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श्रीनाथ विश्वविद्यालय में ICSRI-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ 15-16 अक्टूबर को जुटेंगे दुनिया भर के शोधकर्ता

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On: May 18, 2026 4:20 PM
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झारखंड: के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान श्रीनाथ विश्वविद्यालय ICSRI-2026 ने एक बार फिर शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन सस्टेनेबल रिसर्च एंड इनोवेशंस (ICSRI-2026)” का भव्य उद्घाटन समारोह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। यह बहुप्रतीक्षित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आगामी 15 एवं 16 अक्टूबर 2026 को आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश के वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद् एवं छात्र भाग लेंगे।

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यह सम्मेलन केवल एक शैक्षणिक आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर शोध सहयोग, तकनीकी नवाचार और सतत विकास को बढ़ावा देने वाला मंच साबित होने जा रहा है। सम्मेलन के माध्यम से नई तकनीकों, औद्योगिक चुनौतियों और शोध आधारित समाधानों पर व्यापक चर्चा होगी।

उद्घाटन समारोह में उपस्थित रहे विश्वविद्यालय के प्रमुख पदाधिकारी

ICSRI-2026 के उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में मुख्य रूप से शंभू संध्या एजुकेशनल ट्रस्ट की माननीय ट्रस्टी सदस्य श्रीमती अनीता महतो, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. एस. एन. सिंह, कुलसचिव डॉ. यह्या मजूमदार, स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रमुख श्री शशिकांत महतो समेत अन्य वरिष्ठ शिक्षाविद् और अधिकारी उपस्थित रहे।

सभी अतिथियों ने सम्मेलन को लेकर उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजन छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए वैश्विक मंच तैयार करते हैं। इससे न केवल ज्ञान का आदान-प्रदान होता है, बल्कि नई तकनीकी सोच और शोध की संभावनाएं भी विकसित होती हैं।

अनुभवी शिक्षाविदों को मिली सम्मेलन की जिम्मेदारी

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के संयोजक के रूप में असिस्टेंट डीन रिसर्च डॉ. सैलेश सरांगी एवं मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. कमलेंद्र विक्रम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं सह-संयोजक के रूप में डॉ. सूर्य प्रताप सिंह, डॉ. प्रीति साहू तथा डॉ. वसीम अकरम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

आयोजन समिति ने बताया कि सम्मेलन की तैयारी व्यापक स्तर पर की जा रही है ताकि प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान किया जा सके। विश्वविद्यालय परिसर में तकनीकी सत्र, शोध प्रस्तुतियां, विशेषज्ञ व्याख्यान एवं नेटवर्किंग गतिविधियां आयोजित होंगी।

ICSRI-2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि ICSRI-2026 का प्रमुख उद्देश्य वैश्विक स्तर पर शोध सहयोग को मजबूत करना और उभरती तकनीकों के माध्यम से सतत विकास को नई दिशा देना है। सम्मेलन के जरिए निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा:

  • अंतरराष्ट्रीय शोध सहयोग को बढ़ावा देना
  • नई तकनीकों और औद्योगिक चुनौतियों पर चर्चा
  • सतत विकास आधारित शोध को प्रोत्साहित करना
  • उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय स्थापित करना
  • युवा शोधकर्ताओं और छात्रों को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना

इस सम्मेलन में इंजीनियरिंग, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।

एआई आधारित स्पेस रोबोटिक्स समेत कई आधुनिक विषय होंगे चर्चा का केंद्र

ICSRI-2026 सम्मेलन को विशेष बनाने वाले इसके अत्याधुनिक शोध विषय हैं। सम्मेलन में जिन प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी, उनमें शामिल हैं:

1. एआई आधारित स्पेस रोबोटिक्स

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित रोबोटिक्स भविष्य की अंतरिक्ष तकनीकों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। सम्मेलन में अंतरिक्ष अनुसंधान, रोबोटिक ऑटोमेशन और स्मार्ट सिस्टम्स पर गहन चर्चा होगी।

2. एडवांस कंपोजिट मैटेरियल्स

उद्योगों में उपयोग होने वाले आधुनिक कंपोजिट मैटेरियल्स की मजबूती, टिकाऊपन और पर्यावरणीय प्रभाव पर विशेषज्ञ अपने शोध साझा करेंगे।

3. सस्टेनेबल ट्राइबोलॉजिकल सिस्टम्स

ऊर्जा दक्षता और मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए ट्राइबोलॉजी आधारित शोध आज बेहद महत्वपूर्ण बन चुका है। सम्मेलन में इस क्षेत्र की नवीन तकनीकों और अनुसंधानों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

विदेशों से आएंगे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय वक्ता

ICSRI-2026 की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल होने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ हैं। सम्मेलन में दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों से विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेंगे।

अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में शामिल हैं:

  • क्रोएशिया के यूनिवर्सिटी ऑफ स्लावोंस्की ब्रॉड के प्रो. डॉ. ड्राजन कोजाक
  • साइप्रस के ईस्टर्न मेडिटेरेनियन यूनिवर्सिटी के डॉ. बाबक सफई

इन विशेषज्ञों द्वारा अत्याधुनिक तकनीकों, वैश्विक शोध प्रवृत्तियों और औद्योगिक विकास से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दिए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ भी करेंगे संबोधित

सम्मेलन में देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों के प्रतिष्ठित प्रोफेसर और वैज्ञानिक भी भाग लेंगे। राष्ट्रीय स्तर के मुख्य वक्ताओं में शामिल हैं:

  • एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के रिसर्च प्रोफेसर डॉ. शुभब्रत दत्ता
  • मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र कुमार कटियार
  • राजलक्ष्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, चेन्नई के डॉ. कनक कलिता
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर के प्रो. संजय
  • एनआईटी सिलचर के डॉ. प्रसून मंडल
  • एशियन डेवलपमेंट रिसर्च इंस्टीट्यूट, पटना के जियोस्पेशियल वैज्ञानिक डॉ. अर्पण शर्मा

इन सभी विशेषज्ञों की उपस्थिति सम्मेलन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी।

स्कोपस एवं SCI इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशित होंगे शोध पत्र

सम्मेलन से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह है कि इसमें प्रस्तुत किए जाने वाले उत्कृष्ट शोध पत्रों को स्कोपस एवं SCI इंडेक्स्ड जर्नल्स में प्रकाशित किया जाएगा। इससे शोधकर्ताओं और छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अवसर मिलेगा।

डॉ. सैलेश सरांगी एवं डॉ. कमलेंद्र विक्रम ने बताया कि सम्मेलन में शोध गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। शोध पत्रों की समीक्षा विशेषज्ञ समिति द्वारा की जाएगी ताकि उच्च गुणवत्ता वाले शोध को वैश्विक मंच मिल सके।

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एब्स्ट्रैक्ट और शोध पत्र जमा करने की महत्वपूर्ण तिथियां

सम्मेलन में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागियों के लिए आयोजकों ने महत्वपूर्ण तिथियों की घोषणा भी की है।

महत्वपूर्ण तिथियां इस प्रकार हैं

प्रक्रियातिथि
एब्स्ट्रैक्ट जमा करने की अंतिम तिथि15 जुलाई 2026
पूर्ण शोध पत्र जमा करने की अंतिम तिथि25 सितंबर 2026
पंजीकरण प्रक्रिया5 जून से 15 सितंबर 2026

प्रतिभागी फिलहाल अपने एब्स्ट्रैक्ट icsri2026@srinathuniversity.ac.in पर भेज सकते हैं।

छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए सुनहरा अवसर

ICSRI-2026 केवल वरिष्ठ वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों के लिए नहीं, बल्कि छात्रों और युवा शोधकर्ताओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा। सम्मेलन के माध्यम से छात्रों को:

  • अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीखने का अवसर मिलेगा
  • अपने शोध को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा
  • उद्योग और अकादमिक जगत के विशेषज्ञों से नेटवर्किंग करने का अवसर प्राप्त होगा
  • नई तकनीकों और शोध प्रवृत्तियों की जानकारी मिलेगी

यह आयोजन युवाओं को शोध और नवाचार की दिशा में प्रेरित करेगा।

श्रीनाथ विश्वविद्यालय बना शोध और नवाचार का उभरता केंद्र

पिछले कुछ वर्षों में श्रीनाथ विश्वविद्यालय ने तकनीकी शिक्षा, रिसर्च और नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विश्वविद्यालय लगातार ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है जो छात्रों को वैश्विक स्तर की शिक्षा और शोध अवसर प्रदान करते हैं।

ICSRI-2026 जैसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय की बढ़ती शैक्षणिक प्रतिष्ठा को दर्शाते हैं। इससे न केवल विश्वविद्यालय की पहचान मजबूत होगी, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर तकनीकी और शोध वातावरण को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

ICSRI-2026 से तकनीकी शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

आज के समय में जब पूरी दुनिया सतत विकास, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों की ओर तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में ICSRI-2026 जैसे सम्मेलन भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह सम्मेलन शोध, तकनीक और नवाचार को जोड़ते हुए वैश्विक स्तर पर ज्ञान साझेदारी को मजबूत करेगा। श्रीनाथ विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित यह आयोजन निश्चित रूप से शिक्षा और शोध जगत में नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

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