झारखंड: Jamshedpur से एक बेहद दुखद सड़क हादसे की खबर सामने आई है। साकची जेल चौक के पास सोमवार सुबह हुए एक हादसे में प्राथमिक विद्यालय एदेलबेड़ा की शिक्षिका रजनीगंधा दास की मौत हो गई। वह अपने पति के साथ बाइक से स्कूल जा रही थीं, तभी अचानक बाइक से गिर गईं। हादसा इतना गंभीर था कि उनका हेलमेट टूट गया और सिर में गंभीर अंदरूनी चोट लग गई। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके। इस घटना से पूरे शिक्षक समुदाय और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई है।
कैसे हुआ दर्दनाक सड़क हादसा?
जानकारी के अनुसार, शिक्षिका रजनीगंधा दास सोमवार सुबह रोज की तरह अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं। वह साकची गंडक रोड स्थित अपने आवास से हाईवे स्थित प्राथमिक विद्यालय एदेलबेड़ा के लिए रवाना हुई थीं।
उनके पति सुशील दास बाइक चला रहे थे। जब दोनों साकची जेल चौक के पास पहुंचे, तभी अचानक रजनीगंधा दास बाइक से नीचे गिर गईं। हादसा इतना तेज था कि उनका हेलमेट भी टूट गया और सिर में गंभीर चोट लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हेलमेट टूटने से सिर में लगी गंभीर चोट
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दुर्घटना के दौरान हेलमेट पूरी तरह टूट गया, जिससे उनके सिर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार सड़क दुर्घटना में बाहरी चोट कम दिखाई देती है, लेकिन सिर के अंदर गंभीर चोट लगने से स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। इस मामले में भी अंदरूनी चोट जानलेवा साबित हुई।

पति तुरंत लेकर पहुंचे अस्पताल
हादसे के तुरंत बाद उनके पति सुशील दास ने बिना समय गंवाए उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सिर में लगी गंभीर चोट के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस खबर के बाद अस्पताल परिसर और परिवार में शोक का माहौल बन गया।
रोज इसी रास्ते से जाती थीं स्कूल
बताया जा रहा है कि रजनीगंधा दास प्रतिदिन इसी मार्ग से अपने स्कूल जाया करती थीं। सोमवार को भी वह सामान्य दिनों की तरह ड्यूटी के लिए निकली थीं, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।

इस अप्रत्याशित घटना ने उनके सहयोगियों और परिचितों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रजनीगंधा दास अपने पीछे पति, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार
- उनका बेटा आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है।
- उनकी बेटी बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई कर रही है।
दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों बच्चों के जमशेदपुर पहुंचने की तैयारी की गई। परिवार के सदस्यों के पहुंचने के बाद मंगलवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शिक्षक संघ ने जताया गहरा शोक
शिक्षिका रजनीगंधा दास के निधन पर झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वह एक समर्पित, मेहनती और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षिका थीं। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
क्या बोले शिक्षक संघ के अध्यक्ष?
झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ (जमशेदपुर) के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार कर्ण ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि रजनीगंधा दास बेहद मिलनसार, जिम्मेदार और ईमानदार शिक्षिका थीं।
उन्होंने कहा कि उनके असामयिक निधन से शिक्षक समाज को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।
सड़क सुरक्षा को लेकर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और हेलमेट की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि हेलमेट पहनना बेहद जरूरी है, लेकिन उसके साथ-साथ अच्छी गुणवत्ता वाला और सही तरीके से फिट हेलमेट पहनना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सड़क पर वाहन चलाते समय गति नियंत्रण, सतर्कता और यातायात नियमों का पालन करने से ऐसे हादसों की संभावना काफी हद तक कम की जा सकती है।
शिक्षिका के निधन से स्कूल में शोक
रजनीगंधा दास के निधन की खबर मिलते ही उनके स्कूल में भी शोक की लहर दौड़ गई। सहकर्मियों और विद्यार्थियों ने उन्हें एक जिम्मेदार और प्रेरणादायक शिक्षिका बताया।
बताया जा रहा है कि वह बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए भी हमेशा प्रयासरत रहती थीं। उनके निधन से विद्यालय परिवार ने एक अनुभवी और समर्पित शिक्षिका को खो दिया है।
Jamshedpur के साकची जेल चौक के पास हुआ यह सड़क हादसा बेहद दुखद है। प्राथमिक विद्यालय एदेलबेड़ा की शिक्षिका रजनीगंधा दास की बाइक से गिरने के बाद सिर में गंभीर चोट लगने से इलाज के दौरान मौत हो गई। उनके निधन से परिवार, विद्यालय और शिक्षक समाज में शोक की लहर है। यह घटना सड़क सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और गुणवत्तापूर्ण सुरक्षा उपकरणों के उपयोग की आवश्यकता की भी याद दिलाती है।













