- सेना के जवानों को राखी भेजेंगी बहनें, स्कूल से राज्य स्तर तक प्रतिभागियों को मिलेगा सम्मान
जमशेदपुर । भाई-बहन के प्रेम, भारतीय संस्कृति और सामाजिक सौहार्द के संदेश को बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से डाक विभाग सिंहभूम मंडल में भव्य स्तर पर ‘राखी प्रतियोगिता’ आयोजित करने की तैयारी में जुट गया है। प्रतियोगिता के सफल और व्यापक आयोजन को लेकर मंगलवार को एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह ने की। इस दौरान झारखंड परिमंडल के विपणन नोडल पदाधिकारी अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में सिंहभूम मंडल की उप डाक अधीक्षक गुड़िया कुमारी के साथ तीनों जिलों के सहायक डाक अधीक्षक, डाक निरीक्षक और विभिन्न अनुमंडलों के रिलेशनशिप मैनेजरों ने भाग लिया।
तीन जिलों के करीब 300 स्कूलों तक पहुंचेगा डाक विभाग
बैठक में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के करीब 300 स्कूलों को प्रतियोगिता से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। संबंधित अधिकारियों और रिलेशनशिप मैनेजरों को चिन्हित स्कूलों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर विद्यार्थियों को राखी प्रतियोगिता की विस्तृत जानकारी देने का निर्देश दिया गया।
डाक विभाग का प्रयास है कि सिंहभूम मंडल का कोई भी चिन्हित स्कूल इस विशेष अभियान से वंचित न रहे और अधिक से अधिक बच्चे अपनी रचनात्मक प्रतिभा के साथ प्रतियोगिता में भाग लें।
जिनके भाई नहीं, वे सेना के जवानों को भेज सकेंगी राखी
प्रतियोगिता के साथ डाक विभाग ने एक भावनात्मक और देशभक्ति से जुड़ी पहल भी की है। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन बहनों के सगे भाई नहीं हैं, उन्हें देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के वीर जवानों को राखी भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
इस पहल के माध्यम से देश की सुरक्षा में दिन-रात तैनात जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही बच्चों में राष्ट्रप्रेम और सैनिकों के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
स्कूल स्तर से राज्य स्तर तक मिलेगा पुरस्कार
प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहित करने के लिए डाक विभाग ने त्रि-स्तरीय पुरस्कार व्यवस्था तैयार की है। जिस स्कूल से 50 विद्यार्थी प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे, वहां पांच सर्वश्रेष्ठ राखी बनाने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, 100 से अधिक प्रतिभागियों वाले स्कूलों के 10 सर्वश्रेष्ठ विद्यार्थियों को भारत सरकार के डाक विभाग की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।
मंडल स्तर पर पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले से चयनित शीर्ष 10 प्रतिभागियों को सिंहभूम मंडल विशेष पुरस्कार प्रदान करेगा। इसके अलावा पूरे झारखंड परिमंडल में उत्कृष्ट राखी बनाने वाले शीर्ष 10 प्रतिभागियों को मुख्य पोस्टमास्टर जनरल द्वारा विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
छोटे बच्चों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों के बीजारोपण पर जोर
डाक विभाग ने इस अभियान में प्राथमिक विद्यालयों, मध्य विद्यालयों और प्ले स्कूलों के छोटे बच्चों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया है। इसका उद्देश्य कम उम्र से ही बच्चों को रक्षाबंधन के सांस्कृतिक महत्व, भाई-बहन के निश्छल प्रेम, आपसी सौहार्द और भारतीय परंपराओं से जोड़ना है।
अधिकारियों का मानना है कि राखी निर्माण जैसी रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में कला और कल्पनाशीलता को बढ़ावा मिलने के साथ भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति जागरूकता भी विकसित होगी।
सोसायटियों तक पहुंचेगा डाक विभाग, घर के पास होगी स्पीड पोस्ट बुकिंग
इस बार डाक विभाग का अभियान केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। सिंहभूम मंडल की बड़ी और छोटी आवासीय सोसायटियों तथा रिहायशी क्षेत्रों में भी विशेष रक्षाबंधन कैंप आयोजित करने की योजना बनाई गई है। बहनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सोसायटियों में ही स्पीड पोस्ट बुकिंग की व्यवस्था उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे राखियां आसानी से और समय पर देश के विभिन्न हिस्सों में भेजी जा सकेंगी।
प्रमुख स्थानों पर लगेंगे ‘चलंत डाकघर’ और मोबाइल कियॉस्क
रक्षाबंधन के दौरान शहर और क्षेत्र के प्रमुख एवं व्यस्त स्थानों पर चलंत डाकघर और विशेष मोबाइल बुकिंग कियॉस्क स्थापित करने की भी योजना है। इन केंद्रों पर राखी भेजने के लिए डाक बुकिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

डाक विभाग की यह पहल त्योहार के दौरान बहनों को सुविधाजनक डाक सेवा उपलब्ध कराने के साथ रक्षाबंधन के सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बैठक में अधिकारियों ने सिंहभूम मंडल में राखी प्रतियोगिता और विशेष डाक सेवाओं को सफल बनाने का संकल्प लिया। डाक विभाग का यह अभियान सेवा भावना, सांस्कृतिक चेतना, राष्ट्रप्रेम और सामुदायिक जुड़ाव का अनूठा संगम बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।











