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Mango पेयजल परियोजना बदइंतज़ामी के कारण दम तोड़ने की दिशा में अग्रसर सरयू राय

On: April 30, 2026 6:00 PM
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जमशेदपुर: Mango क्षेत्र के निवासियों के लिए जीवन रेखा मानी जाने वाली ‘मानगो पेयजल परियोजना’ आज अपनी बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा के कारण दम तोड़ने की कगार पर पहुँच गई है। 125 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य Mango के हर घर तक स्वच्छ जल पहुँचाना था, लेकिन आज यह परियोजना फाइलों और विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ती नज़र आ रही है।

परियोजना की दुर्दशा के मुख्य कारण

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विधायक सरयू राय के बार-बार हस्तक्षेप के बावजूद, इस परियोजना में कई गंभीर बाधाएं बनी हुई हैं:

  • तकनीकी खामियां: इंटकवेल में 10 फीट तक बालू और मिट्टी का जमा होना जल खींचने की क्षमता को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। सफाई के अभाव में पूरी व्यवस्था के ठप होने का खतरा मंडरा रहा है।
  • वित्तीय बाधाएं: परिचालन एजेंसी का लाखों का बकाया भुगतान न होने के कारण काम में शिथिलता आई है।
  • विभागीय समन्वय का अभाव: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और मानगो नगर निगम के बीच हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबी खिंचने से कार्यों में गति नहीं आ पाई है।
  • अधूरे निर्माण: पृथ्वी पार्क और बालीगुमा स्थित पानी की टंकियां वर्षों से बनकर तैयार हैं, परंतु तकनीकी अड़चनों और एनओसी के अभाव में इनका लाभ आम जनता को नहीं मिल पा रहा है।

प्रशासनिक जुगाड़ बनाम वास्तविक समाधान

प्रशासनिक स्तर पर पानी की समस्या को हल करने के लिए अक्सर चांडिल डैम से पानी छोड़ने जैसी ‘जुगाड़ तकनीक अपनाई जाती है, जो कि दीर्घकालिक समाधान नहीं है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि इस तरह के अस्थायी उपाय परियोजना की मूल संरचना को और अधिक नुकसान पहुँचा रहे हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब यह स्पष्ट है कि यदि जल्द ही विशेषज्ञ एजेंसी के माध्यम से रखरखाव और पाइपलाइन की सफाई नहीं की गई, तो Mango का जल संकट और अधिक भयावह हो सकता है।

Mango पेयजल परियोजना की स्थिति ‘एक अंधा ही दूसरे अंधे को राह दिखा रहा है’ वाली कहावत जैसी हो गई है, जहाँ जिम्मेदारी तय करने के बजाय विभागों में खींचतान जारी है। अगर तत्काल प्रभाव से एक उच्च-स्तरीय समन्वय समिति बनाकर कार्य योजना को लागू नहीं किया गया, तो करोड़ों की यह संपत्ति केवल एक कबाड़ बनकर रह जाएगी। Mango की जनता के लिए पेयजल आज एक मौलिक अधिकार की जगह संघर्ष का मुद्दा बन चुका है।

यहां जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि जमशेदपुर पश्चिम से पुनः विधायक निर्वाचित होने के उपरांत क़रीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने इस परियोजना की गहन समीक्षा की। Mango नगर निगम, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंताओं एवं सचिव, परियोजना का संचालन कर रही एजेंसी की कई बैठकें हुई। विभागीय सचिव ने विभाग के यांत्रिक एवं असैनिक अधीक्षण अभियंताओं की जांच समिति गठित किया। इंटेकवेल, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं टंकियों के लिए नए मोटर पंपों की खरीद हुई।

