जमशेदपुर | आज़ादनगर थाना क्षेत्र में दर्ज की गई चोरी की एक घटना का पुलिस ने त्वरित अनुसंधान कर पर्दाफाश कर दिया। आश्चर्यजनक रूप से यह चोरी किसी अज्ञात चोर ने नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता खुद वादी वकार अहमद ने ही की थी। आर्थिक तंगी से परेशान होकर उसने अपने घर में चोरी होने का नकली ड्रामा रच डाला।
कैसे हुआ पूरा मामला?
23 नवंबर 2025 को वादी वकार अहमद ने थाना में आवेदन देकर बताया कि उनके घर में 1 नवंबर 2025 की रात अज्ञात चोर ने सोने के आभूषण चुरा लिए। चोरी किए जाने का दावा किए गए सामान:
- सोने की एक चैन
- चार सोने की कानबाली
- सोने की एक अंगूठी
आवेदन की गंभीरता को देखते हुए आज़ादनगर थाना कांड संख्या 89/2025 दिनांक 23.11.2025 धारा 305/331(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर अनुसन्धान शुरू किया गया।
पुलिस की तेज़ कार्रवाई—वादी ही निकला ‘चोर’
नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर
पुलिस उपाधीक्षक (पटमदा) श्री बच्चनदेव कुजूर के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई।
टीम ने वादी को संरक्षण में लेकर जब गहन पूछताछ शुरू की, तो वह टूट गया और अपने ही अपराध को कबूल कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया—
“घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी, भारी तनाव में था। 22 नवंबर की रात परिवार के सो जाने पर मैंने ही आभूषण छुपा दिए और बचने के लिए अपने घर में चोरी होने की झूठी कहानी बनाईं।”
इस प्रकार पुलिस ने यह स्पष्ट कर दिया कि घर में कोई चोरी हुई ही नहीं थी।
बरामद सामान
वादीकर्ता की स्वीकारोक्ति और निशानदेही पर पुलिस ने सभी सामान बरामद कर लिए:
- सोने की एक चैन
- चार सोने की कानबाली
- सोने की एक अंगूठी
छापामारी दल के सदस्य
- श्री बच्चनदेव कुजूर, पुलिस उपाधीक्षक, पटमदा
- चन्दन कुमार, पु.नि.-सह-थाना प्रभारी, आज़ादनगर
- पु.अ.नि. लिवन लकड़ा
- पु.अ.नि. पवन कुमार
- पु.अ.नि. श्रीकांत कुमार
- पु.अ.नि. साबीर हुसैन
- स.अ.नि. अमरेन्द्र त्रिपाठी
- आरक्षी 20 राम किशोर
यह मामला पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्यवाही का उदाहरण है। गहन पूछताछ से यह स्पष्ट हो गया कि शिकायतकर्ता ने ही आर्थिक संकट में फँसकर झूठी FIR दर्ज कराई थी। पुलिस ने पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने लाते हुए चोरी का नाटक रचने वाले वादी से आभूषण बरामद कर लिए।













