आदित्यपुर: राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नई छात्र परिषद का गठन किया गया है। छात्र परिषद के गठन के साथ ही विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर विद्यार्थियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इस नई परिषद में श्रीनिवास प्रसाद को अध्यक्ष और श्रेया शर्मा को महासचिव मनोनीत किया गया है।
नई छात्र परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों की समस्याओं को संस्थान प्रशासन तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना, छात्र हितों से जुड़े विषयों पर काम करना तथा शैक्षणिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और खेल गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करना है। परिषद के गठन से छात्रों को नेतृत्व क्षमता विकसित करने और संस्थान की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिलेगा।
श्रीनिवास प्रसाद बने छात्र परिषद के अध्यक्ष
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए श्रीनिवास प्रसाद को छात्र परिषद का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। अध्यक्ष के रूप में उनकी जिम्मेदारी छात्र परिषद के विभिन्न कार्यों के समन्वय और छात्र समुदाय तथा संस्थान प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने की होगी।

अध्यक्ष छात्र परिषद की गतिविधियों को दिशा देने के साथ-साथ विभिन्न पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनसे उम्मीद की गई है कि वे छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को सकारात्मक तरीके से प्रशासन के सामने रखेंगे।

श्रेया शर्मा को महासचिव की जिम्मेदारी
श्रेया शर्मा को छात्र परिषद का महासचिव मनोनीत किया गया है। महासचिव के रूप में वह परिषद की विभिन्न गतिविधियों के संचालन और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
छात्र परिषद की बैठकों, कार्यक्रमों और छात्र गतिविधियों से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में महासचिव की भूमिका अहम होती है। श्रेया शर्मा से भी छात्र समुदाय की अपेक्षाओं और संस्थान की आवश्यकताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की उम्मीद है।

विभिन्न सचिव पदों पर विद्यार्थियों को मिली जिम्मेदारी
नई छात्र परिषद में विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। प्रखर आनंद को खेल सचिव, आदित्य सिंह को सांस्कृतिक सचिव, अनुज कुमार को तकनीकी सचिव और कुमारी श्रेया को क्लब सचिव मनोनीत किया गया है।
इसके अलावा आदित्य राज को पूर्व छात्र सचिव बनाया गया है। वहीं राहुल कुमार और रम्या को पीजी प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है।

इन पदाधिकारियों का मुख्य कार्य अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करना और विद्यार्थियों की भागीदारी को बढ़ावा देना होगा।
उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी
छात्र परिषद में मनीष जांगिड़ और पुष्कर बर्नवाल को उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया है। उपाध्यक्ष परिषद के विभिन्न कार्यों में अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों को सहयोग प्रदान करेंगे।
छात्र परिषद के संचालन में उपाध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्हें परिषद की गतिविधियों में समन्वय बनाने और आवश्यकतानुसार विभिन्न कार्यों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
संयुक्त खेल सचिवों का मनोनयन
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आर्यन कुमार सिंह और सानिया जमाल को संयुक्त खेल सचिव मनोनीत किया गया है।
इनकी जिम्मेदारी संस्थान में खेल से जुड़ी गतिविधियों और प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहयोग करना तथा विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में अधिक से अधिक भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना होगा।
NIT जमशेदपुर में विभिन्न खेल गतिविधियां विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नई परिषद से खेल क्षेत्र में छात्र सहभागिता को और मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।
संयुक्त सांस्कृतिक सचिवों को जिम्मेदारी
क्रिश कुमार और निधि कुमारी को संयुक्त सांस्कृतिक सचिव बनाया गया है। सांस्कृतिक सचिव संस्थान में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, समारोहों और छात्र प्रतिभाओं से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
नई जिम्मेदारी के तहत दोनों पदाधिकारी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन और उनमें विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे।
तकनीकी गतिविधियों के लिए संयुक्त सचिव
तकनीकी गतिविधियों को मजबूत करने के उद्देश्य से देव कुमार और अवनी माहेश्वरी को संयुक्त तकनीकी सचिव मनोनीत किया गया है।
NIT जैसे तकनीकी संस्थान में तकनीकी कार्यक्रमों, प्रतियोगिताओं, कार्यशालाओं और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों का विशेष महत्व होता है। ऐसे में संयुक्त तकनीकी सचिवों की भूमिका विद्यार्थियों को तकनीकी गतिविधियों से जोड़ने और उनके लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण रहेगी।
पूर्व छात्र गतिविधियों की जिम्मेदारी
