलग होने के बाद, इसके बूस्टर स्टेज ने कंप्यूटर-नियंत्रित नेविगेशन प्रणाली के जरिए पृथ्वी की ओर वापस लौटना शुरू किया।

इस मिशन में पारंपरिक लैंडिंग लेग्स (पैरों) के बजाय एक नई तकनीक का प्रदर्शन किया गया:

  • रॉकेट बूस्टर के ऊपरी हिस्से पर विशेष ‘लैंडिंग हुक्स’ लगाए गए थे।
  • समुद्र में तैरते हुए एक बड़े अपतटीय प्लेटफॉर्म (Offshore Platform) पर एक विशाल सुरक्षात्मक जाल (Net) तैयार किया गया था।
  • नीचे आते समय बूस्टर के हुक्स ने इस जाल को सफलतापूर्वक जकड़ लिया, जिससे रॉकेट बिना किसी क्षति के सुरक्षित रुक गया।
  • अंतरिक्ष वैज्ञानिकों का मानना है कि लैंडिंग गियर या भारी लेग्स न होने के कारण रॉकेट का कुल वजन कम होता है, जिससे वह अंतरिक्ष में अधिक पेलोड (वजन) ले जाने में सक्षम बनता है।

चंद्र मिशन और कमर्शियल स्पेस सेक्टर को बढ़ावा

यह परीक्षण चीन के उस व्यापक अंतरिक्ष कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत साल 2030 से पहले चंद्रमा पर मानवयुक्त मिशन भेजने की योजना बनाई जा रही है। Long March-10B मुख्य रूप से पृथ्वी की निचली कक्षा (Low-Earth Orbit) में भारी पेलोड ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है।

इस बूस्टर की सफल रिकवरी का सीधा अर्थ यह है कि अब अंतरिक्ष मिशनों की लागत में भारी कटौती की जा सकेगी। वर्तमान में वैश्विक कमर्शियल स्पेस मार्केट और सैटेलाइट लॉन्चिंग में अमेरिकी कंपनियों का एकाधिकार रहा है, लेकिन इस नई तकनीक के आने से बाजार में प्रतिस्पर्धा और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

परियोजना से जुड़े इंजीनियर्स के अनुसार, रिकवर किए गए बूस्टर की तकनीकी जांच के बाद इसे जल्द ही अगले मिशन के लिए पुनः तैयार किया जा सकता है।

उपयोग के लिए निर्देश: यह पूर्णतः सार्वजनिक तथ्यों और वैज्ञानिक घोषणाओं पर आधारित एक स्वतंत्र समाचार रिपोर्ट है। इसे कोई भी ब्लॉग, समाचार पोर्टल या सोशल मीडिया क्रिएटर बिना किसी रॉयल्टी, एट्रिब्यूशन या कॉपीराइट प्रतिबंध के स्वतंत्र रूप से प्रकाशित और प्रसारित कर सकता है।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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