
जमशेदपुर: सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की दिशा में तेली साहू समाज Jugsalai क्षेत्रीय द्वारा प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी ‘सेवा सम्मान 2026’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस सम्मान समारोह में समाज और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित करने की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं लोक कलाकार श्रीमती तरुणा साहू, आरपीएफ इंस्पेक्टर राजनंदगांव (छत्तीसगढ़) को विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

यह सम्मान समारोह जमशेदपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संपन्न हुआ, जहां बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य लोक कला, संस्कृति और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान कर नई पीढ़ी को प्रेरित करना था।
मोमेंटो, श्रीफल और पुष्पगुच्छ देकर किया गया सम्मान
कार्यक्रम के दौरान तेली साहू समाज जुगसलाई क्षेत्रीय के पदाधिकारियों ने श्रीमती तरुणा साहू का मोमेंटो, श्रीफल और आकर्षक पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मान किया। सम्मान ग्रहण करते हुए उन्होंने समाज के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि लोक संस्कृति को जीवित रखने के लिए समाज का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मान कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनते हैं और उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करते हैं।
हर वर्ष समाज सेवा और लोक संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को मिलता है सम्मान
तेली साहू समाज Jugsalai क्षेत्रीय द्वारा आयोजित ‘सेवा सम्मान’ कार्यक्रम केवल एक सम्मान समारोह नहीं बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है। समाज द्वारा प्रत्येक वर्ष उन व्यक्तित्वों का चयन किया जाता है जिन्होंने लोक कला, संस्कृति, सामाजिक सेवा, शिक्षा, समाज उत्थान एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2026 में श्रीमती तरुणा साहू को यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।
समारोह में मौजूद रहे समाज के प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर तेली साहू समाज Jugsalai क्षेत्रीय के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अध्यक्ष तिलक साहू ने की। वहीं मंत्री राजेश कुमार साहू, उप मंत्री जगेश्वर दास, कोषाध्यक्ष जगन्नाथ साहू, महिला अध्यक्ष लक्ष्मी साहू, उपाध्यक्ष संगीता साहू, रतना साहू, मंत्री तरुण साहू, उप मंत्री रेणुका साहू सहित समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य एवं गणमान्य लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
सभी पदाधिकारियों ने सम्मानित कलाकार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व होना चाहिए और ऐसे कलाकारों को निरंतर प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

पंडवानी कला भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर
पंडवानी गायन भारतीय लोक संस्कृति की एक महत्वपूर्ण विधा है, जिसमें महाभारत की कथाओं को संगीत और अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। छत्तीसगढ़ की यह लोक कला देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है।
श्रीमती तरुणा साहू ने इस लोक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने अनेक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों से लोक संस्कृति का प्रचार-प्रसार किया और युवा पीढ़ी को भारतीय परंपराओं से जोड़ने का कार्य किया है।
सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश
सम्मान समारोह के दौरान समाज के वक्ताओं ने कहा कि आज के आधुनिक दौर में लोक संस्कृति और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। यदि समाज अपने कलाकारों और समाजसेवियों का सम्मान करेगा तो आने वाली पीढ़ियां भी इन परंपराओं को अपनाने के लिए प्रेरित होंगी।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सामाजिक एकता, भाईचारा और सांस्कृतिक संरक्षण का संदेश देते हुए ऐसे आयोजनों को भविष्य में और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने का संकल्प लिया।
जमशेदपुर में सामाजिक संगठनों की सकारात्मक पहल
जमशेदपुर में विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, जिनका उद्देश्य समाज के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित करना और समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है। तेली साहू समाज जुगसलाई क्षेत्रीय का यह आयोजन भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
समाज के सदस्यों ने कहा कि भविष्य में भी शिक्षा, संस्कृति, साहित्य, खेल और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करने की परंपरा जारी रहेगी।
सेवा सम्मान 2026 बना आकर्षण का केंद्र
‘सेवा सम्मान 2026’ समारोह पूरे कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ सम्मानित कलाकार का स्वागत किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समाज के पदाधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में प्रतिभाओं को आगे लाने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।










































