जमशेदपुर, 24 जुलाई 2026: जमशेदपुर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल डिमना लेक में शुक्रवार तड़के हुए एक दर्दनाक हादसे में MGM मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना ने पूरे शहर के साथ-साथ चिकित्सा जगत को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। दोनों युवा डॉक्टरों की असामयिक मृत्यु के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में शोक का माहौल है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
देर रात डिमना लेक पहुंचे थे तीन डॉक्टर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एमजीएम मेडिकल कॉलेज के 2020 बैच के तीन जूनियर डॉक्टर गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात डिमना लेक पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि वे लेक के उस हिस्से में चले गए, जिसे प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है। इसी दौरान पानी में एक मोबाइल फोन गिर गया, जिसे निकालने के प्रयास में दो डॉक्टर गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे।
एक डॉक्टर ने बचाई अपनी जान
घटना के समय मौजूद तीसरे डॉक्टर को तैरना आता था। उसने किसी तरह पानी से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और आसपास के लोगों से मदद मांगी। उसके शोर मचाने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

रातभर चला रेस्क्यू अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और गोताखोरों की टीम डिमना लेक पहुंची। कई घंटों तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद दोनों डॉक्टरों के शव पानी से बाहर निकाले गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान समीर लाल और सक्षम सिंह के रूप में की है। दोनों एमजीएम मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर थे और अपने बैच के प्रतिभाशाली छात्रों में शामिल थे। उनके निधन की खबर मिलते ही कॉलेज प्रशासन, डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई।
एमजीएम मेडिकल कॉलेज में पसरा मातम
घटना के बाद एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर में सन्नाटा छा गया। साथी डॉक्टरों और छात्रों ने दोनों दिवंगत डॉक्टरों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। कॉलेज प्रशासन ने भी इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों युवा डॉक्टरों का निधन चिकित्सा जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
डिमना लेक के प्रतिबंधित क्षेत्र में पहले भी हो चुके हैं हादसे
डिमना लेक जमशेदपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल और महत्वपूर्ण जलाशय है। प्रशासन ने लेक के कई हिस्सों को खतरनाक घोषित कर वहां चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। इन क्षेत्रों में पानी काफी गहरा होने के कारण लोगों के प्रवेश और स्नान पर रोक है। इसके बावजूद कई लोग चेतावनियों की अनदेखी कर प्रतिबंधित हिस्सों में चले जाते हैं, जिसके कारण समय-समय पर डूबने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि डिमना लेक के प्रतिबंधित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को और मजबूत किया जाना चाहिए। विशेष रूप से रात के समय पुलिस गश्त, बैरिकेडिंग और निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला डूबने से हुई दुर्घटना का प्रतीत होता है। फिर भी घटना के प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी
यह हादसा एक बार फिर साबित करता है कि पर्यटन स्थलों पर लगाए गए सुरक्षा नियम लोगों की सुरक्षा के लिए होते हैं। प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करना या गहरे पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी कीमती वस्तु या मोबाइल फोन को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में नहीं डालनी चाहिए।
पूरे शहर में शोक का माहौल
दो युवा डॉक्टरों की असमय मौत से उनके परिवार, मित्र, मेडिकल कॉलेज और पूरे शहर में शोक व्याप्त है। यह घटना सभी के लिए एक गंभीर सीख है कि थोड़ी-सी लापरवाही भी जीवनभर का दर्द बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचें।














