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डॉ. बशीर बद्र की याद में आयोजित हुई संगोष्ठी, शायरों और साहित्यकारों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

On: June 6, 2026 6:38 PM
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जमशेदपुर, 6 जून 2026। साहित्यिक संस्था ‘दबिस्तान-ए-जमशेदपुर’ के तत्वावधान में विश्वप्रसिद्ध उर्दू शायर डॉ. बशीर बद्र की स्मृति में एक श्रद्धांजलि संगोष्ठी का आयोजन जवाहर नगर में किया गया। गत 28 मई 2026 को डॉ. बशीर बद्र के निधन के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के साहित्यकारों, शायरों और उर्दू अदब से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद बद्र ने की, जबकि मुख्य अतिथियों के रूप में करीम सिटी कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. यहिया इब्राहीम तथा वरिष्ठ शायर अनवर अदीब उपस्थित रहे। संस्था के सरपरस्त एवं प्रख्यात शायर प्रो. गौहर अजीज ने स्वागत एवं अभिनंदन भाषण प्रस्तुत करते हुए डॉ. बशीर बद्र के साहित्यिक योगदान को याद किया।

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संगोष्ठी का शुभारंभ मस्जिद-ए-कमरुद्दीन के इमाम मुफ्ती अब्दुल रऊफ कासमी द्वारा पवित्र कुरआन की तिलावत से किया गया। इसके पश्चात सफीउल्लाह सफी ने तरन्नुम के साथ तथा शोएब अख्तर ने अपने विशेष अंदाज में बशीर बद्र की मशहूर गजलों का पाठ कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने डॉ. बशीर बद्र के जीवन, व्यक्तित्व और साहित्यिक योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। संगोष्ठी में अपने विचार एवं शोध-पत्र प्रस्तुत करने वालों में हस्साम गनी, फरहान खान फरहान, सकलैन मुश्ताक, प्रो. गौहर अजीज, डॉ. यहिया इब्राहीम तथा अनवर अदीब प्रमुख रहे।

वक्ताओं ने कहा कि बशीर बद्र ने अपनी गजलों के माध्यम से उर्दू शायरी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी शायरी में प्रेम, मानवीय संवेदनाएं, सामाजिक सरोकार और जीवन की सच्चाइयों का अद्भुत समावेश देखने को मिलता है। उनकी रचनाएं आज भी करोड़ों लोगों के दिलों में जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।

संगोष्ठी के अध्यक्ष अहमद बद्र ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में सभी वक्ताओं की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. बशीर बद्र केवल उर्दू भाषा के शायर नहीं थे, बल्कि पूरे हिन्दुस्तान की साझा सांस्कृतिक विरासत के प्रतिनिधि थे। उन्होंने कहा कि बशीर बद्र की गजलें लोगों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी और उनका साहित्यिक अवदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

कार्यक्रम के अंत में अब्दुल्लाह कासमी की अगुवाई में डॉ. बशीर बद्र की मगफिरत एवं शांति के लिए सामूहिक दुआ की गई। संगोष्ठी का सफल संचालन शायर सद्दाम गनी ने किया, जबकि संस्था के सचिव फरहान अख्तर फरहान ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ताओं और उपस्थित साहित्य प्रेमियों का आभार व्यक्त किया।

यह संगोष्ठी न केवल डॉ. बशीर बद्र को श्रद्धांजलि अर्पित करने का माध्यम बनी, बल्कि उर्दू साहित्य और शायरी के प्रति लोगों की गहरी प्रतिबद्धता और प्रेम को भी दर्शाने में सफल रही।

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Anil Kumar Maurya

अनिल कुमार मौर्य एक अनुभवी पत्रकार, मीडिया रणनीतिकार और सामाजिक चिंतक हैं, जिन्हें पत्रकारिता एवं मीडिया क्षेत्र में 10 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वे वर्तमान में The News Frame के संस्थापक और मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हैं — एक डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म जो क्षेत्रीय, राष्ट्रीय और सामाजिक सरोकारों को निष्पक्ष और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है। अनिल जी राष्ट्रीय पत्रकार मीडिया संगठन (Rashtriya Patrakar Media Sangathan) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं, जहां वे पत्रकारों के अधिकारों, मीडिया की स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

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