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Afeem की खेती पर कड़ी कार्रवाई: 51 एकड़ फसल नष्ट, प्रशासन सख्त

On: March 29, 2026 1:15 AM
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 अवैध Afeem की खेती पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी करते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त ने सख्ती बरतने का आदेश दिया है। चाईबासा में आयोजित नार्को कोऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में अब तक 51 एकड़ अवैध अफीम की फसल नष्ट करने की जानकारी सामने आई। आइए जानते हैं इस महत्वपूर्ण बैठक के सभी पहलुओं को और समझते हैं कि अवैध Afeem की खेती कैसे समाज के लिए खतरा बन रही है।

नार्को कोऑर्डिनेशन कमिटी बैठक का विवरण

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चाईबासा के जिला समाहरणालय सभागार में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। अवैध Afeem की खेती पर कड़ी कार्रवाई के लिए विशेष समीक्षा की गई। अपर उपायुक्त श्री प्रवीण केरकेट्टा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी श्री सिद्धांत कुमार सहित पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारी मौजूद रहे।

DM ने साफ कहा कि सूचना मिलते ही तुरंत छापेमारी हो और संयुक्त प्रतिवेदन जिला कार्यालय को भेजा जाए। सभी अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी सतर्क रहेंगे। यह कदम न सिर्फ अवैध Afeem खेती रोकेगा, बल्कि नशे के सौदागरों को भी सबक सिखाएगा। जिले में अब तक 51 एकड़ अफीम की फसल नष्ट हो चुकी है, जो प्रशासन की गंभीरता दर्शाता है।

ऐसी बैठकें नियमित होनी चाहिए। इससे विभागों में समन्वय बढ़ता है और अपराधियों को संदेश जाता है कि कानून हाथ में लेना भारी पड़ेगा। अवैध Afeem की खेती पर यह कार्रवाई सराहनीय है।

Afeem की विनष्टिकरण और सत्यापन की प्रक्रिया

बैठक में अवैध Afeem की खेती के विनाश की पूरी समीक्षा हुई। नियमित निरोधात्मक कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए गए। सत्यापन, नष्ट करने और गिरफ्तारी के आंकड़े समेकित कर विभाग और अपराध अनुसंधान को भेजने का आदेश है। पूर्व में नष्ट फसल वाली जमीन पर अब पारंपरिक खेती की जांच होगी।

उपायुक्त ने ग्रामीण स्तर पर मानकी, मुंडा और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठकें करने को कहा। जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को वैध विकल्प बताए जाएंगे। Afeem की जगह दलहन, तिलहन जैसी फसलें उगाने पर जोर दिया जाएगा। यह कदम लंबे समय तक असरदार साबित होगा।

Afeem जैसे नशीले पदार्थों पर व्यापक रोक

अवैध Afeem की खेती पर कड़ी कार्रवाई के साथ ही ब्राउन शुगर, प्रतिबंधित कफ सिरप और अन्य नशीले पदार्थों पर भी नकेल कसी जा रही है। शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों की नियमित जांच होगी। फार्मेसी और मेडिकल स्टोर पर विशेष नजर रखी जाएगी।

पुलिस को मुखबिरों के जरिए सूचना जुटाने और तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। स्कूल-कॉलेज के आसपास नशा तस्करी रोकने के लिए पेट्रोलिंग बढ़ेगी। युवाओं को नशे से दूर रखना प्रशासन का लक्ष्य है। झारखंड जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्र में यह अभियान जरूरी है।

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ग्रामीण स्तर पर जागरूकता के उपाय

ग्रामीण इलाकों में अवैध Afeem की खेती की समस्या गंभीर है। आर्थिक तंगी के कारण किसान गुमराह हो जाते हैं। प्रशासन को वैकल्पिक रोजगार, सब्सिडी और कृषि प्रशिक्षण देना होगा। पंचायत स्तर पर बैठकें होंगी, जहां सफल किसानों के अनुभव साझा किए जाएंगे।

महिलाओं और युवाओं को नशा मुक्ति के लिए शिविर लगाए जाएंगे। स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलेंगे। सरकारी योजनाओं का लाभ देकर किसानों को मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा। यह समग्र दृष्टिकोण ही स्थायी समाधान देगा।

अवैध Afeem खेती के खतरे और प्रभाव

Afeem न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि समाज को बर्बाद कर रही है। इससे ब्राउन शुगर, हेरोइन जैसे ड्रग्स बनते हैं, जो युवा पीढ़ी को निगल रहे हैं। पश्चिमी सिंहभूम में कई परिवार बर्बाद हो चुके हैं। 51 एकड़ फसल नष्ट होना अच्छा संदेश है, लेकिन जड़ से खत्म करने की जरूरत है।

पर्यावरण पर भी बुरा असर पड़ता है। Afeem की खेती मिट्टी की उर्वरता घटाती है। वैध फसलें अपनाने से किसानों की आय बढ़ेगी। सरकार को इनामी योजना शुरू करनी चाहिए। सफलता मिलने पर किसानों को सम्मानित किया जाए।

भविष्य की रणनीति और सुझाव

उपायुक्त श्री चंदन कुमार का नेतृत्व प्रेरणादायक है। ड्रोन से निगरानी, सैटेलाइट इमेजरी और जीपीएस मैपिंग से Afeem खेती का पता लगाया जा सकता है। सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़े। अंतरराज्यीय तस्करी पर नजर रखी जाए।

एनजीओ और सामाजिक संगठनों को जोड़ा जाए। रक्तदान, स्वास्थ्य शिविर के साथ नशा मुक्ति संदेश फैलाया जाए। मीडिया का सहयोग लें ताकि खबरें दूर तक पहुंचें। अवैध Afeem की खेती मुक्त झारखंड का सपना साकार हो।अवैध Afeem की खेती पर कड़ी कार्रवाई और 51 एकड़ फसल नष्ट करना प्रशासन की प्रतिबद्धता दिखाता है। उपायुक्त चंदन कुमार के नेतृत्व में यह अभियान सफल होगा। समाज, प्रशासन और किसानों का सहयोग जरूरी है। आइए नशा मुक्त झारखंड बनाएं। स्वस्थ समाज ही समृद्ध भारत का आधार है।

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