
श्रीगंगानगर | राजस्थान

Crime News Rajasthan: श्रीगंगानगर, राजस्थान राज्य का यह मामला झकझोर दिया है। जहाँ मात्र 13 साल की बच्ची बिकती ही, दरिंदे नोचते रहे। उस हृदयविदारक घटना की कहानी हम बताते हैं ताकि हर सामाजिक व्यक्ति को यह पीड़ा महसूस हो जो पीड़ा उस नन्ही मासूम ने झेले हैं। घर जाने की आस लगाए जब उसने एक रिक्शा वाले को रोका और कहा कि आप मुझे घर छोड़ दीजिए, तो वहशी रिक्शावाला उसे बहलाकर गेस्ट हाउस पर ले गया। जहाँ उसने उसका पहले बलात्कार किया फिर वहां उसे 10000 में बेच कर चलता बना।
फिर गेस्ट हाउस का संचालक उसके साथ बलात्कार करता है। उसे बंधक बनाकर रखता है और तीन दिन में 12 लोगो को सौदा कर बलात्कार करवाया। उस गेस्ट हाउस संचालक ने उस बच्ची को 50 हजार में किसी दूसरे गेस्ट हाउस वाले को बेच दिया, वहां भी उसका सौदा हुआ और 20 से ज्यादा लोगों ने उस मासूम बच्ची का बलात्कार किया।

सामाजिक प्राणियों को यह भी जानना चाहिए की वह मात्र 13 साल की मासूम बच्ची थी, जिसके साथ सभ्य समाज के 32 दरिंदों ने बलात्कार किया। यह सभी दरिंदे परिवार वाले हैं, उनकी अपनी पत्नी है, उनकी भी बेटियां है।
जिसका मन जैसे हुआ उस 13 साल की मासूम बच्ची को नोचते रहे। बच्ची जब दर्द से चीखती, चिल्लाती तो उसे शराब पिला दिया जाता ताकि बच्ची की आवाज कमरे से बाहर न जाए।
सोचिए जरा वो मासूम कितनी बार हाथ जोड़ी होगी, दर्द से छटपटाती हुई, चीखती-चिल्लाती घर जाने की भीख मांगती होगी। मुझे छोड़ दो कि गुहार लगाती होगी। पर उसकी सुनने वाला कोई नहीं था, सब उसपर टूट पड़े, और एक-एककर उसे नोचते रहे।
उधर उस बच्ची के घर वाले उसे लगातार ढूंढते रहे। पुलिस ढूंढ रही थी। पांच दिनों बाद किसी तरह मौका पाकर वह बच्ची सड़क पर आई और एक पुलिसकर्मी को देखकर उसने अपने ऊपर बीती पूरी बात बताई, तब जाकर यह दरिंदगी दुनिया के सामने आई।
जिम्मेदार कौन?
यह कहानी सुनिए या पढ़िए मत आपके घर में भी बेटी है। हो सके तो जागिये ….
















