
Eid मिलन का मतलब है सारे गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलना। यह त्योहार न सिर्फ मुसलमानों का, बल्कि पूरे समाज का होता है। आज, 27 मार्च 2026 को जमशेदपुर के एमएसआईटीआई जवाहर नगर मैंगो कैंपस में एक शानदार ईद मिलन प्रोग्राम हुआ। यहां अलग-अलग धर्मों, सोचों के लोग एक मंच पर आए और ईद की खुशियां बांटीं। सद्भावना समिति से लेकर मंदिर-गुरुद्वारा कमेटी तक सभी ने हिस्सा लिया। आइए, इस हृदयस्पर्शी आयोजन की पूरी कहानी जानते हैं, जो Eid मिलन के सच्चे स्वरूप को दर्शाता है।

Eid मिलन का महत्व एकता का प्रतीक
Eid मिलन रमजान के पवित्र मास के बाद आता है। यह अलविदा-उजमा के बाद खुशियों का त्योहार है, जहां लोग नमाज पढ़ते हैं, सीवईं खाते हैं और सबसे बड़ा – गले मिलते हैं। जमशेदपुर जैसे बहुलवादी शहर में यह और भी खास हो जाता है। यहां हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई सब मिलकर रहते हैं। एमएसआईटीआई का यह प्रोग्राम उसी भाईचारे का उदाहरण है।
प्रोग्राम में Eid मिलन की भावना को जीवंत किया गया। लोग एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। डायरेक्टर खालिद इकबाल ने स्वागत भाषण में कहा, “भाईचारा ही हमारी ताकत है। ईद मिलन से गिले-शिकवे मिटते हैं।” यह आयोजन सिविल डिफेंस, शांति समिति जैसे संगठनों के सहयोग से सफल रहा।

आयोजन स्थल और प्रमुख अतिथि
एमएसआईटीआई जवाहर नगर मैंगो, जमशेदपुर का कैंपस Eid मिलन के लिए सजा था। रंग-बिरंगे झंडे, मिठाइयां और संगीत ने माहौल बना दिया। प्रमुख मेहमानों में शामिल थे:
- सद्भावना समिति, सिविल डिफेंस, मैंगो नोटिफाइड एरिया, शांति समिति।
- डॉक्टर, प्रोफेसर, टीचर, गुरुद्वारा कमेटी, चर्च कमेटी, मंदिर कमेटी, ट्रस्ट, सोशल वर्कर, एनजीओ।
- जाने-माने नाम: डॉ अजय मिश्रा, जसविंदर सिंह, भोमा पाजी, जोगिंदर सिंह, गौतम दा, राजा राम, सुनील बरनवाल, तरुण कुमार, पांडे सर, प्रशांत पॉल, जसबीर सिंह सोनू।
- अंबेडकरवादी, राकेश, अंशुमन, कृष्णा, अनिल मौर्य, पुष्पा और कई बुद्धिजीवी।
ये सभी एक परिवार की तरह मिले। Eid मिलन में धर्म की दीवारें टूट गईं।
एमएसआईटीआई टीम की भूमिका
एमएसआईटीआई के डायरेक्टर मिस्टर खालिद इकबाल ने सबका स्वागत किया। उन्होंने Eid मिलन के महत्व पर जोर दिया – “एकता से ही समाज मजबूत होता है।” प्रिंसिपल मेहरून निसा रूमी ने आयोजन का संचालन किया। फैयाज अहमद, अर्शी बानो, आहद, अर्शील, सबा परवीन, नूरजहां, मैरी जैस्मीन ने मेहनत की। इनकी वजह से प्रोग्राम बेहतरीन रहा। खालिद इकबाल का संपर्क: 9308652107।

प्रोग्राम की झलक गतिविधियां और संदेश
Eid मिलन प्रोग्राम में कई आकर्षक गतिविधियां हुईं:
- स्वागत और भाषण: खालिद इकबाल ने भाईचारे पर व्याख्यान दिया।
- ईद की बधाई: सभी ने एक-दूसरे को गले लगाया, मिठाई बांटी।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: भजन, गजल और लोकगीतों ने माहौल सराबोर कर दिया।
- चर्चा सत्र: सामाजिक मुद्दों पर बातचीत, जहां सभी ने एकता का संकल्प लिया।
- समापन: ग्रुप फोटो और धन्यवाद।
डॉ अजय मिश्रा ने कहा, “ऐसे आयोजन समाज को जोड़ते हैं।” जसविंदर सिंह ने सिख गुरुद्वारा की ओर से बधाई दी। यह Eid मिलन सिर्फ पार्टी नहीं, बल्कि संदेश था – गिले-शिकवे मिटाओ, भाईचारा बढ़ाओ।
विभिन्न समुदायों का योगदान
गुरुद्वारा कमेटी ने लंगर का प्रबंध किया। चर्च कमेटी ने प्रार्थना की। मंदिर कमेटी ने आरती कराई। एनजीओ वालों ने सामाजिक कार्यों पर चर्चा की। यह सब Eid मिलन को बहुलवादी बनाता है।
समाज के लिए संदेश एकता ही शक्ति
जमशेदपुर में ऐसे आयोजन आम हैं, लेकिन एमएसआईटीआई का यह प्रोग्राम खास था। Eid मिलन ने साबित किया कि धर्म अलग हो सकता है, लेकिन दिल एक। आज के समय में, जब सोशल मीडिया पर नफरत फैलती है, ऐसे कार्यक्रम जरूरी हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी सराहना की। रामनवमी की तैयारियों के बीच यह आयोजन शांति का प्रतीक बना।
हम सबको सीखना चाहिए – त्योहार मनाओ, लेकिन सबको साथ लेकर। Eid मिलन से प्रेरणा लो।
जमशेदपुर के एमएसआईटीआई में हुआ यह Eid मिलन एक मिसाल है। Eid मिलन की भावना – गिले-शिकवे मिटाकर गले लगना – ने सभी को जोड़ा। खालिद इकबाल, मेहरून निसा रूमी और मेहमानों की मेहनत सराहनीय। आइए, हर त्योहार पर ऐसा ही करें। ईद मुबारक









