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Argundi हत्याकांड का खुलासा नदी में मिला सिर हाथ और पैर कटा शव मित्र समेत छह आरोपी गिरफ्तार

On: August 4, 2026 8:56 PM
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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत Argundi गांव के समीप कोटसोना नदी में मिले एक व्यक्ति के सिर, हाथ और पैर कटे शव मामले का चाईबासा पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में मृतक के एक मित्र समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त टांगी, हंसुआ और मृतक का कटा हुआ सिर भी बरामद कर लिया गया है।

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पुलिस के अनुसार, मृतक की हत्या आपसी रंजिश के कारण की गई थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के कई टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए थे। पुलिस की त्वरित जांच, तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर इस सनसनीखेज मामले का कुछ ही दिनों में खुलासा कर लिया गया।

2 अगस्त को नदी में मिला था क्षत-विक्षत शव

पुलिस के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अरगुंडी गांव स्थित कोटसोना नदी में एक व्यक्ति का धड़ मिलने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

प्रारंभिक जांच में पाया गया कि शव का सिर, दोनों हाथ और दोनों पैर गायब थे। शव की स्थिति देखकर यह स्पष्ट हो गया कि हत्या के बाद पहचान छिपाने की नीयत से शव को काटा गया था। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पहनावे और शारीरिक बनावट से हुई मृतक की पहचान

पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ शुरू की। मृतक के कपड़ों, शारीरिक बनावट और अन्य पहचान के आधार पर उसकी पहचान अरगुंडी निवासी जोन गागराई (30 वर्ष), पिता गोपीनाथ गागराई के रूप में हुई।

पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दी और मामले की जांच को और तेज कर दिया।

डॉग स्क्वायड की मदद से मिले कटे हुए हाथ और पैर

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस केंद्र चाईबासा से डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया। पुलिस और ग्रामीणों की संयुक्त खोजबीन के दौरान मृतक के कटे हुए दोनों हाथ और दोनों पैर बरामद किए गए।

हालांकि उस समय मृतक का सिर नहीं मिल पाया था, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया तथा घटनास्थल के आसपास व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

हत्या और साक्ष्य छिपाने का मामला दर्ज

मृतक के पिता गोपीनाथ गागराई के लिखित आवेदन के आधार पर मुफ्फसिल थाना में कांड संख्या-103/2026 दर्ज किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) तथा धारा 238 (अपराध के साक्ष्य छिपाने) के तहत मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। इसके बाद पुलिस ने हर पहलू से मामले की जांच की।

एसपी अमित रेणु के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम

घटना की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

इस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, स्थानीय सूचना तंत्र तथा मानवीय सूचनाओं के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। लगातार पूछताछ और साक्ष्य जुटाने के दौरान पुलिस का शक मृतक के मित्र उदय जामुदा पर गहराने लगा।

पूछताछ में सामने आई हत्या की साजिश

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान उदय जामुदा ने कथित रूप से स्वीकार किया कि उसने अन्य ग्रामीणों के साथ मिलकर जोन गागराई की हत्या की थी।

जांच में सामने आया कि हत्या के लिए टांगी और हंसुआ जैसे धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया। हत्या के बाद शव की पहचान छिपाने के लिए उसे कई हिस्सों में काटकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया।

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह घटना आपसी रंजिश का परिणाम प्रतीत होती है, हालांकि अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है।

आरोपी की निशानदेही पर कुएं से मिला मृतक का सिर

पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल के समीप स्थित एक कुएं में तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने मृतक का कटा हुआ सिर बरामद कर लिया। इसके साथ ही हत्या में प्रयुक्त टांगी और हंसुआ भी बरामद किए गए। पुलिस ने सभी बरामद वस्तुओं को विधिवत जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है।

छह आरोपी गिरफ्तार अन्य की तलाश जारी

पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—

  • सालुका जामुदा (50 वर्ष)
  • वीरसिंह जामुदा (23 वर्ष)
  • रामसिंह जामुदा उर्फ सिकंदर जामुदा (48 वर्ष)
  • गणेश जामुदा (40 वर्ष)
  • नारदे जामुदा (50 वर्ष)
  • उदय जामुदा (46 वर्ष)

पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। यदि अतिरिक्त साक्ष्य सामने आते हैं, तो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस टीम ने निभाई अहम भूमिका

इस पूरे अभियान का नेतृत्व सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) बहामन टुटी ने किया।

छापेमारी दल में शामिल प्रमुख अधिकारी एवं पुलिसकर्मी—

  • मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार
  • विकास कुमार
  • राजेश कुमार
  • मिथुन कुमार
  • थाना रिजर्व गार्ड के जवान
  • डॉग स्क्वायड एवं अन्य सहयोगी पुलिस बल

पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई, वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस जघन्य हत्याकांड का कुछ ही दिनों में खुलासा संभव हो सका।

पुलिस करेगी मामले की आगे भी गहन जांच

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे की पूरी साजिश, घटना की वास्तविक परिस्थितियों तथा अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की विस्तृत जांच जारी है।

साथ ही बरामद हथियारों और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे मामले को और मजबूत बनाया जा सके।

Argundi गांव के कोटसोना नदी में मिले क्षत-विक्षत शव की गुत्थी सुलझाते हुए चाईबासा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मृतक जोन गागराई की हत्या के आरोप में उसके मित्र सहित छह लोगों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त हथियार और मृतक का कटा हुआ सिर भी बरामद कर लिया है। पुलिस की त्वरित और वैज्ञानिक जांच से कुछ ही दिनों में इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हो गया। फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।

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