
जमशेदपुर: दक्षिण Chotanagpur प्रक्षेत्र, झारखंड, रांची के अपर पुलिस महानिदेशक द्वारा बुधवार को वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार, जमशेदपुर में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति, लंबित मामलों की प्रगति तथा आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के संचालन की समीक्षा करना था। बैठक में कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस पदाधिकारियों ने भाग लिया और अपने-अपने जिलों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में डीआईजी कोल्हान, वरीय पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर, पुलिस अधीक्षक सरायकेला-खरसावां तथा पुलिस अधीक्षक पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा बैठक के दौरान कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
लंबित कांडों के निष्पादन पर विशेष जोर
बैठक के दौरान सबसे प्रमुख विषय लंबित कांडों की समीक्षा रही। अपर पुलिस महानिदेशक ने विभिन्न जिलों में लंबित मामलों की स्थिति की जानकारी ली तथा मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंभीर मामलों की जांच में तेजी लाई जाए और लंबित अनुसंधान को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
उन्होंने कहा कि लंबित मामलों का समय पर निष्पादन न केवल न्याय व्यवस्था को मजबूत करता है, बल्कि आम जनता के बीच पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास भी बढ़ाता है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि अनुसंधान कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा प्रत्येक मामले की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
विधि-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा
समीक्षात्मक बैठक में क्षेत्र की वर्तमान विधि-व्यवस्था की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने अपराध नियंत्रण, असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
अपर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों तथा पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने पर बल दिया गया।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन का प्राथमिक उद्देश्य आम नागरिकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी पुलिस पदाधिकारियों को सतर्कता और सक्रियता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है।

SIT, SIPU और तकनीकी प्रणालियों की प्रगति की समीक्षा
बैठक के दौरान विशेष जांच दल (SIT) से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने SIT द्वारा जांच किए जा रहे मामलों की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्रस्तुत की। अपर पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिया कि संवेदनशील और महत्वपूर्ण मामलों की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ की जाए।
इसके अलावा SIPU (Special Investigation and Prosecution Unit) की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि महिला एवं बाल अपराधों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ICJS और CCTNS की अद्यतन स्थिति पर चर्चा
आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बैठक में ICJS (Inter-Operable Criminal Justice System) और CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network & Systems) की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने इन तकनीकी प्रणालियों के संचालन और उपयोग से संबंधित रिपोर्ट प्रस्तुत की।
अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और अनुसंधान कार्य को अधिक पारदर्शी एवं तेज बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि तकनीकी प्रणालियों का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित किया जाए और डेटा अपडेट में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
उन्होंने कहा कि CCTNS और ICJS जैसी प्रणालियां पुलिस प्रशासन को आधुनिक और जवाबदेह बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन प्रणालियों के माध्यम से अपराधियों की जानकारी, केस रिकॉर्ड और न्यायिक प्रक्रियाओं को बेहतर तरीके से समन्वित किया जा सकता है।
यातायात व्यवस्था को लेकर दिए गए निर्देश
बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से जमशेदपुर जैसे औद्योगिक और व्यस्त शहरों में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
अपर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए नियमित अभियान चलाए जाएं। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएं।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता से भी जुड़ा विषय है। इसलिए आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने की आवश्यकता है।
पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर फोकस
कोल्हान क्षेत्र में स्थित विभिन्न पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए।
विशेष रूप से छुट्टियों और पर्यटन सीजन के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने पर बल दिया गया। अधिकारियों से कहा गया कि पर्यटन स्थलों पर किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए नियमित गश्त और निगरानी जारी रखी जाए।
डायल-112 सेवाओं के सुधार पर चर्चा
बैठक में आम जनता को त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने वाली डायल-112 सेवा की भी समीक्षा की गई। इस दौरान सेवा संचालन में आने वाली समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा हुई।
अपर पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डायल-112 सेवा को अधिक प्रभावी और त्वरित बनाया जाए ताकि संकट की स्थिति में लोगों को समय पर सहायता मिल सके। उन्होंने प्रतिक्रिया समय कम करने और तकनीकी बाधाओं को दूर करने पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
ITSSO की प्रगति की भी हुई समीक्षा
बैठक में ITSSO (Integrated Traffic and Security System Operations) की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने विभिन्न जिलों में इस प्रणाली के कार्यान्वयन और उपयोग की जानकारी दी।
अपर पुलिस महानिदेशक ने कहा कि आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा प्रणालियां अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में अत्यंत उपयोगी साबित हो रही हैं। उन्होंने सभी जिलों को निर्देश दिया कि इन प्रणालियों के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण सुनिश्चित किए जाएं।
समयबद्ध लक्ष्य पूर्ति के दिए निर्देश
बैठक के अंत में अपर पुलिस महानिदेशक ने उपस्थित सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकार और पुलिस मुख्यालय द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध पूर्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता, जवाबदेही और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों को अपने-अपने जिलों में बेहतर समन्वय और प्रभावी पुलिसिंग के माध्यम से आम जनता का विश्वास मजबूत करने की दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया गया।
यह समीक्षात्मक बैठक कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने, लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन तथा आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।