विवेक कुमार महथा और अनमोल अमर को संयुक्त पूर्व छात्र सचिव बनाया गया है। इनकी जिम्मेदारी संस्थान के पूर्व छात्रों से जुड़े कार्यक्रमों और गतिविधियों में सहयोग करना होगी।
Alumni यानी पूर्व छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्थान की महत्वपूर्ण ताकत होते हैं। वर्तमान विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के बीच बेहतर संवाद से छात्रों को करियर, उद्योग और उच्च शिक्षा से जुड़े अवसरों की जानकारी मिल सकती है।
संयुक्त सचिव के रूप में दो विद्यार्थियों का मनोनयन
आदितांशु पांडेय और जानवी कुमारी को संयुक्त सचिव मनोनीत किया गया है। दोनों छात्र परिषद के विभिन्न प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों में सहयोग करेंगे।
संयुक्त सचिवों की जिम्मेदारी परिषद की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और विभिन्न पदाधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण होगी।
छात्र परिषद प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच बनेगी कड़ी
छात्र परिषद का सबसे महत्वपूर्ण कार्य संस्थान प्रशासन और छात्र समुदाय के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करना है। विद्यार्थियों को कई बार अपनी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्थित माध्यम की आवश्यकता होती है।
छात्र परिषद इसी भूमिका को निभाती है। परिषद के सदस्य विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को समझकर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए आवश्यक संवाद स्थापित करने में सहयोग करते हैं।
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने दी शुभकामनाएं
नई छात्र परिषद के गठन के अवसर पर NIT जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने सभी नवमनोनीत पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि छात्र परिषद संस्थान में छात्र हितों और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने परिषद के सदस्यों से अपेक्षा की कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी गंभीरता और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
निदेशक ने विद्यार्थियों को टीम भावना, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
छात्र समस्याओं के समाधान में निभाएंगे भूमिका
प्रो. गौतम सूत्रधार ने कहा कि छात्र परिषद के सदस्यों की जिम्मेदारी केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित नहीं है। उन्हें छात्रों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझकर उनके समाधान की दिशा में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने परिषद के सदस्यों से अपेक्षा की कि वे छात्रों और प्रशासन के बीच सकारात्मक संवाद का वातावरण तैयार करें। इससे छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान में मदद मिल सकती है और संस्थान में बेहतर शैक्षणिक माहौल विकसित किया जा सकता है।
अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपेक्षा
नवगठित छात्र परिषद के सदस्यों से जिम्मेदारी, अनुशासन और टीम भावना के साथ काम करने की अपेक्षा की गई है। छात्र परिषद के पदाधिकारियों को अपने पद को केवल एक जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि छात्र समुदाय की सेवा के अवसर के रूप में देखना होगा।
परिषद के प्रत्येक सदस्य को अपने विभाग और छात्र समुदाय के बीच संवाद को बेहतर बनाने में योगदान देना होगा। सामूहिक प्रयासों से ही परिषद अपने उद्देश्यों को प्रभावी तरीके से पूरा कर सकेगी।
शैक्षणिक गतिविधियों को मिलेगी मजबूती
छात्र परिषद संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों को बेहतर बनाने में भी सहयोग कर सकती है। विद्यार्थियों की शैक्षणिक समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को प्रशासन तक पहुंचाने से बेहतर समाधान तलाशने में मदद मिलती है।
परिषद के माध्यम से विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दों पर संवाद कर सकते हैं। इससे संस्थान में छात्र-केंद्रित वातावरण को और मजबूत किया जा सकता है।
सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा
NIT जमशेदपुर में पढ़ाई के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों का भी महत्वपूर्ण स्थान है। नई छात्र परिषद के सांस्कृतिक पदाधिकारी विद्यार्थियों को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रम छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। इसके साथ ही ये विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और टीमवर्क की भावना को विकसित करने में भी सहायक होते हैं।
तकनीकी प्रतिभाओं को मिलेगा मंच
तकनीकी सचिवों की जिम्मेदारी संस्थान के विद्यार्थियों को तकनीकी गतिविधियों से जोड़ने की होगी। विभिन्न technical events, workshops, competitions और innovation आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है।
नई परिषद से उम्मीद है कि तकनीकी क्षेत्र में छात्रों की भागीदारी को और अधिक बढ़ावा दिया जाएगा और उन्हें अपनी नई ideas को सामने रखने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराया जाएगा।
खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल
खेल विद्यार्थियों के शारीरिक और मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। छात्र परिषद के खेल सचिवों की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करना और विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन में सहयोग करना होगा।
