जमशेदपुर। आदित्यपुर नगर निगम, मानगो नगर निगम, जुगसलाई नगर परिषद और कपाली नगर परिषद में साफ-सफाई एवं ठोस कचरा प्रबंधन का काम कर रही CUBE Adityapur Waste Management Private Limited की कार्यशैली को लेकर अब मामला राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) तक पहुंच गया है। चारों शहरी निकायों की ओर से 17 अगस्त 2026 को SUDA के निदेशक को पत्र भेजकर कंपनी के कामकाज की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने, जमीनी प्रदर्शन का मूल्यांकन करने और जांच में अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
गौरतलब है कि वर्ष 2026 के नगर निकाय चुनाव के बाद आदित्यपुर में संजय सरदार मेयर, मानगो में सुधा गुप्ता मेयर, कपाली में परवेज आलम नगर परिषद अध्यक्ष और जुगसलाई में नौशीन खान नगर परिषद अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।
चारों निकायों की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
SUDA निदेशक को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि चारों निकायों में कंपनी को संविदा के आधार पर साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसी स्थिति में कंपनी के लिए निविदा, कार्यादेश, अनुबंध की शर्तों और निर्धारित सेवा मानकों का पालन करना आवश्यक है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि चारों निकायों में कंपनी के कामकाज को लेकर लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। सफाई व्यवस्था में कथित लापरवाही से संबंधित खबरें भी समय-समय पर समाचार पत्रों में प्रकाशित होने का उल्लेख पत्र में किया गया है। निकायों का कहना है कि सफाई जैसी बुनियादी नागरिक सेवा में अपेक्षित गुणवत्ता और नियमितता नहीं होने पर सीधे आम लोगों को परेशानी होती है।
सात बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग
चारों निकायों की ओर से SUDA के निदेशक से कुल सात प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई की मांग की गई है।
1. उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच
सबसे पहले CUBE Adityapur Waste Management Private Limited के पूरे कार्यों की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। जांच का दायरा कंपनी के कार्य निष्पादन के साथ-साथ अनुबंधीय शर्तों के अनुपालन तक रखने का आग्रह किया गया है।
2. चारों निकायों में स्थल निरीक्षण
पत्र में कहा गया है कि केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर स्थिति का आकलन नहीं किया जाए, बल्कि आदित्यपुर, मानगो, जुगसलाई और कपाली में कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों का स्थल निरीक्षण कराया जाए। मौके पर वास्तविक सफाई व्यवस्था और कंपनी के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने की मांग की गई है।
3. टेंडर और अनुबंध से मिलान
कंपनी के वास्तविक कार्यों का उसके निविदा एवं अनुबंध की शर्तों से मिलान कराने की मांग की गई है। यानी कंपनी को जिन सेवाओं और मानकों के आधार पर जिम्मेदारी दी गई है, क्या वह उन्हीं शर्तों के अनुसार काम कर रही है या नहीं, इसकी जांच की जाए।
4. घर-घर कचरा संग्रहण से निस्तारण तक समीक्षा
पत्र में सफाई व्यवस्था के प्रत्येक महत्वपूर्ण हिस्से की जांच की मांग की गई है। इसमें घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का उठाव, परिवहन, सफाई कर्मियों की उपलब्धता, वाहनों एवं संसाधनों की तैनाती और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था शामिल है।
चारों निकायों का कहना है कि इन सभी बिंदुओं की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही कंपनी के प्रदर्शन का सही मूल्यांकन संभव होगा।
5. लापरवाही मिलने पर कार्रवाई
