
जमशेदपुर: NIT Jamshedpur ने 11 अप्रैल 2026 को “सामाजिक दायित्व एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर एक प्रेरक विशेषज्ञ संवाद आयोजित किया, जो छात्रों के लिए सोच और समाज सेवा का एक नया आयाम लेकर आया। इस कार्यक्रम ने यह साबित किया कि शिक्षा सिर्फ़ पास होने और डिग्री लेने तक नहीं, बल्कि समाज की ज़रूरतों से जुड़ने तक होनी चाहिए।

- मुख्य वक्ता डॉ. रणजीत प्रसाद ने क्या‑क्या संदेश दिए,
- युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता के लिए किस तरह प्रेरित किया गया,
- इस संवाद ने छात्रों में व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना कैसे जगाई।
NIT कार्यक्रम का उद्देश्य और आयोजन
राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), NIT Jamshedpur ने आज एक महत्वपूर्ण विशेषज्ञ संवाद का आयोजन किया, जिसका विषय था “सामाजिक दायित्व एवं व्यक्तित्व विकास”। यह कार्यक्रम युवाओं को तकनीकी ज्ञान के साथ‑साथ सामाजिक जागरूकता और व्यक्तित्व के विकास के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से था।
कार्यक्रम का समन्वयन विद्यार्थी संयोजक निर्मल निरंजन पाटिल, NSS, NIT Jamshedpur द्वारा किया गया था, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को आसानी से चलाया। बड़ी संख्या में छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया और विचार‑मंथन में उत्साह दिखाया।

मुख्य वक्ता डॉ. रणजीत प्रसाद शिक्षा का नया मैसेज
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. रणजीत प्रसाद, पूर्व प्राध्यापक, NIT Jamshedpur थे। उन्होंने युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, बल्कि समाज की ज़रूरतों और जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ने की एक ज़िम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थी जब गांवों, किसानों, कारीगरों और लघु‑मध्यम उद्योगों से जुड़ते हैं, तो वे असली चुनौतियों को समझ सकते हैं और तकनीकी ज्ञान के ज़रिए समाधान खोज सकते हैं। उन्होंने “जड़ों से जुड़े रहकर ही आसमान की ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है” जैसा प्रेरक उपदेश दिया।
कार्यक्रम में विशेष उपस्थित अतिथि
कार्यक्रम में डॉ. जयेन्द्र कुमार, प्रोग्राम कॉऑर्डिनेटर, NSS, और डॉ. नवीन कुमार वेलदुर्थी, प्रभारी, गो ग्रीन क्लब, ने भी भाग लिया। उन्होंने युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जुड़कर राष्ट्र निर्माण में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।
एनआईटी जमशेदपुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) ने 11 अप्रैल 2026 को “सामाजिक दायित्व एवं व्यक्तित्व विकास” विषय पर एक विशेषज्ञ संवाद का आयोजन किया। मुख्य वक्ता डॉ. रणजीत प्रसाद, पूर्व प्राध्यापक, NIT Jamshedpur थे। उन्होंने युवाओं को समझाया कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि समाज की ज़मीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ी होनी चाहिए।

डॉ. प्रसाद ने छात्रों से गांव, किसानों, कारीगरों और लघु‑मध्यम उद्योगों से जुड़कर उनकी चुनौतियों को समझने और तकनीकी ज्ञान से समाधान खोजने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा – “जड़ों से जुड़े रहकर ही आसमान की ऊँचाइयों को छुआ जा सकता है।
डॉ. जयेन्द्र कुमार ने यह भी जोर दिया कि छात्रों को न केवल अपनी तकनीकी पढ़ाई मजबूत करनी चाहिए, बल्कि समाज के लिए नवाचार और आत्मनिर्भरता के लिए भी काम करना ज़रूरी है। डॉ. नवीन कुमार वेलदुर्थी ने यह भी कहा कि इस तरह के संवाद छात्रों को नए सोच और नए दृष्टिकोण के लिए तैयार करते हैं।
NIT संवाद क्यों था इतना महत्वपूर्ण?
NIT सामाजिक दायित्व एवं व्यक्तित्व विकास” पर यह संवाद छात्रों के लिए एक नया रास्ता खोलता है, जिसमें वे न केवल आत्मचिंतन करते हैं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता और समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए प्रेरित होते हैं।

इस संवाद के बाद छात्रों में यह भावना बढ़ गई कि अब उन्हें न केवल राष्ट्र निर्माण में भाग लेना है, बल्कि अपनी ज़िम्मेदारी को भी बढ़ाना है। यह इस तरह के आयोजन के लिए एक बड़ी कामयाबी थी।
NIT विशेषज्ञ संवाद यह दिखाता है कि तकनीकी शिक्षा के साथ‑साथ सामाजिक दायित्व और व्यक्तित्व विकास भी उतना ही ज़रूरी है। छात्रों को अब राष्ट्र निर्माण के लिए ज़िम्मेदारी लेनी है और अपनी ज़िम्मेदारी को बढ़ानी है। NSS जैसे संगठन छात्रों को इस तरह के आयोजन के लिए बेहतर ढांचा दे रहे हैं
NIT कार्यक्रम का समन्वयन विद्यार्थी संयोजक निर्मल निरंजन पाटिल, NSS, NIT Jamshedpur द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता रही।
NIT संवाद विद्यार्थियों में आत्मचिंतन, सामाजिक जिम्मेदारी, नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं समग्र व्यक्तित्व विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।











