पोटका: प्रखंड के पूर्व जिला पार्षद Karunamay मंडल एक बार फिर जनसेवा के कार्यों को लेकर चर्चा में हैं। सीमित संसाधनों और विषम परिस्थितियों के बावजूद वे लगातार जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। इस बार उन्होंने आसनबनी पंचायत के चतरो गांव की जन्म से दृष्टिहीन नौ वर्षीय बच्ची शिवानी सिंह की सहायता के लिए पहल की है।
शिवानी जन्म से ही दोनों आंखों से देख नहीं सकती हैं। आर्थिक और प्रशासनिक परेशानियों के कारण अब तक उनका आधार कार्ड नहीं बन पाया था। आधार कार्ड नहीं होने की वजह से उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र भी नहीं बन सका था, जिससे वे सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित थीं। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल ने संबंधित विभाग से संपर्क कर बच्ची की मदद का बीड़ा उठाया।
आधार कार्ड नहीं होने से अटका था दिव्यांग प्रमाण पत्र
जानकारी के अनुसार शिवानी सिंह के पिता मंगल सिंह लंबे समय से अपनी बेटी का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आधार कार्ड नहीं होने के कारण प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। परिवार आर्थिक रूप से भी मजबूत नहीं है, जिसके कारण सरकारी कार्यालयों के लगातार चक्कर लगाना उनके लिए मुश्किल हो रहा था।
जब यह जानकारी पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की पहल की।
पूर्व पार्षद के प्रयास से बना आधार कार्ड
करुणामय मंडल के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। हाल ही में प्रखंड स्थित आधार केंद्र के माध्यम से शिवानी सिंह का आधार कार्ड बन गया। आधार कार्ड बनने के बाद अब उनके दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
पूर्व पार्षद ने कहा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को केवल दस्तावेजों की कमी के कारण सरकारी सुविधाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है कि वे जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में सहयोग करें।

दिव्यांग प्रमाण पत्र के लिए जमा किए गए सभी दस्तावेज
सोमवार को शिवानी सिंह के पिता मंगल सिंह और उनके मामा बाबूलाल सिंह बच्ची को लेकर करुणामय मंडल के पास पहुंचे। उन्होंने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज उपलब्ध कराए।
पूर्व जिला पार्षद ने स्वयं फॉर्म भरवाने में सहयोग किया और पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी परिवार को दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रमाण पत्र बनने तक वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे।
25 तारीख को सदर अस्पताल कैंप में बनेगा प्रमाण पत्र
करुणामय मंडल ने बताया कि आगामी 25 तारीख को सदर अस्पताल में आयोजित विशेष चिकित्सा शिविर में शिवानी सिंह को ले जाया जाएगा। वहां चिकित्सकीय जांच के बाद उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रमाण पत्र बनने के बाद बच्ची को राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जाएगा ताकि परिवार को आर्थिक सहायता मिल सके।
मिलेगा स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता’ का लाभ
पूर्व जिला पार्षद ने बताया कि दिव्यांग प्रमाण पत्र बनने के बाद शिवानी सिंह को “स्वामी विवेकानंद नि:शक्त स्वावलंबन प्रोत्साहन भत्ता” योजना का लाभ दिलाने की भी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह योजना दिव्यांगजनों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से संचालित की जाती है। इससे बच्ची की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में परिवार को राहत मिलेगी।
जरूरतमंदों की सेवा को बताया अपना दायित्व
करुणामय मंडल ने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग की सेवा करना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में दस्तावेजों या अन्य किसी प्रकार की परेशानी आती है तो वे हमेशा सहायता के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि किसी जरूरतमंद को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है तो उसकी जानकारी उन्हें दें, ताकि समय रहते संबंधित विभाग से समन्वय कर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
परिवार ने जताया आभार
शिवानी सिंह के पिता मंगल सिंह और उनके मामा बाबूलाल सिंह ने पूर्व जिला पार्षद करुणामय मंडल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से वे अपनी बेटी का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए प्रयास कर रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी। अब करुणामय मंडल की पहल से न केवल आधार कार्ड बन गया है बल्कि जल्द ही दिव्यांग प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने की भी उम्मीद जगी है।
समाजसेवा की मिसाल बनी पहल
पोटका क्षेत्र में Karunamay मंडल की इस पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का वास्तविक दायित्व जनता की समस्याओं का समाधान करना है और पूर्व जिला पार्षद ने इस कार्य के माध्यम से समाजसेवा की एक सकारात्मक मिसाल पेश की है। स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी इसी तरह जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।

