यदि जांच में कंपनी की ओर से लापरवाही, अनियमितता या अनुबंधीय शर्तों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि किसी भी एजेंसी को नागरिक सेवा की जिम्मेदारी मिलने के बाद निर्धारित मानकों का पालन करना जरूरी है।
6. शिकायतों के आधार पर जवाबदेही तय हो
चारों नगर निकायों से प्राप्त शिकायतों और जमीनी रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाने का आग्रह किया गया है। पत्र में कहा गया है कि शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी वास्तविकता की जांच कर कंपनी की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
7. दोषी पाए जाने पर ब्लैकलिस्ट और FIR की मांग
सबसे कड़े बिंदु में कहा गया है कि यदि जांच के बाद कंपनी दोषी पाई जाती है तो उसे ब्लैकलिस्ट करने, उसके सभी भुगतानों पर तत्काल रोक लगाने तथा FIR की प्रक्रिया सुनिश्चित करने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था के लिए नई कंपनी को जिम्मेदारी देने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का भी आग्रह किया गया है।
हालांकि, ये मांगें जांच के निष्कर्ष पर आधारित प्रस्तावित कार्रवाई के रूप में रखी गई हैं। कंपनी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच और उसका पक्ष सामने आने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।
चारों निकायों की स्थिति और प्रमुख जनप्रतिनिधि
आदित्यपुर नगर निगम — मेयर संजय सरदार: वर्ष 2026 के निकाय चुनाव में संजय सरदार मेयर निर्वाचित हुए हैं।
मानगो नगर निगम — मेयर सुधा गुप्ता: सुधा गुप्ता मानगो नगर निगम की निर्वाचित मेयर हैं और उन्होंने मार्च 2026 में पदभार ग्रहण किया।
कपाली नगर परिषद — अध्यक्ष परवेज आलम: कपाली नगर परिषद के 2026 चुनाव में परवेज आलम अध्यक्ष निर्वाचित हुए।
जुगसलाई नगर परिषद — अध्यक्ष नौशीन खान: जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष के रूप में नौशीन खान निर्वाचित हुई हैं।
नोट: कपाली और जुगसलाई नगर परिषद के प्रमुख पद का आधिकारिक पदनाम अध्यक्ष (Chairperson) है, जबकि आदित्यपुर और मानगो नगर निगम में मेयर/महापौर पद है।
पत्र की प्रतिलिपि किन-किन अधिकारियों को भेजी गई?
मामले को व्यापक स्तर पर उठाते हुए पत्र की प्रतिलिपि कई महत्वपूर्ण पदाधिकारियों को भेजे जाने की बात कही गई है। इनमें—
- माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार
- माननीय मंत्री, नगर विकास एवं आवास विभाग
- माननीय मुख्य सचिव, झारखंड सरकार
- प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग
- नगर आयुक्त, आदित्यपुर नगर निगम
- अपर नगर आयुक्त, मानगो नगर निगम
- कार्यपालक पदाधिकारी, कपाली नगर परिषद
- कार्यपालक पदाधिकारी, जुगसलाई नगर परिषद
शामिल हैं।
सफाई व्यवस्था को लेकर क्यों महत्वपूर्ण है मामला?
चारों निकायों का कहना है कि सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन महज एक संविदात्मक सेवा नहीं, बल्कि सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य और स्वच्छ पर्यावरण से जुड़ा विषय है। घरों से कचरा नियमित रूप से नहीं उठने, सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों की सफाई प्रभावित होने अथवा कचरे का उचित निस्तारण नहीं होने की स्थिति में इसका असर पूरे शहरी क्षेत्र पर पड़ता है।
अब SUDA स्तर पर इस शिकायत और मांग पर क्या कार्रवाई होती है, यह महत्वपूर्ण होगा। यदि जांच के आदेश दिए जाते हैं तो चारों निकायों में कंपनी की वास्तविक कार्यप्रणाली, उपलब्ध संसाधन, कर्मचारियों की तैनाती, वाहनों की स्थिति और कचरा निस्तारण व्यवस्था की तस्वीर सामने आ सकती है।
फिलहाल चारों नगर निकायों की ओर से भेजे गए पत्र ने CUBE वेस्ट मैनेजमेंट की कार्यप्रणाली को लेकर एक व्यापक समीक्षा की मांग सामने रख दी है। अब निगाह SUDA और नगर विकास विभाग की अगली कार्रवाई पर है।


















