
जमशेदपुर: हैदराबाद के प्रतिष्ठित Yashoda हॉस्पिटल्स, सिकंदराबाद ने झारखंड के लोगों के बीच आधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जमशेदपुर में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एडवांस्ड कार्डियक केयर, मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी (कम चीर-फाड़ वाली हृदय सर्जरी) और ECMO जैसी अत्याधुनिक जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना था।

कार्यक्रम में अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारियों और हृदय रोग विशेषज्ञों ने मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत करते हुए बताया कि समय पर सही इलाज और आधुनिक तकनीक के माध्यम से गंभीर हृदय रोगों का भी सफलतापूर्वक उपचार संभव है। उन्होंने झारखंड और आसपास के राज्यों के मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आधुनिक हृदय चिकित्सा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रयास
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वक्ताओं ने कहा कि भारत में हृदय रोग तेजी से बढ़ रहे हैं और बदलती जीवनशैली, तनाव, अनियमित खानपान तथा शारीरिक गतिविधियों की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। ऐसे में लोगों के लिए यह जानना बेहद आवश्यक है कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों की मदद से कई गंभीर हृदय रोगों का इलाज पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रभावी हो चुका है।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि आज के समय में केवल दवा ही नहीं, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भी मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए मरीजों को सही समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकों से सलाह लेना चाहिए।
Yashoda हॉस्पिटल्स ने बताई अपनी चिकित्सा सेवाओं की विशेषताएं
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए Yashoda हॉस्पिटल्स के मार्केटिंग डिप्टी जनरल मैनेजर श्री उदय भास्कर NVS और मैनेजर श्री सत्यजीत रॉय ने अस्पताल की उपलब्धियों और सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि यशोदा हॉस्पिटल्स हैदराबाद के सबसे प्रतिष्ठित मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों में शामिल है, जहां अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक, अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अस्पताल वर्षों से जटिल बीमारियों के सफल उपचार के लिए जाना जाता है और यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उपचार प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि मरीज और उसके परिवार को बेहतर स्वास्थ्य अनुभव प्रदान करना भी है।
डॉ. विशाल खांते ने दी आधुनिक हृदय उपचार की महत्वपूर्ण जानकारी
इस अवसर पर प्रसिद्ध कार्डियोथोरैसिक एवं मिनिमल इनवेसिव हार्ट सर्जन डॉ. विशाल खांते (MS, MCh – CTVS, G.B. Pant Delhi) ने हृदय रोगों के उपचार से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
उन्होंने बताया कि यदि हृदय रोगों की पहचान शुरुआती चरण में हो जाए और समय पर इलाज शुरू कर दिया जाए तो गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के कारण अब कई ऐसी सर्जरी भी संभव हो गई हैं जिनमें पहले की तुलना में बहुत कम चीरा लगाया जाता है।
डॉ. खांते ने कहा कि मिनिमली इनवेसिव हार्ट सर्जरी के माध्यम से मरीज को कम दर्द होता है, संक्रमण का खतरा कम रहता है, अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि घट जाती है और मरीज अपेक्षाकृत जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है। यही कारण है कि दुनिया भर में इस तकनीक को तेजी से अपनाया जा रहा है।
क्या है ECMO और कब पड़ती है इसकी जरूरत?
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे अधिक चर्चा ECMO (Extracorporeal Membrane Oxygenation) तकनीक को लेकर हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि ECMO एक उन्नत जीवन रक्षक प्रणाली है, जिसका उपयोग उन मरीजों के लिए किया जाता है जिनके हृदय या फेफड़े सामान्य रूप से काम नहीं कर पा रहे होते।
उन्होंने समझाया कि ECMO मशीन शरीर से रक्त निकालकर उसमें ऑक्सीजन मिलाती है और फिर उसे वापस शरीर में पहुंचाती है। इससे हृदय और फेफड़ों को कुछ समय के लिए आराम मिलता है तथा डॉक्टरों को मरीज का उपचार करने का पर्याप्त समय मिल जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गंभीर हार्ट फेल्योर, जटिल हार्ट सर्जरी, गंभीर संक्रमण, फेफड़ों की विफलता और अन्य आपातकालीन स्थितियों में ECMO मरीज के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
समय पर इलाज से बचाई जा सकती है जान
डॉ. विशाल खांते ने कहा कि हृदय रोगों में सबसे महत्वपूर्ण पहलू समय पर उपचार (Timely Intervention) है। यदि मरीज को सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, अत्यधिक पसीना, अचानक कमजोरी या हृदय से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई लोग शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले लेती है। समय पर जांच और उपचार से हार्ट अटैक सहित कई गंभीर स्थितियों से बचा जा सकता है।
झारखंड के मरीजों को मिलेगा आधुनिक उपचार का लाभ
यशोदा हॉस्पिटल्स के प्रतिनिधियों ने कहा कि झारखंड और उसके आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में मरीज जटिल इलाज के लिए हैदराबाद आते हैं। अस्पताल का प्रयास है कि इन मरीजों को विश्वस्तरीय सुविधाएं, नवीनतम तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, आधुनिक आईसीयू, उन्नत डायग्नोस्टिक सुविधाएं और विभिन्न सुपर-स्पेशियलिटी विभाग उपलब्ध हैं, जहां जटिल से जटिल बीमारियों का सफल उपचार किया जाता है।
मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि उनकी प्राथमिकता केवल बीमारी का इलाज करना नहीं बल्कि मरीज की संपूर्ण देखभाल सुनिश्चित करना है। उपचार के दौरान डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मरीज तथा उसके परिजनों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखते हैं ताकि इलाज की प्रत्येक प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद बनी रहे।
उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ मानवीय संवेदनाओं का समावेश ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की पहचान है और Yashoda हॉस्पिटल्स इसी सिद्धांत पर कार्य करता है।
आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टरों का बेहतर समन्वय
विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच प्रणाली, अत्याधुनिक इमेजिंग तकनीक, रोबोटिक और मिनिमली इनवेसिव सर्जरी जैसी सुविधाओं ने इलाज को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बना दिया है।
उन्होंने कहा कि जब आधुनिक तकनीक का अनुभवयुक्त डॉक्टरों की विशेषज्ञता के साथ समन्वय होता है, तब मरीजों को सर्वोत्तम परिणाम प्राप्त होते हैं।
विश्वस्तरीय हृदय देखभाल के लिए प्रतिबद्ध है यशोदा हॉस्पिटल्स
कार्यक्रम के समापन पर Yashoda हॉस्पिटल्स ने झारखंड, बिहार, ओडिशा और आसपास के राज्यों के मरीजों के लिए उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि लोग गंभीर बीमारियों के प्रति समय रहते सचेत हो सकें और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
विशेषज्ञों ने अंत में लोगों से अपील की कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, व्यायाम, धूम्रपान और तंबाकू से दूरी तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श अपनाकर हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आधुनिक चिकित्सा और जागरूकता के माध्यम से स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।














