
जमशेदपुर: NIT के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजिनियरिंग विभाग ने एकता टेलिकम्यूनिकेशन का औद्योगिक दौरा आयोजित किया। NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए मिला मील का पत्थर साबित हुआ। यहां छात्रों को PCB डिज़ाइन मशीनों, सर्किट डिज़ाइन और सोलर ऑटोमेशन की प्रैक्टिकल जानकारी मिली। आइए, इस सफल दौरे की पूरी कहानी जानें।

NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा आयोजन का उद्देश्य
यह दौरा विभाग के डॉ. अर्जुन कुमार और डॉ. चंद्रदीप सिंह के मार्गदर्शन में हुआ। छात्रों ने एकता टेलिकम्यूनिकेशन के संस्थापक डॉ. नीरज कुमार मिश्रा से मुलाकात की। NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा का मुख्य लक्ष्य अकादमी और इंडस्ट्री के बीच गैप कम करना था। भविष्य की तकनीकों जैसे IoT, सोलर ऑटोमेशन में लैब और फैक्ट्री के सहयोग की जरूरत पर चर्चा हुई।
यह पहल विकसित भारत 2047 के मिशन से जुड़ी है। छात्रों को थ्योरी से प्रैक्टिस जोड़ने का मौका मिला। विभाग और कंपनी भविष्य में जॉइंट प्रोजेक्ट्स पर काम करेंगे, जिससे स्किल डेवलपमेंट होगा।
PCB डिज़ाइन मशीन का प्रत्यक्ष अनुभव छात्रों को क्या-क्या सीखा?
NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा में छात्रों ने PCB (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) डिज़ाइन की पूरी प्रक्रिया देखी। एकता टेलिकम्यूनिकेशन PCB ऑटोमेशन मशीनों का विशेषज्ञ है। छात्रों को सर्किट डिज़ाइन, PCB पर इलेक्ट्रॉनिक एलिमेंट्स (रेजिस्टर, कैपेसिटर, डायोड) लगाने की जानकारी मिली।
सोलर लाइट के ऑटोमेशन पर खास फोकस रहा। कंपनी की टीम ने डेमो दिया – PCB डिज़ाइन सॉफ्टवेयर से लेकर प्रिंटिंग मशीन तक। छात्रों ने सवाल पूछे, शंकाएं सुलझाईं। डॉ. मिश्रा ने कहा – ये दौरे प्रोफेशनल स्किल्स निखारते हैं।
मुख्य हाइलाइट्स
- PCB डिज़ाइन ऑटोमेशन: EAGLE जैसे सॉफ्टवेयर और प्रिंटिंग मशीन।
- सर्किट एलिमेंट्स: SMD, THT कंपोनेंट्स की वायरिंग।
- सोलर ऑटोमेशन: लाइट सिस्टम में PCB का रोल।
- R&D महत्व: इंडस्ट्री में इनोवेशन कैसे होता है।
अकादमी-इंडस्ट्री गैप ब्रिजिंग चर्चा के प्रमुख बिंदु
डॉ. अर्जुन कुमार, डॉ. चंद्रदीप सिंह और डॉ. नीरज मिश्रा की चर्चा महत्वपूर्ण थी। NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा ने साबित किया कि लैब एक्सपेरिमेंट और फैक्ट्री वर्कलोड में समानता है। भविष्य के प्रोजेक्ट्स में पार्टनरशिप से छात्र समाज के लिए इनोवेट करेंगे।
औद्योगिक जगत को R&D की जरूरत। एनआईटी जैसे संस्थान टैलेंट पूल देंगे। यह दौरा मॉडल है – अन्य विभाग भी अपनाएं।
छात्रों के लिए फायदे थ्योरी से प्रैक्टिस तक का सफर
NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा ने छात्रों को कॉलेज लाइफ बदली। लैब में PCB बनाना सिखाया जाता है, लेकिन मशीन पर देखना नया अनुभव। सोलर लाइट प्रोजेक्ट्स में PCB का यूज समझा। व्यवहारिक ज्ञान बढ़ा, इंटरव्यू में कॉन्फिडेंस आएगा।
डॉ. मिश्रा ने आश्वासन दिया – भविष्य में प्रोजेक्ट्स में मदद करेंगे। छात्रों ने कहा – ये दौरा करियर बूस्टर है।
स्किल डेवलपमेंट
- टेक्निकल स्किल्स: PCB डिज़ाइन, सोल्डरिंग।
- सॉफ्ट स्किल्स: टीमवर्क, क्वेश्चनिंग।
- इंडस्ट्री इनसाइट: जॉब मार्केट की डिमांड।
एकता टेलिकम्यूनिकेशन PCB और ऑटोमेशन का हब
एकता टेलिकम्यूनिकेशन जमशेदपुर की प्रमुख कंपनी है। NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा में छात्रों ने देखा – PCB डिज़ाइन से सोलर प्रोडक्ट्स तक रेंज। डॉ. नीरज मिश्रा के लीडरशिप में R&D पर फोकस। कंपनी स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप देगी।
ऐसी कंपनियां स्थानीय इकोसिस्टम मजबूत करती हैं। झारखंड इंडस्ट्री-एजुकेशन हब बनेगा।
विकसित भारत 2047 ऐसी पहलों का योगदान
NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा मिशन विकसित भारत से जुड़ा। 2047 तक भारत टेक सुपरपावर बनेगा। अकादमी-इंडस्ट्री कोलाबोरेशन से:
- स्किल्ड वर्कफोर्स: 10 लाख इंजीनियर्स रेडी।
- इनोवेशन: IoT, सोलर में ब्रेकथ्रू।
- लोकल जॉब्स: जमशेदपुर हब बने।
सरकार को ऐसे दौरे सब्सिडी दे।
अन्य विभागों के लिए प्रेरणा NIT के पिछले दौरे
NIT जमशेदपुर सक्रिय है। मैकेनिकल विभाग ने आधुनिक पावर प्लांट दौरा किया। NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा अन्य विभागों के लिए मिसाल। CSE, Civil भी अपनाएं।
सफलता के टिप्स
- फैकल्टी कोऑर्डिनेशन।
- इंडस्ट्री पार्टनरशिप।
- स्टूडेंट फीडबैक।
- फॉलो-अप प्रोजेक्ट्स।
भविष्य की संभावनाएं जॉइंट प्रोजेक्ट्स
NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा से जॉइंट प्रोजेक्ट्स शुरू होंगे। सोलर PCB, IoT डिवाइसेस पर काम। छात्रों को पेड इंटर्नशिप, प्लेसमेंट। R&D से पेटेंट्स।
NIT जमशेदपुर का एकता टेलिकम्यूनिकेशन औद्योगिक दौरा छात्रों के करियर का टर्निंग पॉइंट है। PCB डिज़ाइन से सोलर तक प्रैक्टिकल नॉलेज मिला। अकादमी-इंडस्ट्री सहयोग से झारखंड टेक हब बनेगा। ऐसे दौरे बढ़ें, छात्र इनोवेट करें। विकसित भारत का सपना यहीं से साकार होगा











