अमृतसर: पंजाब के Amritsar में एक डॉक्टर को पिस्टल दिखाकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मजीठा रोड थाना पुलिस ने वारदात के करीब 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान 51 वर्षीय सुखबीर सिंह के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक स्कूटर और काले रंग का हेलमेट बरामद किया है। शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर कर्ज के बोझ और आर्थिक परेशानी के कारण डॉक्टर को निशाना बनाकर फिरौती मांगने की बात बताई है।
हालांकि, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।
क्लीनिक में घुसकर डॉक्टर को दिखाई पिस्टल
पुलिस के अनुसार, 8 अगस्त की सुबह करीब 11:30 बजे डॉक्टर अपने क्लीनिक में मौजूद थे। इसी दौरान काले रंग का हेलमेट पहने एक व्यक्ति क्लीनिक के अंदर दाखिल हुआ।
आरोप है कि व्यक्ति ने डॉक्टर के सामने पिस्टल निकाल ली और उनकी तरफ तानकर उन्हें धमकाया। इसके बाद उसने डॉक्टर से सोमवार तक 10 लाख रुपये तैयार रखने के लिए कहा।
फिरौती की रकम मांगने के बाद आरोपी पिस्टल लेकर क्लीनिक से बाहर निकल गया और वहां से फरार हो गया।

डॉक्टर ने तुरंत पुलिस को दी सूचना
घटना के बाद डॉक्टर ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलते ही मजीठा रोड थाना पुलिस सक्रिय हुई और शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी की पहचान करने के लिए अलग-अलग पहलुओं पर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल और उपलब्ध सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।
12 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार
पुलिस का दावा है कि मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को करीब 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर आरोपी की पहचान सुखबीर सिंह के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की गिरफ्तारी को मामले की जांच में पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
कुलचे बेचने वाला निकला फिरौती मांगने वाला आरोपी
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार सुखबीर सिंह भवाई नगर, मजीठा रोड का रहने वाला है और मजीठा रोड पर कुलचे की दुकान चलाता था।

प्रारंभिक पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि वह आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर कर्ज था और उसे चुकाने के लिए वह पैसों की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहा था।
इसी कथित आर्थिक तंगी के चलते उसने डॉक्टर को धमकाकर फिरौती मांगने का रास्ता अपनाया।
कर्ज के बोझ में उठाया अपराध का कदम
पुलिस की शुरुआती पूछताछ के अनुसार, आरोपी आर्थिक संकट और कर्ज की समस्या से परेशान था। इसी वजह से उसने कथित तौर पर डॉक्टर को निशाना बनाने की योजना बनाई।

हालांकि, पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने डॉक्टर को ही क्यों चुना और क्या वह पहले से डॉक्टर के बारे में जानकारी जुटा रहा था।
इस पहलू को लेकर पुलिस की जांच आगे भी जारी है।
आरोपी के पास से पिस्टल और कारतूस बरामद
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल किए जाने की आशंका वाली .32 बोर की पिस्टल बरामद की है। इसके साथ ही पुलिस को दो जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
इसके अलावा आरोपी के पास से एक स्कूटर और काले रंग का हेलमेट भी बरामद किया गया है। पुलिस इन सामानों को वारदात से जोड़कर जांच कर रही है।
हेलमेट पहनकर पहुंचा था आरोपी
वारदात के दौरान आरोपी ने काले रंग का हेलमेट पहन रखा था। इसके बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करना एक महत्वपूर्ण चुनौती थी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान उपलब्ध सुरागों और अन्य जानकारियों को जोड़ते हुए संदिग्ध की पहचान करने का प्रयास किया। इसके बाद सुखबीर सिंह तक पहुंचने का दावा किया गया।
अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हेलमेट का इस्तेमाल पहचान छिपाने के लिए जानबूझकर किया गया था या नहीं।
पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं
पुलिस के अनुसार, सुखबीर सिंह के खिलाफ इससे पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था।
यानी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आरोपी का पहले कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। इसके बावजूद डॉक्टर को क्लीनिक में पिस्टल दिखाकर धमकाने और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप बेहद गंभीर है।

पुलिस आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसकी गतिविधियों से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर सकती है।
पुलिस जांच में जुटे कई अहम सवाल
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई सवाल हैं। इनमें सबसे अहम यह है कि आरोपी के पास पिस्टल कहां से आई?
इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले डॉक्टर की रेकी की थी।

