
मानगो: राष्ट्रकवि गुरुदेव Rabindranath टैगोर की 165वीं जयंती पर झारखंड के मानगो क्षेत्र में एक शानदार सांस्कृतिक धमाल होने वाला है। मानगो बंगभाषी बांग्ला भाषा मंच द्वारा सुभाष पार्क, डिमना रोड में शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक यह भव्य कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। यह आयोजन 2025 से शुरू हुआ था और इस साल भी हर्षोल्लास से भरा होगा। बंगाली समाज की संस्कृति, नृत्य, संगीत और परंपराओं का यह जश्न न सिर्फ टैगोर जी को श्रद्धांजलि देगा, बल्कि मानगो के 50,000 से ज्यादा बंगभाषी परिवारों को एकजुट करेगा। अगर आप बंगाली संस्कृति के शौकीन हैं, तो यह कार्यक्रम आपके लिए न छोड़ने वाला है। आइए, इसकी पूरी डिटेल्स जानते हैं।

कार्यक्रम का विवरण समय स्थान और मुख्य आकर्षण
यह सांस्कृतिक कार्यक्रम सुभाष पार्क, डिमना रोड, मानगो में होगा। समय है संध्या 6:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक। शुरुआत रंगारंग प्रस्तुतियों से होगी बंगाली पारंपरिक नृत्य, संगीत, और छोटे बच्चों के प्यारे डांस व गाने। गुरुदेव Rabindranath टैगोर की कविताओं पर आधारित प्रस्तुतियां भी होंगी, जो उनकी रचनाओं को जीवंत करेंगी। सभी लोग पारंपरिक बंगाली वेशभूषा में आएंगे—महिलाएं शाड़ी में, पुरुष धोती-कुर्ता में। माहौल ऐसा होगा जैसे कोलकाता का कोई उत्सव मानगो पहुंच गया हो!
कार्यक्रम में आकर्षक स्पॉटलाइट्स, स्टेज शो और सांस्कृतिक झलकियां होंगी। बच्चे अपनी मासूमियत से दिल जीत लेंगे। यह न सिर्फ मनोरंजन देगा, बल्कि बंगाली संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाएगा। मानगो जैसे क्षेत्र में जहां बंगाली समुदाय मजबूत है, यह आयोजन उनकी पहचान को मजबूत करेगा।
मुख्य अतिथि और सम्मान समारोह वीआईपी उपस्थिति
कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने के लिए मुख्य अतिथि प्रथम मेयर, मानगो नगर निगम, श्रीमती सुधा गुप्ता जी रहेंगी। विशिष्ट अतिथि के रूप में झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक श्री बन्ना गुप्ता जी आएंगे। इन दोनों की मौजूदगी से कार्यक्रम और भी गरिमामय बनेगा। इसके अलावा, निर्वाचित बंग समाज के वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया जाएगा। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह और प्रतीक चिन्ह भेंट किए जाएंगे।
यह सम्मान समारोह बंगाली समाज के योगदान को रेखांकित करेगा। मेयर सुधा गुप्ता जी जैसे नेता स्थानीय विकास में योगदान देते हैं, जबकि बन्ना गुप्ता जी का राजनीतिक अनुभव प्रेरणा देगा। ऐसे आयोजन समाज को मजबूत बनाते हैं।
आयोजन समिति समर्पित टीम का परिचय
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए एक मजबूत समिति गठित की गई है। यह टीम न सिर्फ इस जयंती को मना रही है, बल्कि भविष्य के कार्यक्रमों की भी योजना बना रही है। समिति के सदस्य इस प्रकार हैं:
- Chief Patron: Bishwajit Mandal
- Patron: Santosh Poddar & Jivan Singh Deo
- Chairman: प्रकाश मुखर्जी
- Vice Chairman: राकेश दास
- President: एस. एन. पाल
- Secretary: असित भट्टाचार्य
- Vice President: जिशु / जहर / बबलू
- Treasurer: अनन्त कुंडू
- Executive Members: समिति के अन्य सदस्यगण
