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आजादी का पर्व संकल्प और शहीदों के सम्मान का दिन Subodh श्रीवास्तव

On: August 16, 2026 6:10 PM
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जमशेदपुर: जनता दल यूनाइटेड के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष Subodh श्रीवास्तव ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलेवासियों और देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों को नमन करने का दिन है, जिन्होंने अपने त्याग, संघर्ष और बलिदान से देश को आजादी दिलाई।

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उन्होंने कहा कि आजादी का यह पर्व प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का अवसर है। इस दिन हमें देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों को याद करने के साथ-साथ उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प भी लेना चाहिए।

बारीडीह विधायक कार्यालय में किया गया झंडोत्तोलन

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जमशेदपुर के बारीडीह स्थित विधायक कार्यालय में झंडोत्तोलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुबोध श्रीवास्तव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

ध्वजारोहण के दौरान देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रध्वज के सम्मान में नमन किया और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के वीरों और शहीदों के बलिदान को याद किया गया।

स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता

झंडोत्तोलन के बाद अपने संबोधन में सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि देश की आजादी के लिए अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया और देश को स्वतंत्र कराने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना किया।

उन्होंने कहा कि जिन वीर सपूतों ने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, उनके योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता। आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, वह उनके संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। इसलिए नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और शहीदों के योगदान से प्रेरणा लेने की जरूरत है।

80 वर्षों में भारत ने हासिल की अनेक उपलब्धियां

Subodh श्रीवास्तव ने कहा कि आजादी के 80 वर्षों की यात्रा में भारत ने अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। देश ने आर्थिक, तकनीकी, सामाजिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए विकास की दिशा में लगातार कदम बढ़ाए। आज देश वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। विज्ञान, तकनीक, डिजिटल सेवाओं, उद्योग, परिवहन और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में हुए बदलावों ने भारत को नई दिशा दी है।

उन्होंने कहा कि देश की विकास यात्रा में केंद्र और राज्य सरकारों की विभिन्न योजनाओं एवं अभियानों की भी भूमिका रही है। आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया और स्किल इंडिया जैसे अभियानों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को गति देने और युवाओं की क्षमता को नई दिशा देने का प्रयास किया गया है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बढ़ रहा देश

जदयू के पूर्वी सिंहभूम जिलाध्यक्ष ने कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। देश में स्थानीय उत्पादन, उद्योग, तकनीक और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का उद्देश्य देश की क्षमता और संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए रोजगार एवं आर्थिक अवसरों का विस्तार करना है। छोटे उद्योगों, कारोबारियों, स्टार्टअप और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बुनियादी ढांचे के विस्तार से विकास को मिली गति

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि पिछले वर्षों में देश के बुनियादी ढांचे में भी व्यापक बदलाव देखने को मिला है। राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार से देश के विकास को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क और रेल नेटवर्क से देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच संपर्क मजबूत हुआ है। हवाई सेवाओं और बंदरगाहों के विस्तार से व्यापार एवं आवागमन को बढ़ावा मिला है। वहीं डिजिटल कनेक्टिविटी के विस्तार ने दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी कई सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि विकास का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों तक भी बेहतर सुविधाएं पहुंचाना जरूरी है।

डिजिटल भारत बना आम नागरिक की जिंदगी का हिस्सा

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि डिजिटल भारत अब आम नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुका है। डिजिटल भुगतान और यूपीआई जैसी सुविधाओं ने लोगों के लिए लेन-देन को आसान और तेज बनाया है।

उन्होंने कहा कि जनधन खातों, डिजिटल माध्यमों और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण जैसी व्यवस्थाओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इससे लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति बढ़ाने का प्रयास हुआ है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में डिजिटल तकनीक का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में और अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

गरीब और वंचित वर्गों के लिए योजनाओं का उल्लेख

जदयू जिलाध्यक्ष ने कहा कि गरीब और वंचित वर्गों के लिए विभिन्न सामाजिक कल्याण योजनाओं के माध्यम से महत्वपूर्ण बदलाव लाने का प्रयास किया गया है। प्रधानमंत्री जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि बैंकिंग सुविधा, आवास, स्वच्छ ईंधन, स्वास्थ्य सेवाएं, शौचालय और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता आम नागरिक के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उन्होंने कहा कि विकास की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक बुनियादी सुविधाओं और विकास के अवसरों की पहुंच सुनिश्चित हो।

युवाओं के रोजगार का मुद्दा सबसे महत्वपूर्ण

विकास की उपलब्धियों के साथ सुबोध श्रीवास्तव ने देश के सामने मौजूद रोजगार की चुनौती को भी महत्वपूर्ण मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी युवा आबादी को रोजगार और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सबसे जरूरी विषयों में से एक है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास युवा शक्ति की बड़ी क्षमता है। यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण, कौशल और रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलते हैं, तो वे देश की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने सरकार से रोजगार के मामले में और अधिक जवाबदेह बनने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि विकास का लाभ युवाओं तक रोजगार और बेहतर भविष्य के अवसरों के रूप में भी पहुंचना चाहिए।

शिक्षा और कौशल विकास के बीच बेहतर तालमेल जरूरी

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना जरूरी है। बदलती तकनीक और रोजगार बाजार की जरूरतों के अनुसार युवाओं को आधुनिक कौशल से लैस करना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि स्कूल और कॉलेज स्तर की शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। इससे युवा केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी भी बन सकते हैं।

उन्होंने सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ स्टार्टअप, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

युवाओं की प्रतिभा और ऊर्जा को विकास से जोड़ना होगा

जदयू नेता ने कहा कि देश की युवा शक्ति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है। युवाओं के पास प्रतिभा, ऊर्जा और नई सोच है। सही दिशा और उचित अवसर मिलने पर यही युवा देश के विकास की तस्वीर बदल सकते हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल, रोजगार और उद्यमिता के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग जगत और समाज को मिलकर काम करना होगा।

स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने का आह्वान

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सुबोध श्रीवास्तव ने देशवासियों से राष्ट्र निर्माण में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने की जिम्मेदारी वर्तमान पीढ़ी की है।

उन्होंने कहा कि देश के विकास में केवल सरकार की भूमिका नहीं होती। प्रत्येक नागरिक को अपने स्तर पर ईमानदारी, जिम्मेदारी और राष्ट्रहित की भावना के साथ कार्य करना चाहिए। नागरिक अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी समझें और देश की एकता एवं अखंडता को मजबूत बनाने में योगदान दें।

एकजुट होकर विकसित भारत के निर्माण का संकल्प

सुबोध श्रीवास्तव ने कहा कि भारत को विकसित और मजबूत राष्ट्र बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे बढ़ना होगा। सामाजिक एकता, आर्थिक प्रगति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार और तकनीकी विकास देश के भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने स्वतंत्रता दिवस को नए संकल्प लेने का अवसर बताते हुए कहा कि देश की आजादी की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना सभी की साझा जिम्मेदारी है।

देशवासियों को दी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं

कार्यक्रम के अंत में Subodh श्रीवास्तव ने पूर्वी सिंहभूम जिले सहित पूरे देशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन करते हुए कहा कि उनके बलिदान से मिली आजादी को सुरक्षित रखना और देश को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाना वर्तमान पीढ़ी का दायित्व है।

उन्होंने सभी नागरिकों से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की अपील की। स्वतंत्रता दिवस का यह पर्व शहीदों के सम्मान, वर्तमान की जिम्मेदारियों और बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ मनाने का संदेश देता है।

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