जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम में ठेकेदारों के भुगतान के नाम पर चल रहे कमीशनखोरी के खेल पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में नगर विकास मंत्री से तत्काल कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। विधायक ने कहा है कि मानगो में निगम के भुगतान को लेकर भ्रष्टाचार चरम पर है, जहां जनप्रतिनिधि और उनके करीबी भी इस धंधे में शामिल हैं।
कन्हाई कुमार सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट से हुआ खुलासा
यह पूरा मामला तब सामने आया जब कन्हाई कुमार सिंह नामक एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में दर्द बयां करते हुए लिखा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उन्हें किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ कुछ कहना पड़ेगा, लेकिन अब स्थिति असहनीय हो गई है।
- रिश्तेदार ही बना पार्षद: पोस्ट में कन्हाई सिंह ने बताया कि तस्वीर में दिख रहा नौजवान उनका अपना भांजा है और वह वार्ड पार्षद भी है।
- समय पर पूरा हुआ काम: पार्षद भांजे को उनके वार्ड में नाली निर्माण का काम मिला था, जिसे कनीय अभियंता (JE) के निर्देशानुसार फरवरी महीने में ही पूरा कर दिया गया था।
- पूरी हो चुकी है कागजी प्रक्रिया: काम का बिल बन चुका है, उस पर कार्यपालक अभियंता (Executive Engineer) के हस्ताक्षर भी हो चुके हैं, क्वालिटी पेपर और ऑडिट की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, इसके बावजूद भुगतान रोक दिया गया है।


“पार्षद को 2%, मैडम को अलग से चाहिए कमीशन”
पीड़ित परिवार का आरोप है कि भुगतान की फाइल पास करने के एवज में भारी कमीशन की मांग की जा रही है। कन्हाई सिंह ने अपने पोस्ट में गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है:
“पार्षद साहब को 2 प्रतिशत चाहिए और मेयर मैडम को अलग से कमीशन चाहिए। मैं हाथ जोड़कर आप दोनों से निवेदन करता हूं कि एक बार मेरे घर आइए और हालात देखिए, उसके बाद जो कहेंगे, मैं सभी को कमीशन दूंगा।”
भुगतान न होने पर आत्मदाह की चेतावनी
सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में कन्हाई कुमार सिंह ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जल्द से जल्द उनके बकाए का भुगतान नहीं मिला, तो वे मानगो नगर निगम कार्यालय के सामने आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी घटना की जिम्मेदारी संबंधित पार्षद और मेयर मैडम की होगी।
विधायक सरयू राय ने की हस्तक्षेप की मांग
इस गंभीर मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक सरयू राय ने कहा कि मानगो नगर निगम में योजनाओं के क्रियान्वयन और भुगतान के स्तर पर भारी अनियमितताएं हो रही हैं। जब जनप्रतिनिधि अपने ही रिश्तेदारों को नहीं बख्श रहे हैं, तो आम ठेकेदारों का क्या हाल होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा है। उन्होंने शासन से इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।













