
जमशेदपुर: 8 अप्रैल 2026 को रेडक्रॉस सोसाइटी साकची सभागार में पूर्व सैनिक सेवा परिषद पूर्वी सिंहभूम ने स्वतंत्रता सेनानियों Mangal पांडेय और चितरंजन मुखर्जी की स्मृति में रक्तदान शिविर आयोजित किया। सुबह 9 से शाम 4 बजे तक 105 यूनिट रक्त संग्रहित हुआ। आर्मी कर्नल निखिल शर्मा मुख्य अतिथि रहे।

आज के ब्लॉग में हम रक्तदान शिविर मंगल पांडेय की पूरी जानकारी, अतिथियों, रक्तदाताओं के योगदान और सामाजिक महत्व पर विस्तार से जानेंगे। जमशेदपुर रक्तदान में अग्रणी शहर है।
शिविर का उद्घाटन शहीदों को श्रद्धांजलि
रेडक्रॉस सोसाइटी साकची में हर वर्ष 8 अप्रैल को यह परंपरा निभाई जाती। मुख्य अतिथि कर्नल निखिल शर्मा (स्थानीय आर्मी यूनिट), विशिष्ट अतिथि सुधीर सिंह अमलेश झा (एशिया उपाध्यक्ष), पूर्वी घोष, शिव शंकर सिंह, विजय सिंह (रेडक्रॉस मानद सचिव), सुदीप्तो मुखर्जी (लायंस क्लब) उपस्थित।
दीप प्रज्वलन और भारत माता चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर शहीदों को नमन किया। संचालन जिला महामंत्री सुशील कुमार सिंह ने किया। पदाधिकारियों ने अतिथियों को शॉल-बुके भेंटे। मंगल पांडेय की शहादत (1857) और चितरंजन मुखर्जी की पुण्यतिथि पर यह शिविर प्रेरणादायक।

रक्तदान की भारी भीड़: 105 यूनिट संग्रह
सुबह 9 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक लाइन लगी रही। पहला रक्त पूर्व वायु सैनिक राजकुमार कसेरा ने दिया, अंतिम सार्जेंट अजय कुमार सिंह। टेल्को कर्मी सुखविंदर सिंह ने 110वां रक्तदान किया। कई ने पहली बार दान किया।
अतिथियों ने रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाया। जमशेदपुर रक्तदान में देशभर में अव्वल। ऐसे शिविर रक्त की कमी दूर करते।
योगदानकर्ताओं की सूची टीम वर्क की मिसाल
रक्तदान शिविर मंगल पांडेय सफल बनाने में:
- रेडक्रॉस: डीके घोष, प्रभुनाथ सिंह।
- पूर्व सैनिक: रमेश कुमार सिंह, बरमेश्वर पांडे, शत्रुघ्न प्रसाद साह, रमेश शर्मा।
- अन्य: राजीव रंजन, डॉक्टर कमल शुक्ला, हरेंदु शर्मा, कौशल किशोर चौबे, दिनेश सिंह, विद्यानंद गिरी, महेश चंद्र प्रसाद, शेख अनवर जावेद खान, नौशाद आलम, अरजीत दास, रामजी सिंह, सतनाम सिंह, भीम सिंह, उपेंद्र प्रसाद सिंह।
पूर्व सैनिक परिवारों की बड़ी भागीदारी। लायंस क्लब का सहयोग सराहनीय।
Mangal पांडेय और चितरंजन मुखर्जी प्रेरणा स्रोत
Mangal पांडेय ने 1857 में बैरकपुर विद्रोह कर क्रांति की चिंगारी जलाई। चितरंजन मुखर्जी स्वतंत्रता सेनानी, जिनकी पुण्यतिथि पर शिविर। रक्तदान शहीदों के बलिदान को सलाम।

रक्तदान का सामाजिक महत्व
रक्तदान शिविर Mangal पांडेय ने समाज को एकजुट किया। रक्त जीवन रक्षक – दुर्घटना, सर्जरी में जरूरी। जमशेदपुर की परंपरा गर्व की। नियमित शिविर से कमी न हो। युवा पहली बार दान से नया जज्बा जागा।
सुझाव:
- मासिक शिविर।
- स्कूल-कॉलेज जोड़ें।
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।
रक्तदान शिविर Mangal पांडेय ने शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि दी। 105 यूनिट रक्त जीवन बचाएगा। पूर्व सैनिकों का प्रयास laudable। नियमित दान से समाज मजबूत बने। रक्तदान महादान है!
सम्मानित अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन एवं भारत माता के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए देश के वीर शहीदों को नमन किया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिला महामंत्री सुशील कुमार सिंह ने किया संगठन के पदाधिकारी ने सभी अतिथियों को साल एवं बुके देकर सम्मानित किया। सुबह 9:00 बजे से ही रक्तदान शुरू हुआ और संध्या 4:00 बजे तक रक्तदाताओं की लाइन लगी रही। जमशेदपुर रक्तदान करने में पूरे देश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। आज के कैंप में जहां कुछ लोगों ने पहली बार रक्तदान शुरू किया। वहीं टेल्कोकर्मी सुखविंदर सिंह ने 110 वां रक्तदान किया।

शिविर को सफल बनाने में रेडक्रास के डी के घोष प्रभुनाथ सिंह एवं पूर्व सैनिक रमेश कुमार सिंह बरमेश्वर पांडे शत्रुघ्न प्रसाद साह रमेश शर्मा राजीव रंजन डॉक्टर कमल शुक्ला हरेंदु शर्मा कौशल किशोर चौबे राजीव रंजन दिनेश सिंह विद्यानंद गिरी महेश चंद्र प्रसाद शेख अनवर जावेद खान नौशाद आलम अरजीत दास रामजी सिंह राजीव सतनाम सिंह भीम सिंह उपेंद्र प्रसाद सिंह एवं बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं परिवार शामिल हुए। इस तरह के कार्यक्रम पूरे वर्ष होते रहना चाहिए जिससे समाज में कोई रक्त की कमी महसूस न करें।











