
चाईबासा: विद्यार्थियों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Food सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खुंटपानी तथा सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस, चाईबासा का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में उपयोग की जा रही खाद्य सामग्री, रसोईघर, स्टोर रूम तथा स्वच्छता व्यवस्था का गहन परीक्षण किया गया।

इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि विद्यालयों में बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन पूरी तरह सुरक्षित, पौष्टिक और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हो।
हल्दी, सब्जी और दाल में अखाद्य रंगों की हुई जांच
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय के रसोईघर में उपयोग हो रही हल्दी, सब्जी एवं दाल की विशेष जांच की। जांच के दौरान यह देखा गया कि कहीं खाद्य पदार्थों में किसी प्रकार के अखाद्य रंगों का उपयोग तो नहीं किया जा रहा है।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए मौके पर ही प्राथमिक परीक्षण किए गए। अधिकारियों ने रसोई कर्मियों को निर्देश दिया कि भोजन तैयार करने में केवल मानक गुणवत्ता वाली सामग्री का ही उपयोग किया जाए।

स्टोर रूम और किचन की व्यवस्था मिली संतोषजनक
निरीक्षण के दौरान विद्यालयों के किचन एवं स्टोर रूम का भी बारीकी से निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने खाद्य सामग्री के भंडारण, साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति का मूल्यांकन किया।
निरीक्षण में पाया गया कि दोनों विद्यालयों के किचन एवं स्टोर रूम साफ-सुथरे, व्यवस्थित एवं स्वच्छता मानकों के अनुरूप हैं। खाद्य सामग्री को सुरक्षित तरीके से संग्रहित किया गया था, जिससे उसकी गुणवत्ता बनी रहे और किसी प्रकार का संक्रमण न हो।
खुंटपानी विद्यालय में पेयजल गुणवत्ता जांच के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खुंटपानी में उपयोग किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता को लेकर भी विशेष ध्यान दिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देश दिया कि पानी की बैक्टीरियोलॉजिकल पैरामीटर के आधार पर जांच कराई जाए, ताकि विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने कहा कि दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, इसलिए समय-समय पर जल गुणवत्ता की जांच कराना आवश्यक है।
मसूर, चना, अरहर दाल और चाऊमीन के नमूने किए गए संग्रहित
निरीक्षण के दौरान गुणवत्ता परीक्षण के लिए मसूर दाल, चना दाल, अरहर दाल तथा चाऊमीन के नमूने भी संग्रहित किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जाएगा, जहां उनकी गुणवत्ता, शुद्धता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होने की जांच की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि विद्यालयों में विद्यार्थियों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
Food पदार्थों के सुरक्षित रखरखाव पर दिया गया विशेष जोर
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय प्रबंधन और रसोई कर्मियों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण और रखरखाव के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य सामग्री को नमी, धूल और कीटों से सुरक्षित स्थान पर रखा जाना चाहिए। साथ ही खाद्य पदार्थों की समाप्ति तिथि, पैकेजिंग और गुणवत्ता की नियमित जांच भी आवश्यक है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
व्यक्तिगत स्वच्छता और साफ-सफाई के मानकों की हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान रसोई में कार्यरत कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता तथा रसोईघर की साफ-सफाई की भी समीक्षा की गई। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने रसोई कर्मचारियों को साफ कपड़े पहनने, हाथों की नियमित सफाई रखने और भोजन बनाते समय स्वच्छता नियमों का पालन करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने से खाद्य जनित संक्रमणों की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है और बच्चों का स्वास्थ्य सुरक्षित रहता है।
अखाद्य रंगों और प्रिंटेड अखबार के उपयोग से बचने की दी सलाह
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने विद्यालय प्रबंधन और रसोई कर्मचारियों को अखाद्य रंगों के उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कृत्रिम और प्रतिबंधित रंगों का उपयोग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
इसके साथ ही उन्होंने खाद्य सामग्री को प्रिंटेड अखबार में रखने या परोसने से बचने की भी सलाह दी। उन्होंने बताया कि अखबार की स्याही में मौजूद रसायन भोजन के संपर्क में आने पर स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
विद्यालयों में सुरक्षित भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विद्यालयों में खाद्य सामग्री की नियमित जांच और गुणवत्ता परीक्षण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर किए जा रहे ऐसे निरीक्षण विद्यालयों में बेहतर भोजन व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस प्रकार की कार्रवाई से विद्यालय प्रबंधन भी खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के प्रति अधिक सजग रहता है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत होती है।
चाईबासा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, खुंटपानी एवं सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा किया गया निरीक्षण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। खाद्य सामग्री की जांच, दाल एवं चाऊमीन के नमूनों का संग्रह, पेयजल गुणवत्ता परीक्षण के निर्देश तथा स्वच्छता संबंधी आवश्यक सुझाव यह दर्शाते हैं कि जिला प्रशासन बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। ऐसे नियमित निरीक्षण भविष्य में भी विद्यालयों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।









































