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18 साल की बेटी की गला दबाकर हत्या, पिता ने गांव वालों पर डाला आरोप—जांच में निकली माता-पिता की साजिश

On: January 11, 2026 9:08 PM
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Sonbhadra Crime News | उत्तर प्रदेश: यूपी के सोनभद्र जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों के सबसे पवित्र बंधन “मां-बाप” को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 18 वर्षीय युवती की मौत को पहले रहस्यमयी बताया गया, फिर इसे गांव वालों की करतूत साबित करने की कोशिश हुई… लेकिन पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे सच्चाई बेहद भयावह बनकर सामने आई।

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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि युवती की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके अपने पिता ने की थी और मां ने उसका साथ दिया था।

मुख्य बिंदु:

🔸 18 साल की युवती की हत्या
🔸 गला दबाकर मौत, पोस्टमार्टम से पुष्टि
🔸 पिता ने झूठी तहरीर देकर गांव वालों को फंसाने की कोशिश की
🔸 जांच में पिता और मां ही आरोपी निकले
🔸 प्रेम विवाह की इच्छा और तय शादी से इंकार बना कारण
🔸 पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा

कहां का मामला?

यह घटना घोरावल कोतवाली क्षेत्र के महुआंव पाण्डेय गांव की बताई जा रही है। गांव में युवती की मौत उस समय सामने आई जब वह एक कमरे में सो रही थी। सुबह देर तक बाहर न आने पर परिजनों ने दरवाजा खोलकर देखा तो युवती अचेत अवस्था में पड़ी थी

सोते समय दुपट्टे से गला दबाकर हत्या

घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। युवती के गले पर दबाव के स्पष्ट निशान दिखे, जिससे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण “गला दबाकर हत्या” बताया गया।
इसके बाद जांच की दिशा पूरी तरह बदल गई।

पिता ने दी झूठी तहरीर, गांव वालों पर लगाया आरोप

घटना के तुरंत बाद युवती के पिता रामलखन ने पुलिस को तहरीर दी और दावा किया कि गांव के कुछ लोग बेटी को परेशान करते थे, उन्हीं ने हत्या की है।

पिता खुद को पीड़ित बताकर इंसाफ की गुहार लगाता रहा और लोगों का ध्यान गांव वालों पर मोड़ने की कोशिश करता रहा। पुलिस ने भी शुरुआती शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया था, लेकिन जांच में कई बातें संदिग्ध लगने लगीं।

जांच में खुली परतें, शक घर के अंदर पर गया

पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। कमरे का हाल, परिजनों का व्यवहार और बयान—सब कुछ जांच के दायरे में आया। इसी दौरान पुलिस को संकेत मिले कि: हत्या किसी बाहरी ने नहीं की, वारदात घर के अंदर हुई, साक्ष्य छिपाने की कोशिश की गई।

माता-पिता निकले हत्यारे—पुलिस ने किया गिरफ्तार

पूछताछ और सबूतों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि युवती की हत्या उसके पिता रामलखन ने की और मां कृष्णावती ने अपराध में सहयोग किया।

पुलिस के अनुसार, रात में युवती का दुपट्टे से गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए शव को दूसरे घर में लिटा दिया गया ताकि घटना को बाहरी हमला दिखाया जा सके। पुलिस ने आरोपी पिता और मां को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।

शादी से इनकार बना हत्या की वजह

पुलिस जांच में सामने आया कि युवती आरती (18) एक युवक बृजेश से प्रेम करती थी और उसी से शादी करना चाहती थी।

परिवार को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। माता-पिता ने उसकी शादी मिर्जापुर में तय कर दी थी।
जब आरती ने इस शादी से साफ इंकार कर दिया तो घर में तनाव बढ़ गया।

यही विवाद धीरे-धीरे घातक साजिश में बदल गया।

साजिश रचकर दूसरों को फंसाने की कोशिश

हत्या के बाद माता-पिता ने बृजेश और एक अन्य युवक पर आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने: कॉल/बयान की कड़ियां जोड़कर, परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाकर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के निष्कर्षों से पूरे केस की दिशा पलट दी और हकीकत सामने ला दी।

Analytical Conclusion

यह घटना केवल एक हत्या नहीं—यह समाज के उस अंधे हिस्से की तस्वीर है जहाँ “इज्जत”, “जिद”, और “सामाजिक डर” के नाम पर अपनों की जिंदगी तक छीन ली जाती है। एक तरफ बेटी अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार मांग रही थी, दूसरी ओर माता-पिता ने उसे परिवार की प्रतिष्ठा का मुद्दा बना दिया।

सबसे बड़ा सवाल: जब कानून प्रेम विवाह की अनुमति देता है, तो समाज और परिवार क्यों नहीं? और जब असहमति हो—तो बातचीत क्यों नहीं? हिंसा और हत्या क्यों?

इस केस ने साबित कर दिया कि अपराधी केवल बाहर नहीं होते—कभी-कभी वे घर के अंदर ही मौजूद होते हैं।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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