
जमशेदपुर: ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर चल रहे आंदोलन ने अब नया मोड़ ले लिया है। Rail यात्री संघर्ष समिति ने तय किया है कि वह सीधे रेल महाप्रबंधक से मिलकर यात्रियों की समस्याओं का समाधान मांगेंगे। यह कदम 24 मई को घाटशिला में होने वाले हस्ताक्षर अभियान और प्रदर्शन के बाद उठाया जाएगा।

बैठक में क्या तय हुआ
यह महत्वपूर्ण निर्णय समिति के संयोजक शिव शंकर के न्यू केबुल टाउन स्थित कार्यालय में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में जमशेदपुर पश्चिम के विधायक और आंदोलन के प्रमुख चेहरा सरयू राय विशेष रूप से मौजूद रहे। समिति ने तय किया कि आंदोलन को अब और संगठित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में 17, 18, 19 और 24 मई को होने वाले हस्ताक्षर अभियान सह प्रदर्शन के लिए अलग-अलग संयोजक समितियां गठित की गईं। इन समितियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर कार्यक्रम सुचारू रूप से और बड़ी भागीदारी के साथ संपन्न हो।
हस्ताक्षर अभियान की रूपरेखा
समिति ने पहले ही इन तारीखों पर हस्ताक्षर अभियान चलाने की घोषणा कर दी थी। 17 मई को साकची, 18 मई को बर्मामाइंस, 19 मई को मानगो और 24 मई को घाटशिला में अभियान और प्रदर्शन होगा। इन जगहों पर यात्रियों से समर्थन जुटाया जाएगा और ट्रेनों की समयपालन की समस्या को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
योजना के मुताबिक, स्टेशनों और आसपास के इलाकों में यात्रियों से सीधे संवाद किया जाएगा। समिति चाहती है कि अधिक से अधिक लोग अपनी परेशानी दर्ज कराएं, ताकि रेलवे प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके।
जीएम से मुलाकात का उद्देश्य
24 मई के बाद समिति का एक प्रतिनिधिमंडल कोलकाता स्थित रेल महाप्रबंधक कार्यालय जाएगा। वहां वह ट्रेनों की लगातार देरी, यात्रियों की असुविधा और संचालन व्यवस्था में सुधार की मांग करेगा। समिति का मानना है कि स्थानीय स्तर पर बार-बार विरोध करने के बावजूद स्थिति में पर्याप्त सुधार नहीं हुआ है।
शिव शंकर सिंह ने बताया कि बैठक में आंदोलन को तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल सीधे जीएम से मिलकर समस्या का ठोस समाधान चाहता है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
प्रमुख लोग रहे मौजूद
बैठक में कई लोग उपस्थित रहे, जिनमें कन्हैया सिंह, अजय सिन्हा, अजय कुमार, नीरज सिंह, सतीश सिंह, अमित शर्मा, पप्पू राव, शमशाद, कंचन डे, मनोज सिंह, राजा अग्रवाल, अनी परिहार और श्रीदेव शामिल थे। सरयू राय की मौजूदगी ने इस आंदोलन को और राजनीतिक व सामाजिक समर्थन दिया।
समिति का कहना है कि यह केवल एक विरोध कार्यक्रम नहीं, बल्कि यात्रियों की रोजमर्रा की परेशानी को प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की कोशिश है।
आगे की राह
आंदोलन की अगली कड़ी में जनसंपर्क, हस्ताक्षर अभियान और फिर जीएम से मुलाकात शामिल है। समिति का मानना है कि यदि Rail प्रशासन ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
Rail यात्री संघर्ष समिति की यह रणनीति साफ संकेत देती है कि अब मामला सिर्फ शिकायत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे संगठित जनदबाव में बदला जाएगा। यात्रियों की उम्मीदें अब सीधे रेल महाप्रबंधक की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।
समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने बताया कि बैठक में आंदोलन को तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई। यह तय किया गया कि 24 मई को जब घाटशिला में हस्ताक्षर अभियान सह प्रदर्शन का कार्यक्रम संपन्न हो जाएगा, तब समिति का एक प्रतिनिधिमंडल रेल महाप्रबंधक के कोलकाता स्थित कार्यालय में जाएगा और समस्या के समाधान के लिए महाप्रबंधक से मिलेगा।
बैठक में कन्हैया सिंह, अजय सिन्हा, अजय कुमार, नीरज सिंह, सतीश सिंह, अमित शर्मा, पप्पू राव, शमशाद, कंचन डे, मनोज सिंह, राजा अग्रवाल, अनी परिहार और श्रीदेव आदि मौजूद रहे।















