
जमशेदपुर के Parsudih थाने से एक बड़ी खबर आ रही है। धारा 87 बीएनएस के तहत शादी के नाम पर लड़की भगाने के आरोपी सचिन शर्मा को गुजरात के सूरत से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह मामला हरहरगुटू किताडीह पश्चिम का है, जहां सत्य नारायण प्रसाद ने अपने लिखित आवेदन पर यह प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आज हम इसी घटना की पूरी कहानी, आरोपी की डिटेल्स, पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पहलुओं पर विस्तार से बात करेंगे। अगर आप जमशेदपुर या झारखंड की क्राइम न्यूज फॉलो करते हैं, तो यह खबर आपके लिए खास है। चलिए, शुरू से समझते हैं कि धारा 87 बीएनएस के तहत भगाने के आरोपी सचिन शर्मा गिरफ्तार कैसे हुआ।

Parsudih थाने में दर्ज हुई प्राथमिकी की पूरी कहानी
यह मामला 5 अप्रैल 2025 को शुरू हुआ, जब सिद्धिनाथ प्रसाद (उम्र लगभग 49 वर्ष) ने Parsudih थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी सचिन शर्मा ने उनकी बेटी को शादी का लालच देकर भगा लिया। थाना कांड संख्या 39/25 के तहत धारा 87 बीएनएस में प्राथमिकी दर्ज की गई। बीएनएस यानी भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita), जो पुरानी आईपीसी की जगह ले चुकी है। धारा 87 इस संहिता में अपहरण और भगाने से जुड़े अपराधों को कवर करती है, खासकर जब कोई महिला को शादी के बहाने ले जाता है।
सत्य नारायण प्रसाद, जो हरहरगुटू किताडीह पश्चिम (थाना परसुडीह, जिला पूर्वी सिंहभूम, जमशेदपुर) के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने परिवार को धोखा दिया। पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन आरोपी फरार हो गया। कई महीनों की मशक्कत के बाद, 21 मार्च 2026 को गुजरात के सूरत से सचिन शर्मा और अपहृत लड़की को बरामद किया गया। दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर जमशेदपुर लाया गया और कोर्ट में पेश किया गया। इस कार्रवाई में आरोपी के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया, जो घटना में इस्तेमाल हुआ था।
यह घटना झारखंड में बढ़ते लव जिहाद और भगाने के मामलों का एक उदाहरण है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने सोशल मीडिया और फोन के जरिए संपर्क किया था। मोबाइल से चैट्स और कॉल डिटेल्स मिलने से केस मजबूत हो गया है।
आरोपी सचिन शर्मा की पूरी जानकारी
सचिन शर्मा, उम्र लगभग 24 वर्ष, पिता पवन शर्मा का बेटा है। उसका वर्तमान पता है – प्लॉट नंबर 120, संतोषी भवन, सूरत सिटी, जमुना पार्क सोसाईटी, गली नंबर 04, नवागम, थाना सिंदरौली, सूरत, गुजरात। स्थायी पता – बोहरे का पूरा, कैमरा कलन, थाना टेंटरा, जिला मुरैना, मध्य प्रदेश।

आरोपी मूल रूप से मध्य प्रदेश का रहने वाला है, लेकिन सूरत में रहकर काम करता था। पुलिस को शक है कि वह कई लड़कियों को निशाना बनाता रहा हो। गिरफ्तारी के समय वह अपहृत लड़की के साथ सूरत में छिपा हुआ था। धारा 87 बीएनएस के तहत भगाने के आरोपी सचिन शर्मा अब न्यायिक हिरासत में है। उसकी तलाशी में कोई हथियार नहीं मिला, लेकिन मोबाइल फोन से कई सबूत हाथ लगे।
Parsudih गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम
इस सफल ऑपरेशन में Parsudih थाने की एक सक्रिय टीम ने भूमिका निभाई:
- अविनाश कुमार, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी परसुडीह
- पुलिस असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर रितेश कुमार
- आरक्षक 1612 सुधीर कुमार
- महिला आरक्षक 1271 रानी पुरती
टीम ने गुजरात पुलिस के साथ समन्वय करके छापेमारी की। यह अंतरराज्यीय ऑपरेशन था, जो पुलिस की क्षमता को दर्शाता है।
धारा 87 बीएनएस क्या कहती है? कानूनी पहलू समझिए
बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) 2023 में लागू हुई, जो पुरानी आईपीसी को रिप्लेस करती है। धारा 87 बीएनएस अपहरण से जुड़ी है, खासकर जब कोई महिला को धोखे से या शादी के लालच में भगाता है। इसमें सजा 7 साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। अगर मामला नाबालिग लड़की का हो, तो सजा और सख्त।
इस धारा के तहत मुख्य बिंदु:
- महिला को स्वेच्छा से भले ही ले जाएं, लेकिन परिवार की सहमति न हो तो अपराध।
- शादी का झूठा वादा या धोखा साबित होने पर केस मजबूत।
- मोबाइल, मैसेज जैसे डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण।
सचिन शर्मा के केस में मोबाइल जब्त होना बड़ा सबूत है। कोर्ट ट्रांजिट रिमांड दे चुका है, अब पूछताछ होगी। ऐसे मामलों में परिवार की शिकायत पर तुरंत एक्शन जरूरी, वरना आरोपी भाग जाते हैं। झारखंड पुलिस ने साइबर सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक की।
जमशेदपुर में भगाने के मामले क्यों बढ़ रहे हैं?
पूर्वी सिंहभूम जिले में Parsudih , हरहरगुटू जैसे इलाकों में फैक्ट्रियां हैं, मजदूर आते हैं। बाहर से लोग आकर सोशल मीडिया पर लड़कियों को फंसाते हैं। धारा 87 बीएनएस के तहत भगाने के आरोपी जैसे सचिन शर्मा केस आम हो गए हैं।
इसका कारण निन्मलिखित है
- सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल।
- आर्थिक लालच या झूठी शादी का वादा।
- परिवारों की निगरानी की कमी।
पुलिस अपील कर रही है – बच्चों को सतर्क रहने को कहें। हेल्पलाइन 181 या 100 पर कॉल करें। यह केस दूसरों के लिए चेतावनी है।
जप्त सामान और सबूतों की डिटेल
- एक एंड्रॉयड मोबाइल (घटना में इस्तेमाल)।
यह फोन कॉल रिकॉर्ड्स, मैसेज और लोकेशन डेटा देगा। फॉरेंसिक जांच होगी।
भगाने के मामलों से बचाव के उपाय
परिवार ऐसे केसों से बचने के लिए:
- बच्चों के फोन चेक करें।
- अनजान लोगों से मिलने पर रोक।
- पुलिस को तुरंत सूचना दें।
- साइबर सिक्योरिटी सीखें।
झारखंड सरकार महिला हेल्पलाइन चला रही है। धारा 87 बीएनएस जैसे कानून सख्त हैं, आरोपी बच नहीं सकते।
धारा 87 बीएनएस के तहत भगाने के आरोपी सचिन शर्मा गिरफ्तार होना पुलिस की जीत है। यह केस सिखाता है कि अपराधी कितना भी दूर भागें, कानून पकड़ लेता है। Parsudih थाने की टीम बधाई। परिवार सुरक्षित रहें, सतर्क रहें। अगर आपके इलाके में ऐसा कुछ हो, तो देर न करें – पुलिस से संपर्क करें।










