
छत्रपति संभाजीनगर, 7 मई 2026: शहर में चल रहे ‘अतिक्रमण हटाओ’ अभियान के दौरान एक दिव्यांग महिला की दुकान तोड़ दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। नगर निगम की टीम ने सड़क किनारे बने अस्थायी ढांचों पर बुलडोजर चलाए, जिसमें इस महिला की वर्षों की मेहनत का ठिकाना मलबे में बदल गया।
घटना का विवरण
स्थानीय निवासियों के अनुसार, महिला लंबे समय से अपनी आजीविका चलाने के लिए सड़क किनारे छोटी दुकान चला रही थी। नगर निगम की कार्रवाई में यह दुकान ध्वस्त हो गई, जिससे महिला की कमाई का एकमात्र स्रोत खत्म हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला ने टीम से अपील की, लेकिन कार्रवाई रुकी नहीं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मलबा साफ करते हुए महिला की बेबसी साफ दिख रही है।

जनता का गुस्सा और आरोप
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को मानवीय संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी, खासकर दिव्यांग महिला के मामले में। वे आरोप लगा रहे हैं कि गरीबों और कमजोर वर्ग पर सख्ती हो रही है, जबकि बड़े व्यापारियों के अतिक्रमण पर ढील दी जा रही। एक स्थानीय निवासी ने कहा, “यह अभियान न्यायपूर्ण होना चाहिए, न कि चुनिंदा।”
राजनीतिक बयानबाजी
विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ BJP पर निशाना साधा है। एक विपक्षी नेता ने कहा, “गरीबों की रोजी-रोटी छीनने में BJP को कोई संवेदना नहीं। यह गरीब-विरोधी नीति का नमूना है।” वहीं, प्रशासन का स्पष्टिकरण है कि अभियान नियमों और अदालती आदेशों के तहत चलाया जा रहा है। नगर निगम अधिकारी ने बताया, “अतिक्रमण हटाना ट्रैफिक और सुरक्षा के लिए जरूरी है। प्रभावित लोगों को वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव दिया जाएगा।”
आगे की कार्रवाई
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और प्रभावित परिवार को सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह मामला शहर की राजनीति को गरमा सकता है, खासकर आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर।