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि डॉक्टर को निशाना बनाने के पीछे केवल आर्थिक कारण था या आरोपी के पास डॉक्टर से संबंधित कोई अन्य जानकारी भी थी।
क्या वारदात में कोई और शामिल था?
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस पूरी वारदात में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था।
आमतौर पर फिरौती जैसी वारदातों में पुलिस आरोपी के फोन रिकॉर्ड, संपर्कों और घटनास्थल से जुड़े अन्य सुरागों की जांच करती है। इस मामले में भी पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।
यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस रिमांड के लिए अदालत में होगी पेशी
गिरफ्तार आरोपी को पुलिस जल्द ही अदालत में पेश करेगी। पुलिस की ओर से पूछताछ के लिए रिमांड लेने का प्रयास किया जाएगा।
रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से पिस्टल की व्यवस्था, फिरौती की योजना, डॉक्टर को निशाना बनाने की वजह और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में पूछताछ कर सकती है।
इसके अलावा पुलिस यह भी जानने का प्रयास करेगी कि आरोपी ने कितने समय पहले इस वारदात की योजना बनाई थी।
पिस्टल कहां से मिली, इसकी भी होगी जांच
जांच में एक महत्वपूर्ण बिंदु हथियार की बरामदगी भी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि .32 बोर की पिस्टल आरोपी तक कैसे पहुंची।
यदि हथियार के संबंध में कोई अन्य व्यक्ति या स्रोत सामने आता है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है।

पुलिस हथियार की वैधता और उससे संबंधित दस्तावेजों की भी जांच करेगी।
डॉक्टर को ही क्यों बनाया निशाना?
पुलिस के सामने सबसे महत्वपूर्ण सवालों में से एक यह भी है कि आरोपी ने इसी डॉक्टर को क्यों चुना।
क्या आरोपी डॉक्टर को पहले से जानता था? क्या उसे डॉक्टर की आर्थिक स्थिति या रोजाना की गतिविधियों के बारे में जानकारी थी? क्या उसने क्लीनिक की पहले से रेकी की थी?
इन सभी सवालों के जवाब पुलिस पूछताछ और जांच के बाद ही सामने आएंगे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस की ओर से करीब 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और संभावित सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया।
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस का फोकस वारदात के पीछे की पूरी कहानी और किसी संभावित सहयोगी की भूमिका का पता लगाने पर है।
मामले की जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच अभी पूरी नहीं हुई है। आरोपी से पूछताछ के अलावा वारदात में इस्तेमाल सामान और हथियार से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने डॉक्टर से फिरौती मांगने की योजना कब बनाई और क्या उसने पहले किसी अन्य व्यक्ति से इस बारे में चर्चा की थी।
पुलिस के सामने बरामद सामान
| बरामद सामान | विवरण |
|---|---|
| पिस्टल | .32 बोर |
| कारतूस | 2 जिंदा कारतूस |
| वाहन | एक स्कूटर |
| अन्य सामान | काले रंग का हेलमेट |
| गिरफ्तार आरोपी | सुखबीर सिंह, उम्र 51 वर्ष |
| पता | भवाई नगर, मजीठा रोड |
| कथित फिरौती की रकम | 10 लाख रुपये |
| घटना | डॉक्टर को पिस्टल दिखाकर धमकी |
| गिरफ्तारी | पुलिस के अनुसार करीब 12 घंटे में |
Amritsar के मजीठा रोड इलाके में डॉक्टर को पिस्टल दिखाकर 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने 51 वर्षीय सुखबीर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी मजीठा रोड पर कुलचे की दुकान चलाता था और कर्ज के चलते आर्थिक परेशानी से जूझ रहा था।

आरोप है कि 8 अगस्त की सुबह हेलमेट पहनकर डॉक्टर के क्लीनिक में पहुंचे आरोपी ने पिस्टल दिखाकर सोमवार तक 10 लाख रुपये तैयार रखने की धमकी दी थी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और करीब 12 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़ने का दावा किया।
आरोपी के पास से .32 बोर की पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, स्कूटर और काला हेलमेट बरामद किया गया है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार कहां से आया, डॉक्टर को ही निशाना क्यों बनाया गया और क्या वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। मामले में आगे की तस्वीर पुलिस पूछताछ और जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।





















