जमशेदपुर | वन्यजीव संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (TSZP) ने एक अनूठी पहल की, जिसमें शहर के नागरिकों को चिड़ियाघर में जन्मे बाघिन के दो शावकों का नाम रखने के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल नागरिकों और वन्यजीवों के बीच जुड़ाव को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
27 नवंबर 2025 को हुआ था शावकों का जन्म
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क में 27 नवंबर 2025 को बाघ रुद्र और बाघिन मेघना के यहां दो शावकों ने जन्म लिया था। जन्म के बाद से ही दोनों शावक पशु चिकित्सकों की निगरानी और देखरेख में सुरक्षित रूप से पल रहे हैं।
नामकरण अभियान को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया
चिड़ियाघर प्रशासन ने 10 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक आम जनता के लिए नामकरण प्रक्रिया शुरू की थी। इस चार दिवसीय अभियान में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
- कुल 550+ प्रविष्टियां (Entries) प्राप्त हुईं
- कई नाम अर्थपूर्ण, संस्कृतिपूर्ण और रचनात्मक थे
- चयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया कि नाम
✅ सरल उच्चारण वाले हों
✅ सकारात्मक अर्थ रखते हों
✅ एक-दूसरे के साथ सामंजस्य रखते हों
✅ भाई-बहन की पहचान के अनुरूप हों
चुने गए नाम- “तारा” और “सारा”
विस्तृत समीक्षा प्रक्रिया के बाद चिड़ियाघर अधिकारियों ने दोनों शावकों के लिए नामों का चयन किया— “तारा” और “सारा”
इन नामों की विजयी प्रविष्टि एंजेल वर्मा द्वारा भेजी गई थी। चिड़ियाघर प्रशासन ने बताया कि गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) के अवसर पर एंजेल वर्मा को सम्मानित किया जाएगा।
अन्य प्रतिभागियों को भी मिलेगा सम्मान
दिलचस्प बात यह रही कि “तारा” नाम कई अन्य नागरिकों द्वारा भी सुझाया गया था। इनमें शामिल हैं— मो अरमान, मेघा महतो, रिशिता शर्मा, प्रथम अग्रवाल, रवि कश्यप, मोनालिसा बर्मन, अदनान अख्तर, आदित्य कुमार, सुजीत हलदर, दिपांशु सिंह और सैयद एजाज हसन।
इन सभी प्रतिभागियों को स्वयं एवं अपने परिवार के लिए निःशुल्क चिड़ियाघर प्रवेश पास प्रदान किए जाएंगे।
शावकों की सेहत अच्छी, टीकाकरण भी पूरा
चिड़ियाघर प्रशासन ने जानकारी दी कि दोनों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। हाल ही में उन्हें कैनाइन डिस्टेंपर से बचाव के लिए टीकाकरण कराया गया है।
- शावक 1 का वजन: 7.34 किलोग्राम
- शावक 2 का वजन: 7.20 किलोग्राम
यह वजन उनके स्वस्थ विकास और उचित वृद्धि का संकेत है।
जनभागीदारी से बढ़ेगा वन्यजीव संरक्षण संदेश
चिड़ियाघर प्रबंधन का कहना है कि ऐसी सहभागितापूर्ण पहलें न केवल वन्यजीवों के प्रति लोगों में संवेदनशीलता बढ़ाती हैं, बल्कि संरक्षण और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को लेकर समाज को जागरूक भी करती हैं।
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने दोहराया कि वह चिड़ियाघर में रखे गए सभी जीवों की सर्वोत्तम देखभाल, संरक्षण, और जागरूकता कार्यक्रमों के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
यह पहल जमशेदपुर में वन्यजीव संरक्षण को लेकर लोगों की बढ़ती जागरूकता और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बनकर सामने आई है। “तारा” और “सारा” अब सिर्फ शावकों के नाम नहीं, बल्कि जनभागीदारी से बने संरक्षण संदेश का एक नया अध्याय हैं।













