
जमशेदपुर: जमशेदपुर के मिथापुर में AISF कार्यालय में बैठक हुई, जिसमें LBSM कॉलेज की नई इकाई का गठन किया गया। All India Students Federation (AISF) ने छात्र हितों को मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया। AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन छात्र आंदोलन को नई ऊर्जा देगा। आइए, इस बैठक की पूरी डिटेल समझें और जानें कि ये छात्रों के लिए क्या मायने रखती है।

बैठक का उद्देश्य LBSM कॉलेज इकाई क्यों जरूरी?
AISF के कार्यालय में हुई इस AISF कार्यालय में बैठक का मकसद साफ था – LBSM कॉलेज में संगठन को मजबूत करना। छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा हुई। फीस बढ़ोतरी, हॉस्टल सुविधाएं, परीक्षा सिस्टम – ये सभी टॉपिक्स छुए गए।
AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन से कॉलेज में AISF की मौजूदगी बढ़ेगी। सर्वसम्मति से नए पदाधिकारी चुने गए, जो छात्र समस्याओं को आवाज देंगे। झारखंड के कार्यकारिणी सदस्य मुकेश रजक ने छात्रों का हौसला बढ़ाया। ये बैठक छात्र राजनीति को सक्रिय बनाएगी।
नए पदाधिकारियों की लिस्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं
बैठक में ये पदाधिकारी चुने गए:
- अध्यक्ष: कार्तिकेयन – लीडरशिप और डिसीजन मेकिंग।
- उपाध्यक्ष: रोहन कुमार – सपोर्ट रोल, इवेंट्स।
- सचिव: श्रवण कुमार – मीटिंग्स, रिकॉर्ड्स।
- कोषाध्यक्ष: राहुल कुमार – फंड मैनेजमेंट।
- मीडिया प्रभारी: सूरज पात्रो – सोशल मीडिया, प्रचार।
नए पदाधिकारियों ने संकल्प लिया – संगठन मजबूत करेंगे, छात्र समस्याएं सुलझाएंगे। AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन से ये टीम एक्टिव होगी।
AISF का इतिहास भारत का सबसे पुराना छात्र संगठन
AISF की स्थापना 1920 में हुई – स्वतंत्रता संग्राम का हिस्सा। कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़ा ये संगठन छात्र अधिकारों के लिए लड़ता रहा। फीस कंट्रोल, स्कॉलरशिप, कैंपस डेमोक्रेसी – AISF हमेशा आगे।
AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन AISF की ग्रासरूट स्ट्रेटजी दिखाता है। जमशेदपुर जैसे शहरों में LBSM कॉलेज जैसे संस्थानों में इकाई बनाना स्ट्रैटेजिक। मुकेश रजक ने प्रेरित किया – संगठन को झारखंड स्तर पर मजबूत करो।

छात्र हितों के मुद्दे LBSM कॉलेज में क्या चुनौतियां?
LBSM कॉलेज में कई प्रॉब्लम्स हैं:
- फीस हाइक बिना सुविधा।
- लाइब्रेरी, लैब्स की कमी।
- प्लेसमेंट सपोर्ट कमजोर।
- गर्ल्स सेफ्टी इश्यूज।
- एग्जाम पैटर्न में बदलाव।
नई इकाई इन्हें उठाएगी। AISF कार्यालय में बैठक में चर्चा हुई – सरकार से डिमांड, प्रोटेस्ट प्लान।
नई टीम का संकल्प छात्रों के लिए क्या करेंगे?
पदाधिकारियों ने वादा किया:
- रोजाना मीटिंग्स: छात्र फीडबैक लेंगे।
- प्रोटेस्ट: जरूरी मुद्दों पर धरना।
- कैंपेन: स्कॉलरशिप, फीस वेवर।
- इवेंट्स: वर्कशॉप्स, सेमिनार्स।
- मीडिया: सोशल मीडिया पर अपडेट्स।
AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन से उम्मीदें बढ़ीं। सूरज पात्रो मीडिया हैंडल करेंगे, राहुल फंडिंग मैनेज। ये टीम प्रभावी साबित होगी।
झारखंड में AISF की भूमिका राज्य स्तर पर ताकत
झारखंड में AISF एक्टिव – रांची, धनबाद यूनिवर्सिटीज में इकाइयां। मुकेश रजक जैसे लीडर्स स्टेट कोऑर्डिनेट करते। LBSM इकाई से जमशेदपुर स्ट्रॉन्ग हो जाएगा। भविष्य में स्टेट मीटिंग्स, जॉइंट प्रोटेस्ट्स।
छात्र संगठनों का महत्व क्यों जरूरी हैं कॉलेज में?
कॉलेज लाइफ में स्टूडेंट यूनियन वॉइस देती। AISF जैसे संगठन डेमोक्रेसी सिखाते।
- राइट्स प्रोटेक्शन: एडमिन के खिलाफ।
- स्किल डेवलपमेंट: लीडरशिप, पब्लिक स्पीकिंग।
- सोशल चेंज: जाति, जेंडर इश्यूज।
- नेटवर्किंग: फ्यूचर कनेक्शन्स।
AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन युवाओं को एक्टिव बनाएगा।
अन्य कॉलेजेस से तुलना LBSM की नई शुरुआत
| कॉलेज | संगठन | इकाई उम्र | एक्टिविटी |
|---|
| कॉलेज | संगठन | इकाई उम्र | एक्टिविटी |
|---|---|---|---|
| LBSM | AISF | नई | हाई |
| अन्य | ABVP/NSUI | पुरानी | मीडियम |
| एज | फ्रेश | ग्रोथ | पोटेंशियल |
AISF कार्यालय में बैठक, LBSM कॉलेज इकाई का गठन छात्र पावर को बूस्ट करेगा। नई टीम छात्रों की आवाज बनेगी। LBSM में बदलाव आएंगे। AISF को सपोर्ट करो, अपनी कॉलेज यूनियन जॉइन करो।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डॉ. एस. एन. सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, कौशल विकास और उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि शिक्षकों और प्रशिक्षण टीम ने छात्रों को इंटरव्यू और प्लेसमेंट प्रक्रिया के लिए बेहतर तरीके से तैयार किया। सभी चयनित छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों और संस्थान को देते हुए कहा कि यह उनके करियर की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणादायक साबित होगी।