यह समिति बंगाली समाज की आवाज है। वे रक्तदान शिविर, नशा मुक्ति अभियान, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच शिविर और नववर्ष समारोह जैसे कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन प्रयासों से मानगो का बंगाली समुदाय और मजबूत होगा।
समिति के भविष्य के प्लान
समिति का विजन व्यापक है। रक्तदान से स्वास्थ्य, वृक्षारोपण से पर्यावरण, नशा मुक्ति से समाज सुधार। ये आयोजन बंगाली संस्कृति को आधुनिक मुद्दों से जोड़ेंगे।
गुरुदेव Rabindranath टैगोर की जयंती का महत्व बंगाली संस्कृति की धरोहर
गुरुदेव Rabindranath टैगोर सिर्फ कवि नहीं, बल्कि बंगाली संस्कृति के प्रतीक हैं। उनकी 165वीं जयंती पर यह कार्यक्रम उनकी रचनाओं—गीतांजलि, गीतबितान—को याद कराएगा। टैगोर जी ने कहा था, “संस्कृति वह है जो हमें जोड़े रखे।” मानगो के बंगभाषी परिवार यही कर रहे हैं। यहां 50,000 से ज्यादा परिवार रहते हैं, जो अपनी भाषा, परंपराओं के प्रति समर्पित हैं।
ऐसे आयोजन प्रवासी बंगालियों को अपनी जड़ों से जोड़ते हैं। झारखंड जैसे राज्य में जहां विविधता है, यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता का संदेश देगा। टैगोर जी की जयंती पर नृत्य-संगीत से उनकी आत्मा को श्रद्धांजलि।
Rabindranath टैगोर जी की विरासत और बंगाली समाज
टैगोर ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर शिक्षा तक योगदान दिया। शांतिनिकेतन उनकी देन है। मानगो में यह जयंती उनकी विचारधारा को जीवित रखेगी।
मानगो का बंगाली समुदाय संख्या, संस्कृति और योगदान
मानगो, जमशेदपुर के पास स्थित यह क्षेत्र बंगाली संस्कृति का केंद्र है। लगभग 50,000 बंगभाषी परिवार यहां बसते हैं। वे दुर्गा पूजा, सरस्वती पूजा बड़े धूमधाम से मनाते हैं। लेकिन टैगोर जयंती खास है यह बौद्धिक और सांस्कृतिक उत्सव है।
ये परिवार व्यापार, शिक्षा और समाज सेवा में सक्रिय हैं। मानगो बंगभाषी बांग्ला भाषा मंच” जैसे संगठन उनकी एकता का प्रतीक हैं। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को बंगाली भाषा सिखाएगा, जो विलुप्ति के कगार पर है। स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी इनका योगदान बड़ा है।

बंगाली संस्कृति के तत्व कार्यक्रम में
नृत्य जैसे रास, कत्थक; संगीत में रबिंद्र संगीत; और नाटक टैगोर की कहानियों पर। बच्चे भाग लेंगे, जो संस्कृति की निरंतरता सुनिश्चित करेगा।
भाग लेने के टिप्स और अपील
सभी बंगाली भाइयों-बहनों से अपील है पारंपरिक परिधान में आइए। पार्क में पार्किंग की व्यवस्था होगी। परिवार संग आकर जश्न मनाएं। गैर-बंगाली दोस्त भी स्वागत हैं टैगोर सबके हैं। मौसम अच्छा रहेगा, तो रात भर का मजा लें।
गुरुदेव Rabindranath टैगोर की 165वीं जयंती पर मानगो का यह भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम बंगाली समाज की एकता और समर्पण को दिखाएगा। “मानगो बंगभाषी बांग्ला भाषा मंच” द्वारा आयोजित यह उत्सव न सिर्फ टैगोर जी को याद कराएगा, बल्कि सामाजिक कार्यों की नई शुरुआत भी करेगा। आइए, सब मिलकर पार्क में जुटें और संस्कृति का जश्न मनाएं। टैगोर जी की तरह हम भी जिएं—प्रेम, संगीत और एकता से। मानगो बंगाली समाज को सलाम! अधिक जानकारी के लिए समिति से संपर्क करें।