पृथ्वी पार्क की बंद पडी पानी टंकी को चालू किया गया। बालीगुमा पानी टंकी को चालू करने में एनएच 33 पर बन रहे ऊपरी पुल के संदर्भ में एनओसी प्राप्त किया गया। ट्रीटमेंट प्लांट से हो रही पेयजल वितरण व्यवस्था में सुधार करने का निर्णय हुआ। मोहल्लों में बिछाए गए पाईपलाईन की विसंगतियों को ठीक करने का निर्णय हुआ। इसी बीच मानगो पेयजल परियोजना का हस्तांतरण पेयजल एवं स्वच्छता विभाग से Mango नगर निगम को करने का काम शुरू हुआ और उपर्युक्त कार्य शिथिल हो गए। फिर नगर निगम का चुनाव होने लगा।


श्री राय के अनुसार, समीक्षा के दौरान यह तथ्य उभरकर सामने आया कि इंटकवेल में क़रीब 10 फ़ीट ऊँचा बालू और मिट्टी भर गया है जिससे इसकी जल खींचने की क्षमता कम हो गई है। इंटकवेल से बालू और मिट्टी हटाने का काम शुरू हुआ, परंतु अभी भी क़रीब 5 से 6 फ़ीट तक बालू और मिट्टी वहाँ भरा रह गया है।


सरयू राय के अनुसार, कल (29 अप्रैल को) उन्होंने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता और Mango नगर निगम के उप नगर आयुक्त से इस संबंध में वार्ता की और उन्हें बताया कि नदी से इंटकवेल तक पानी ले जाने वाले पाइपों में भी बालू और मिट्टी भर गया है। उसकी सफ़ाई नहीं हुई तो किसी भी दिन परियोजना का परिचालन बंद हो सकता है और परियोजना बैठ जा सकती है।

उन्होंने जांचोपरांत इसकी सफ़ाई कराने का आश्वासन दिया तो श्री राय ने उन्हें बताया कि यह सफ़ाई सामान्य उपायों से नहीं हो सकती। इसके लिए इंडस्ट्रियल पाइप क्लीनिंग की क्षमता एवं अनुभव रखने वाली एजेंसी की सहायता लेनी होगी।

श्री राय के अनुसार, उन्होंने उन्हें यह भी बताया कि श्री राय की सलाह पर कुछ माह पहले Mango नगर निगम ने एक सक्षम इंडस्ट्रियल पाईप क्लीनर से संपर्क कर इस काम का परिमाण एवं प्राक्कलन भी तैयार किया है पर आगे की कार्रवाई नहीं हो पाई। यदि नदी से इंटकवेल तक पानी पहुँचाने वाले पाइपों में भर गए बालू और मिट्टी की सफ़ाई शीघ्र नहीं हुई तो किसी भी दिन परियोजना बंद होने की नौबत आ सकती है। इस मद में उपेक्षा घातक सिद्ध होगी।


बयान में सरयू राय ने 29 अप्रैल के समाचार पत्रों में छपी एक खबर का हवाला दिया कि पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त ने चांडिल डैम से स्वर्णरेखा नदी में पानी छोड़ने के लिए कहा है ताकि नदी का प्रदूषण कम हो सके और मानगो पेयजल परियोजना के इंटकवेल के सामने नदी में पानी का जलस्तर उपर उठ सके।

इस बारे में सरयू राय ने तत्काल पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, स्वर्णरेखा के मुख्य अभियंता और Mango नगर निगम के उप नगर प्रशासक से इस बारे में बात की और उन्हें बताया कि ऐसी जुगाड़ तकनीक से मानगो पेयजल परियोजना को नहीं चलाया जा सकता। इस बारे में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता का विचार तकनीक पर नहीं बल्कि जुगाड पर केंद्रित लगा जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।


श्री राय के अनुसार, गत डेढ़ वर्ष की कोशिश के दौरान कुल मिलाकर वह इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि Mango पेयजल परियोजना के संबंध में ‘एक अंधा ही दूसरे अंधे को राह दिखा रहा है’ वाली कहावत चरितार्थ हो रही है।

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