कैरो/इस्तांबुल : एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री यात्रा के दौरान उस समय बड़ा कूटनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा हो गया, जब लगभग 2,000 यात्रियों को लेकर जा रहे एक प्रमुख LGBTQ+ क्रूज शिप को इजिप्ट (मिस्र) और तुर्की की सरकारों ने अपने बंदरगाहों पर प्रवेश देने से साफ इनकार कर दिया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय नियमों का हवाला देते हुए इस क्रूज को तटीय सीमा से वापस लौटा दिया गया है।
केबिन के नीचे मिले नोटिस से मची खलबली
रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रूज पर सवार यात्रियों को इस बात की भनक तब लगी जब सुबह उन्हें अपने केबिन के दरवाजों के नीचे एक आधिकारिक पत्र (नोटिस) मिला।
- इस पत्र में क्रूज प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा सूचित किया गया था कि सुरक्षा व्यवस्था और देश के मौजूदा नियमों के चलते इस जहाज को बंदरगाह पर लंगर डालने या यात्रियों को शहर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
- क्रूज पर आम यात्रियों के साथ-साथ कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां भी सवार थीं, जिनमें मशहूर ब्रॉडवे स्टार पट्टी लुपोन (Patti LuPone) भी शामिल हैं।
तुर्की के बाद इजिप्ट का कड़ा रुख
यह विवाद तब और गहरा गया जब यह बात सामने आई कि इस क्रूज को इजिप्ट से पहले तुर्की के बंदरगाह ने भी अपने यहाँ रुकने की इजाजत नहीं दी थी। लगातार दो देशों द्वारा प्रवेश वर्जित किए जाने के बाद क्रूज को अपना रूट बदलने पर मजबूर होना पड़ा है।
दोनों देशों के स्थानीय प्रशासनों का कहना है कि यह निर्णय कानून व्यवस्था और सांस्कृतिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखकर लिया गया है, जबकि क्रूज पर मौजूद संगठनों ने इसे मानवाधिकारों और यात्रियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी वैश्विक बहस
इस घटना के सामने आते ही इंटरनेट और विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है:
- एक पक्ष का तर्क: मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और यात्रियों के समर्थकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में इस तरह का प्रतिबंध लगाना और यात्रियों के साथ भेदभाव करना पूरी तरह गलत है।
- दूसरा पक्ष का तर्क: कई वैश्विक विश्लेषकों और स्थानीय समर्थकों का मानना है कि हर संप्रभु राष्ट्र को यह अधिकार है कि वह अपनी सुरक्षा, संस्कृति और आंतरिक नियमों के अनुसार किसी भी विदेशी जहाज को अपने देश में आने की अनुमति दे या न दे।
फिलहाल क्रूज प्रबंधन यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए अगले सुरक्षित बंदरगाह की तलाश में है और मामले पर अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
अस्वीकरण : यह रिपोर्ट केवल सार्वजनिक तथ्यों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया अपडेट्स पर आधारित सामान्य सूचना के लिए है।













