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Abhishek बनर्जी की CID के सामने पेशी फर्जी हस्ताक्षर मामले में पूछताछ तेज अम्फान राहत कोष घोटाले में भी FIR दर्ज

On: June 14, 2026 8:42 PM
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद Abhishek बनर्जी फर्जी हस्ताक्षर (सिग्नेचर फोर्जरी) मामले में पूछताछ के लिए सीआईडी (CID) मुख्यालय पहुंचे। जांच एजेंसी इस मामले में उनसे कई महत्वपूर्ण सवाल पूछ रही है। इसी बीच अम्फान राहत कोष में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर उनके खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज होने से राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।

क्या है फर्जी हस्ताक्षर का मामला?

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सीआईडी जिस मामले की जांच कर रही है, वह कथित तौर पर पार्टी के कुछ विधायकों के हस्ताक्षरों से जुड़े विवाद से संबंधित है। आरोप है कि एक आधिकारिक दस्तावेज पर कई विधायकों के हस्ताक्षर वास्तविक नहीं थे और उन्हें फर्जी तरीके से इस्तेमाल किया गया। इसी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया और जांच की जिम्मेदारी सीआईडी को सौंपी गई। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दस्तावेज तैयार करने और हस्ताक्षरों के उपयोग में किसकी भूमिका थी।

CID ने कई घंटे की पूछताछ के लिए बुलाया

Abhishek बनर्जी को पहले भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है। अदालत के निर्देश के बाद उन्होंने सीआईडी के समक्ष पेश होकर जांच में सहयोग किया। अधिकारियों के अनुसार जांच के अगले चरण में कई तथ्यों की पुष्टि और दस्तावेजों के मिलान के लिए दोबारा पूछताछ की जा रही है। हालिया समन के तहत उन्हें फिर से उपस्थित होने के लिए कहा गया था।

कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली अंतरिम राहत

इस मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने Abhishek बनर्जी को अंतरिम राहत देते हुए कुछ समय के लिए किसी भी कठोर कार्रवाई से संरक्षण दिया है। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग करना होगा और पूछताछ में शामिल होना पड़ेगा। इसी आदेश के बाद वे सीआईडी मुख्यालय पहुंचे।

अम्फान राहत कोष मामले में नई FIR

फर्जी हस्ताक्षर विवाद के बीच Abhishek बनर्जी की मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब अम्फान चक्रवात राहत कोष में कथित अनियमितताओं को लेकर एक नई एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि राहत राशि के वितरण में वित्तीय गड़बड़ी हुई और सरकारी धन के उपयोग में अनियमितता बरती गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि राहत राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई है। वहीं तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है और कानून के अनुसार जांच में पूरा सहयोग दिया जाएगा।

CID किन बिंदुओं पर कर रही है जांच?

सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी दस्तावेजों की सत्यता, हस्ताक्षरों की जांच, संबंधित व्यक्तियों के बयान और दस्तावेज तैयार करने की प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है। जरूरत पड़ने पर अन्य नेताओं और संबंधित अधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।

आगे क्या होगा?

सीआईडी की पूछताछ और अम्फान राहत कोष मामले की जांच आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। यदि जांच एजेंसियों को पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। दूसरी ओर अभिषेक बनर्जी और उनकी पार्टी का कहना है कि वे न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए जांच में पूरा सहयोग देंगे और सभी आरोपों का कानूनी तरीके से जवाब देंगे।

फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी के सामने अभिषेक बनर्जी की पेशी और अम्फान राहत कोष मामले में दर्ज नई एफआईआर ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। फिलहाल जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित एजेंसियों की जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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