खेलों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मक भावना विकसित होती है।
क्लब गतिविधियों में छात्रों की भागीदारी
क्लब सचिव की जिम्मेदारी भी छात्र परिषद में महत्वपूर्ण है। संस्थान में विभिन्न clubs विद्यार्थियों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार गतिविधियों में भाग लेने का अवसर प्रदान करते हैं।
क्लब से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को उनसे जोड़ने में क्लब सचिव महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पूर्व छात्रों से मजबूत होगा संपर्क
पूर्व छात्र सचिवों के माध्यम से वर्तमान विद्यार्थियों और alumni के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। पूर्व छात्रों के अनुभव वर्तमान विद्यार्थियों के लिए काफी उपयोगी हो सकते हैं।
Alumni network के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर, higher education, industry exposure और professional opportunities से संबंधित मार्गदर्शन प्राप्त हो सकता है।
पीजी छात्रों का भी प्रतिनिधित्व
छात्र परिषद में राहुल कुमार और रम्या को पीजी प्रतिनिधि बनाए जाने से postgraduate students को भी परिषद में प्रतिनिधित्व मिला है।
पीजी छात्रों से जुड़े मुद्दों और आवश्यकताओं को प्रशासन के सामने रखने में प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। इससे परिषद में विभिन्न स्तरों के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर
छात्र परिषद विद्यार्थियों के लिए leadership skills विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच है। परिषद के पदाधिकारी कार्यक्रमों का आयोजन करने, टीम का नेतृत्व करने, समस्याओं का समाधान तलाशने और प्रशासन के साथ संवाद करने जैसे कार्यों के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करते हैं।
यह अनुभव विद्यार्थियों को भविष्य के professional और सामाजिक जीवन में भी उपयोगी साबित हो सकता है।
छात्र सहभागिता को मिलेगा बढ़ावा
नई छात्र परिषद के गठन से संस्थान में student participation को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विद्यार्थी अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।
छात्र सहभागिता से संस्थान में सकारात्मक और सहयोगात्मक वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को अपनी जिम्मेदारियों और अधिकारों को समझने का अवसर भी मिलता है।
संस्थान के समग्र विकास में योगदान
छात्र परिषद केवल छात्र हितों से जुड़े मामलों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि संस्थान के समग्र विकास में भी योगदान दे सकती है। शैक्षणिक, सांस्कृतिक, तकनीकी और खेल गतिविधियों को मजबूत करने में परिषद की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
नई परिषद से उम्मीद है कि वह संस्थान की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय योगदान देगी और विद्यार्थियों की प्रतिभा को सामने लाने के लिए नए अवसर तैयार करेगी।
सकारात्मक संवाद को मिलेगी मजबूती
संस्थान प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच सकारात्मक संवाद किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए महत्वपूर्ण है। छात्र परिषद इस संवाद को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
विद्यार्थियों की समस्याओं और सुझावों को उचित मंच मिलने से प्रशासन तक उनकी बात बेहतर तरीके से पहुंच सकती है। इससे समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकती है।
नई परिषद से बड़ी उम्मीदें
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए गठित नई छात्र परिषद से संस्थान के विद्यार्थियों को कई उम्मीदें हैं। नई टीम के सामने छात्र हितों की रक्षा करने के साथ-साथ संस्थान की विभिन्न गतिविधियों को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी होगी।
परिषद के सभी पदाधिकारियों के सामूहिक प्रयास से विद्यार्थियों के लिए बेहतर शैक्षणिक और सह-पाठ्यक्रम वातावरण तैयार करने में मदद मिल सकती है।
राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) जमशेदपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए छात्र परिषद का गठन संस्थान में छात्र नेतृत्व और सहभागिता को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। श्रीनिवास प्रसाद को अध्यक्ष और श्रेया शर्मा को महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा खेल, सांस्कृतिक, तकनीकी, क्लब, पूर्व छात्र और पीजी प्रतिनिधित्व से जुड़े विभिन्न पदों पर विद्यार्थियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने नवगठित परिषद के सभी सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए जिम्मेदारी, अनुशासन और टीम भावना के साथ काम करने की अपेक्षा जताई है। उन्होंने छात्र परिषद को छात्र हितों और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
नई परिषद का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं के समाधान में सहयोग करने, विभिन्न गतिविधियों का प्रभावी संचालन करने और संस्थान प्रशासन तथा छात्र समुदाय के बीच मजबूत एवं सकारात्मक संवाद स्थापित करना है। उम्मीद है कि नई छात्र परिषद के नेतृत्व में NIT जमशेदपुर में छात्र सहभागिता, नेतृत्व क्षमता, तकनीकी प्रतिभा, सांस्कृतिक गतिविधियों और समग्र छात्र विकास को नई दिशा मिलेगी।




























