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Jamshedpur DD बार हत्याकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई 3 और आरोपी गिरफ्तार हथियार व बाइक बरामद

On: July 7, 2026 5:14 PM
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जमशेदपुर: Jamshedpur के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चर्चित डी०डी० बार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज मामले में विशेष अनुसंधान दल (SIT) ने कार्रवाई करते हुए तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कई घातक हथियार, एक मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई बिष्टुपुर थाना कांड संख्या-84/2026, दिनांक 28.06.2026 के तहत दर्ज प्राथमिकी के अनुसंधान के क्रम में की गई है।

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यह मामला 27 जून 2026 की देर रात हुए उस जानलेवा हमले से जुड़ा है, जिसमें हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर डी०डी० बार के अंदर हमला किया गया था। हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी, जिसके बाद यह मामला हत्या सहित कई गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया।

27 जून की रात DD बार में हुआ था जानलेवा हमला

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 की रात लगभग 11:30 बजे बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित डी०डी० बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह पर विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा तथा उसके साथियों द्वारा हमला किया गया था। बताया गया कि हमलावरों ने दोनों युवकों पर धारदार और घातक हथियारों से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिष्टुपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तत्काल अनुसंधान शुरू किया गया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला

इस मामले में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। प्राथमिकी में कुल 10 नामजद अभियुक्तों तथा अन्य अज्ञात आरोपियों को शामिल किया गया है। दर्ज कांड में धारा 115(2), 117(2), 118(2), 191(3), 190, 352, 351(3), 61(2), 109(1), 132, 121(1), 121(2), 103(1) और 3(5) BNS के तहत आरोप लगाए गए हैं।

इन धाराओं से स्पष्ट है कि पुलिस इस मामले को सामान्य मारपीट नहीं, बल्कि सुनियोजित हिंसक आपराधिक घटना के रूप में देख रही है, जिसमें जानलेवा हमला, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र, सहयोग और साक्ष्य छिपाने जैसे गंभीर तत्व शामिल हैं।

घटना की गंभीरता को देखते हुए SSP ने गठित की SIT

पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने इस कांड को अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मानते हुए इसकी जांच के लिए विशेष रणनीति अपनाई। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP), पूर्वी सिंहभूम के निर्देश पर मामले की तह तक जाने और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अनुसंधान दल (Special Investigation Team – SIT) का गठन किया गया।

SIT को तकनीकी और फील्ड दोनों स्तर पर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य, मानवीय आसूचना (human intelligence) और अन्य उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस ने विभिन्न संभावित ठिकानों पर दबिश देकर फरार आरोपियों की तलाश शुरू की और धीरे-धीरे मामले की परतें खुलती चली गईं।

पहले 5 नामजद आरोपी गए जेल, अब 3 और गिरफ्तार

पुलिस ने बताया कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पूर्व में 5 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। इसके बाद शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान SIT को अहम सुराग मिले और पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में डी०डी० बार का मैनेजर विजय महानन्द, लखिन्द्र लोहार और जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा शामिल हैं। इसके अलावा एक विधि-विरुद्ध बालक को भी कानूनन निरुद्ध किया गया है। पुलिस की इस कार्रवाई को कांड की जांच में बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इन गिरफ्तारियों के बाद घटना के बाद की साजिश, हथियार छिपाने और फरारी में मदद करने के पहलुओं पर भी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

किन-किन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों का विवरण इस प्रकार है—

1. लखिन्द्र लोहार
  • उम्र – 20 वर्ष
  • पिता – स्वर्गीय रवि लोहार
  • पता – धतकीडीह, पोस्ट दुदरा, थाना गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां
2. जगदीश मंडल उर्फ रोहन उर्फ मुर्गा
  • उम्र – 24 वर्ष
  • पिता – स्वर्गीय लखिन्द्र मंडल
  • पता – धातकीडीह, पोस्ट डुडरा, थाना गम्हरिया, जिला सरायकेला-खरसावां
3. विजय महानन्द
  • उम्र – 42 वर्ष
  • पिता – शशी महानन्द
  • पता – क्वार्टर नंबर K-38/5, रिवर व्यू, टेल्को कॉलोनी, थाना टेल्को, जिला पूर्वी सिंहभूम
4. एक विधि-विरुद्ध बालक
  • पुलिस ने एक विधि-विरुद्ध बालक को भी इस मामले में विधि अनुसार निरुद्ध किया है। उसकी पहचान कानूनन सार्वजनिक नहीं की गई है।

जगदीश मंडल पर फरारी में मदद करने का आरोप

पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी जगदीश मंडल ने घटना के बाद नामजद आरोपियों को फरार होने और छिपने में सहायता की। पुलिस के अनुसार, उसने न केवल आरोपियों को शरण और सहयोग दिया, बल्कि घटना में प्रयुक्त हथियारों को छिपाने में भी भूमिका निभाई। इसके अलावा उसने आरोपियों को वाहन उपलब्ध कराकर उनके भागने में मदद की।

यह पहलू इस मामले को और गंभीर बनाता है, क्योंकि इससे संकेत मिलता है कि घटना के बाद आरोपियों को बचाने के लिए सुनियोजित तरीके से प्रयास किए गए। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस साजिश में और लोग शामिल थे, जिन्होंने घटना के बाद सबूत मिटाने या आरोपियों को बचाने की कोशिश की।

