जमशेदपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), जमशेदपुर, गणित विभाग द्वारा “Algebra और Fluid Dynamics पर पाँच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन कार्यशाला (IWAFD-2025)” का शुभारंभ 21 अक्टूबर 2025 को किया गया। यह कार्यशाला 25 अक्टूबर 2025 तक आयोजित की जाएगी।
इस कार्यशाला की खासियत यह है कि यह सभी प्रतिभागियों के लिए पूर्णतः निःशुल्क है, ताकि हर कोई बिना किसी शुल्क के Algebra और Fluid Dynamics के मूल सिद्धांतों को सीख सके और समझ सके। इस कार्यशाला में 541 प्रतिभागियों ने भारत और विदेशों से पंजीकरण कराया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, प्रो. विजय पी. सिंह, Distinguished Professor एवं Regents Professor, Caroline & William N. Lehrer Distinguished Chair in Water Engineering, Texas A&M University, USA, ने अपने उद्बोधन में कहा कि “गणित सभी विज्ञानों की जननी है।”
उन्होंने बताया कि गणित का गहरा संबंध surface-water hydrology, groundwater hydrology, hydraulics तथा irrigation engineering से है और ये सभी क्षेत्र Algebra और Fluid Dynamics के सिद्धांतों पर आधारित हैं।

Guest of Honour, प्रो. शिव दत्त कुमार, ने Algebra के अनुप्रयोग, विशेष रूप से Lie Algebra के Partial Differential Equations (PDEs) में उपयोग पर प्रकाश डाला और प्रतिभागियों को प्रेरित किया कि वे Algebra के बहुआयामी अनुप्रयोगों का अध्ययन करें।
दूसरे Guest of Honour, प्रो. ए. के. मिश्रा (IMSc चेन्नई), ने Machine Learning पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया और बताया कि आधुनिक संगणनात्मक तकनीकें Algebra और Fluid Dynamics के सिद्धांतों पर गहराई से आधारित हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर ने अपने संबोधन में कहा कि “गणित एक अनिवार्य और संवेदनशील विषय है” और इस कार्यशाला को अभियांत्रिकी, शुद्ध एवं अनुप्रयुक्त गणित और चिकित्सा विज्ञानों को जोड़ने वाला एक अद्वितीय संगम बताया।
संयोजक डॉ. रत्नेश कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि इस कार्यशाला के लिए 541 प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि “Algebra और Fluid Dynamics मिलकर अमूर्त तर्क और भौतिक वास्तविकता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का निर्माण करते हैं, जिससे मॉडलिंग, संगणन और अनुप्रयुक्त विज्ञानों में नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है।”
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कार्यशाला का निःशुल्क और खुला स्वरूप एन.आई.टी. जमशेदपुर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुसंधान को सभी तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान उप-निदेशक, Dean (Research & Consultancy), गणित विभागाध्यक्ष, तथा संस्थान के अनेक प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे और अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम का समापन समन्वयक डॉ. स्नेहाशीस कुंडु द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी विशिष्ट अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।













