मध्य प्रदेश: टीकमगढ़ जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां कथित तौर पर पोते की चाह में एक दादी ने अपनी ही 21 दिन की नवजात पोती की गला घोंटकर Murder कर दी। जिस मासूम को परिवार की सबसे सुरक्षित गोद मिलनी चाहिए थी, उसी घर में उसकी जिंदगी छीन ली गई। इस घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है और समाज में आज भी मौजूद बेटा-बेटी के भेदभाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने मामले की जांच के बाद आरोपी दादी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के बन्ने बुजुर्ग गांव की है। जानकारी के अनुसार, 21 दिन की नवजात बच्ची मनीषा अपनी मां के साथ रात में सो रही थी।
आरोप है कि आधी रात के समय उसकी दादी रेखा आदिवासी बच्ची को मां के पास से उठाकर ले गई। पुलिस के अनुसार, दादी ने कथित तौर पर बच्ची का गला घोंट दिया और फिर उसे वापस मां के पास लिटाकर चली गई।
सुबह जब बच्ची ने कोई हरकत नहीं की तो परिजनों को शक हुआ। मां ने उसे उठाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
पहले मौत को सामान्य बताने की कोशिश
घटना के बाद परिवार के कुछ लोगों ने बच्ची की मौत को सामान्य बताने का प्रयास किया। शुरुआती स्तर पर यह भी कहा गया कि उसकी मौत किसी प्राकृतिक कारण या झाड़-फूंक जैसी बातों से हुई है।
हालांकि पुलिस को मामले की परिस्थितियां संदिग्ध लगीं। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और पूरे मामले की गंभीरता से जांच शुरू की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत प्राकृतिक नहीं थी, बल्कि उसका गला घोंटा गया था। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने परिवार के सभी सदस्यों से पूछताछ शुरू की और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की।
पूछताछ में दादी ने कबूल किया अपराध
जांच के दौरान पुलिस का शक बच्ची की दादी रेखा आदिवासी पर गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी महिला ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने कथित तौर पर बताया कि उसे परिवार में पोते की चाह थी और पोती के जन्म से वह खुश नहीं थी। इसी कारण उसने यह कदम उठाया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
टीकमगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाह ने बताया कि पुलिस को करीब 20 दिन की बच्ची की संदिग्ध मौत की सूचना मिली थी।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने जांच शुरू की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद हत्या की पुष्टि होने पर मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि बच्ची की हत्या उसकी दादी द्वारा किए जाने का आरोप है।
आरोपी महिला को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूरे गांव में पसरा मातम
घटना सामने आने के बाद पूरे गांव में शोक और हैरानी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि परिवार के भीतर इतनी दर्दनाक घटना हो सकती है।
लोगों का कहना है कि जिस दादी को बच्ची की देखभाल करनी चाहिए थी, उसी पर उसकी हत्या का आरोप लगना बेहद दुखद और चौंकाने वाला है।
बेटा-बेटी के भेदभाव पर फिर उठे सवाल
यह घटना समाज में अब भी मौजूद लिंगभेद की मानसिकता को उजागर करती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज कानून, शिक्षा और जागरूकता के बावजूद कई स्थानों पर बेटियों को लेकर नकारात्मक सोच बनी हुई है। बेटियों और बेटों को समान अधिकार और सम्मान देने की आवश्यकता आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
सरकार द्वारा ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसे अभियान भी इसी सोच को बदलने की दिशा में चलाए जा रहे हैं।
पुलिस कर रही है मामले की विस्तृत जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि घटना में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी और क्या हत्या की साजिश में कोई और भी शामिल था।
जांच पूरी होने के बाद पुलिस अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
समाज के लिए एक गंभीर संदे
यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज के सामने एक गंभीर चेतावनी भी है। बेटा और बेटी दोनों समान हैं और दोनों को समान अधिकार, प्यार और सुरक्षा मिलनी चाहिए।
परिवार के भीतर होने वाली ऐसी घटनाएं यह बताती हैं कि केवल कानून ही नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव भी बेहद जरूरी है। शिक्षा, जागरूकता और समानता की भावना ही ऐसी दुखद घटनाओं को रोकने का सबसे प्रभावी माध्यम बन सकती है।
टीकमगढ़ जिले में 21 दिन की नवजात बच्ची की कथित हत्या का मामला पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाला है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई और जांच के दौरान बच्ची की दादी पर हत्या का आरोप सामने आया। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि मामले की जांच जारी है। यह घटना समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की सोच को समाप्त करने और बेटियों को समान सम्मान व सुरक्षा देने की आवश्यकता की एक गंभीर याद दिलाती है।




