बार मैनेजर विजय महानन्द की गिरफ्तारी भी अहम

इस मामले में डी०डी० बार के मैनेजर विजय महानन्द की गिरफ्तारी को भी पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने उसे उसके बिरसानगर स्थित आवास से गिरफ्तार किया। बार के मैनेजर की गिरफ्तारी से यह संभावना मजबूत हुई है कि घटना से पहले, दौरान या बाद में बार प्रबंधन की भूमिका, वहां मौजूद लोगों की जानकारी, CCTV और घटनाक्रम के अन्य पहलुओं पर पुलिस को अहम सुराग मिल सकते हैं।

जांच एजेंसियां अब यह भी देख रही हैं कि घटना के समय बार के अंदर क्या स्थिति थी, वहां मौजूद स्टाफ और प्रबंधन ने क्या कदम उठाए, और क्या किसी स्तर पर आरोपियों को संरक्षण या मदद मिली। विजय महानन्द से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे और खुलासे कर सकती है।

निशानदेही पर बरामद हुए घातक हथियार

गिरफ्तार आरोपी लखिन्द्र लोहार और निरुद्ध विधि-विरुद्ध बालक की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त हथियारों को बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, ये हथियार धतकीडीह स्थित एक छिपाए गए स्थान से विधिवत बरामद किए गए। बरामद हथियारों की सूची यह दर्शाती है कि हमले में अत्यंत खतरनाक और धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया था।

बरामद सामानों की सूची

  • लोहे का चापड़ – 01
  • लोहे की कुल्हाड़ी – 01
  • लोहे की भुजाली – 01
  • लोहे का बड़ा चाकू – 01
  • लोहे का पंच – 08 पीस
  • स्टील चाकू (गुप्ती) – 01
  • हीरो मोटरसाइकिल संख्या JH-05EH-7980
  • मोबाइल फोन – 05 पीस

पुलिस के अनुसार, बरामद मोटरसाइकिल का इस्तेमाल आरोपियों के फरार होने में किया गया था। वहीं मोबाइल फोन की जांच से आरोपियों के बीच संपर्क, लोकेशन, कॉल डिटेल और घटना के बाद की गतिविधियों का खुलासा हो सकता है।

तकनीकी साक्ष्य और CCTV फुटेज से खुली जांच की दिशा

SIT द्वारा इस मामले की जांच केवल बयान और पारंपरिक पूछताछ तक सीमित नहीं रखी गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा और स्थानीय स्तर पर जुटाई गई मानवीय सूचनाओं का भी सहारा लिया। माना जा रहा है कि इन्हीं तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस फरार आरोपियों तक पहुंच सकी और हथियारों के ठिकाने का पता लगा सकी।

जांच एजेंसियां अब बरामद मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी करा सकती हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना की योजना कैसे बनी, कौन-कौन इसमें शामिल थे और वारदात के बाद आरोपियों ने किस तरह अपनी गतिविधियां संचालित कीं।

छापामारी दल में शामिल रहे ये पुलिस अधिकारी

इस बड़े कांड के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गठित छापामारी दल में कई वरिष्ठ और अनुभवी पुलिस अधिकारी शामिल रहे। पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार छापामारी दल में निम्न अधिकारी और कर्मी शामिल थे—

  • श्री ऋषभ त्रिवेदी, भा० पु० से०, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय प्रथम, जमशेदपुर
  • श्री मनोज ठाकुर, पुलिस उपाधीक्षक, CCR, पूर्वी सिंहभूम
  • श्री विकास लांगुरी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, घाटशिला
  • श्री रोहित रजवार, पुलिस उपाधीक्षक, मुसाबनी
  • श्री दयानन्द कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, पटमदा
  • श्री संजीव कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, नगर, जमशेदपुर
  • श्री मनोज कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, मु०-02, जमशेदपुर
  • निरंजन कुमार, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी, बिष्टुपुर थाना
  • श्याम सुन्दर कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक, बिष्टुपुर थाना
  • टेक्निकल सेल एवं छापामारी दल के अन्य सदस्य

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई, बाकी आरोपियों की तलाश तेज

पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापामारी जारी है। SIT को अभी भी कुछ और आरोपियों की तलाश है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच को और मजबूत किया जा रहा है।

डी०डी० बार हत्याकांड ने जमशेदपुर में कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई, SIT का गठन, लगातार छापेमारी और अब तक की गिरफ्तारियों ने यह संकेत दिया है कि प्रशासन इस मामले को लेकर बेहद गंभीर है। आने वाले दिनों में जांच पूरी होने के बाद इस हत्याकांड से जुड़े कई और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।

बिष्टुपुर थाना कांड संख्या-84/2026 अब केवल एक हत्या का मामला नहीं रह गया है, बल्कि यह हमले, हत्या, फरारी में मदद, हथियार छिपाने और आपराधिक नेटवर्क के सहयोग जैसे कई गंभीर पहलुओं वाला मामला बन चुका है। पुलिस ने अब तक कुल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण बरामदगी की है, जिससे जांच को मजबूती मिली है। SIT की सक्रियता और तकनीकी जांच के आधार पर उम्मीद की जा रही है कि इस कांड के सभी दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाया जाएगा।

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