बिजनौर की घटना से लोगों में डर, फलों में कैमिकल इस्तेमाल की आशंका
Health Crime: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के शेरनगर नरैका गांव में तरबूज खाने के बाद एक ही परिवार के तीन लोगों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इस घटना में 22 वर्षीय युवती मुस्कान की मौत हो गई, जबकि उसके माता-पिता की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और चिंता का माहौल है।
🍉 तरबूज खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी डॉ. जियाउल रहमान बाजार से तरबूज खरीदकर घर लाए थे। उन्होंने अपनी पत्नी और बेटी मुस्कान के साथ तरबूज खाया। परिवार के लोगों का कहना है कि तरबूज खाने के कुछ ही देर बाद तीनों को पेट दर्द, उल्टी और घबराहट जैसी समस्याएं होने लगीं।
शुरुआत में परिवार वालों को लगा कि सामान्य तबीयत खराब हुई है, लेकिन धीरे-धीरे हालत ज्यादा बिगड़ने लगी। खासकर मुस्कान की स्थिति तेजी से खराब हुई, जिसके बाद परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर रवाना हुए।

😢 अस्पताल पहुंचने से पहले युवती की मौत
परिजन मुस्कान को अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मुस्कान की उम्र करीब 22 वर्ष बताई जा रही है। बताया गया कि हाल ही में उसका निकाह तय हुआ था और घर में शादी की तैयारियों का माहौल था। परिवार में खुशियां थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे घर को मातम में बदल दिया।
मुस्कान की मौत के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। आसपास के लोग भी इस घटना से हैरान हैं और बाजार से फल खरीदने को लेकर चिंता जता रहे हैं।
🚑 स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पहुंची मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। मुस्कान के माता-पिता को बिजनौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुलिस ने मुस्कान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि परिवार के कुछ लोग पोस्टमार्टम को लेकर सहमत नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।
⚠️ फूड पॉइजनिंग और कैमिकल की आशंका
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि तरबूज में किसी प्रकार के रसायन, कीटनाशक या इंजेक्शन का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। कई बार फलों को जल्दी पकाने, अधिक लाल दिखाने और वजन बढ़ाने के लिए खतरनाक कैमिकल का उपयोग किया जाता है। यही पदार्थ शरीर में जाने के बाद गंभीर बीमारी या फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में कुछ व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए फलों और सब्जियों में रंग, दवाइयों और इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं। यह धीरे-धीरे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
🩺 लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी
डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका कहना है कि फल खरीदने से पहले उसकी अच्छी तरह जांच करें। बहुत ज्यादा चमकीले, असामान्य रूप से लाल या इंजेक्शन के निशान वाले फल खरीदने से बचें।
फल खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना जरूरी है। तरबूज जैसे फलों को काटने से पहले कुछ समय तक पानी में रखने की भी सलाह दी गई है। यदि कोई फल खाने के बाद उल्टी, पेट दर्द या घबराहट महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
📢 बाजार में फलों और सब्जियों की जांच की मांग
इस घटना के बाद लोगों ने बाजार में बिक रहे फलों और सब्जियों की जांच कराने की मांग उठाई है। लगातार यह शिकायतें सामने आती रही हैं कि कई जगहों पर कैमिकल, रंग और इंजेक्शन का इस्तेमाल कर फलों को जल्दी बड़ा, भारी और आकर्षक बनाया जाता है।
ऐसे कैमिकल और दवाइयां मानव शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक साबित हो सकती हैं। बाजार में मिल रहे फल और सब्जियों की नियमित जांच होनी चाहिए। कैमिकल, रंग और उनको रंगीन, जल्दी बड़ा और भारी करने के लिए दवाइयां व सुइयों का तेजी से उपयोग मनुष्य शरीर के लिए नुकसानदायक है। इस पर जल्द कार्रवाई करने की जरूरत है।
















