
श्रीगंगानगर (राजस्थान)।

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ हुए जघन्य अपराध के मामले में पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। सोशल मीडिया पर बच्ची की स्थिति को लेकर चल रही विभिन्न अफवाहों के बीच पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि पीड़ित बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसे पुलिस कस्टडी में विशेषज्ञ डॉक्टरों व बाल कल्याण समिति (CWC) की देखरेख में रखा गया है।
पुलिस ने सकुशल किया था रेस्क्यू, अफवाहों पर न दें ध्यान
विगत 18 जून को लापता हुई 13 वर्षीय मासूम को श्रीगंगानगर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 22-23 जून को ‘होटल जॉय इन’ से सकुशल बरामद (Rescue) कर लिया था।

हाल ही में सोशल मीडिया पर अस्पताल के बेड पर रोती हुई एक बच्ची का वीडियो वायरल कर उसे श्रीगंगानगर मामले से जोड़ा जा रहा था, जिस पर राजस्थान पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार, वह वायरल वीडियो पूरी तरह भ्रामक और फेक है, जिसका संबंध उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से है। श्रीगंगानगर की पीड़ित बच्ची पूरी तरह ठीक और सुरक्षित है। सुरक्षा और कानूनी कारणों से उसके वर्तमान ठिकाने को गुप्त रखा गया है।
आरोपियों के ठिकानों पर चला पीला पंजा (बुलडोजर एक्शन)
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय जनता और विभिन्न संगठनों में भारी आक्रोश देखा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने अपराधियों को आर्थिक और सामाजिक रूप से तोड़ने के लिए उनके ठिकानों पर बुलडोजर कार्रवाई की।
घटना में शामिल और अवैध रूप से संचालित हो रहे होटल खूंगर, होटल जॉय इन और होटल सफायर पर यूआईटी और प्रशासनिक टीम ने भारी पुलिस जाब्ते के साथ बुलडोजर चलाकर उन्हें जमींदोज कर दिया है।
SIT की जांच तेज, ई-रिक्शा चालक समेत 14 गिरफ्तार
मामले की तह तक जाने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए आईजी और एसपी के निर्देशन में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है। पुलिस ने इस नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए मुख्य आरोपी ई-रिक्शा चालक, होटल संचालकों और साजिशकर्ताओं समेत अब तक 14 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में स्पीडी ट्रायल (त्वरित सुनवाई) कराकर दोषियों को फांसी या उम्रकैद जैसी सख्त सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
The News Frame की अपील: कानूनन किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान, नाम या तस्वीर उजागर करना दंडनीय अपराध है। सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक खबरों और वीडियो पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।
















