
झारखंड: जमशेदपुर में ट्रेनों की लेटलतीफी अब जन मुद्दा बन चुकी है। जमशेदपुर पश्चिम विधायक Saryu राय ने चक्रधरपुर रेल डिवीजन के सीनियर डीसीएम से कड़े सवाल किए हैं। Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल – प्रतिशत कब से ले रहे हो? कैसे ले रहे हो? गणना कैसे की? एक भी ट्रेन का नाम क्यों नहीं बताया? सरयू राय ने अधिकारियों पर तथ्यों की हेरा-फेरी का आरोप लगाया है। आइए, इस आंदोलन की पूरी कहानी समझें।

Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल विवाद की शुरुआत
26 अप्रैल 2026 को रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह के साथ Saryu राय ने हस्ताक्षर अभियान चलाया। यह अभियान बेहद सफल रहा। इसकी प्रतिक्रिया में चक्रधरपुर के सीनियर डीसीएम ने टाटानगर जंक्शन पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने दावा किया कि ट्रेनों की पंक्चुअलिटी 65-70% तक पहुंच गई है। Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल यहीं से शुरू हुआ।
Saryu राय ने सोशल मीडिया पर तीखे सवाल दागे:
- प्रतिशत कब से ले रहे हैं?
- कैसे ले रहे हैं? गणना कैसे की?
- एक भी ट्रेन का नाम क्यों नहीं बताया?
उन्होंने कहा कि कुशाग्र बुद्धि वाले ये अधिकारी अब झूठ परोस रहे हैं। तथ्यों की हेरा-फेरी कर रहे हैं।
मुख्य विवाद बिंदु
- सीनियर डीसीएम का 65-70% पंक्चुअलिटी दावा।
- कोई ट्रेन का नाम या डेटा नहीं।
- सरयू राय का साधारण सवाल: चांडिल से टाटानगर क्यों 3-3.5 घंटे लगते हैं?
चांडिल-टाटानगर देरी का रहस्य राखा माइंस तक समय पर, फिर क्यों विलंब?
Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल का केंद्र बिंदु यही है। चांडिल, कांड्रा, राखा माइंस तक यात्री ट्रेनें समय पर पहुंच जाती हैं। लेकिन राखा माइंस से टाटानगर पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। सरयू राय ने कहा – राखा माइंस से टाटानगर पहुंचने में घंटों क्यों लगते हैं?
अधिकारियों का जवाब: देशभर में रेल परिचालन की टेक्निकलिटी। लेकिन श्री राय कहते हैं – हम साधारण सवाल पूछ रहे हैं, इसका जवाब क्यों नहीं? पहले यात्री ट्रेनें रोककर मालगाड़ियां पास की जाती थीं। शुरु में इनकार किया, बाद में दबी जुबान स्वीकारा।
देरी के कारण
- मालगाड़ियों की प्राथमिकता: टाटा स्टील, SAIL, दुर्गापुर की जरूरत।
- इंफ्रास्ट्रक्चर कमी: टाटानगर में विकास क्यों नहीं?
- तीसरी लाइन गायब: आदित्यपुर-सालगाजुड़ी तक क्यों नहीं?
रेलमंत्री का वीडियो Saryu राय का बड़ा हथियार
Saryu राय ने रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव के वीडियो का हवाला दिया। रेलमंत्री ने स्वीकार किया:
- टाटा स्टील, SAIL (बोकारो), दुर्गापुर को लौह अयस्क चाहिए।
- यही रास्ता है, मालगाड़ियां बढ़ीं।
- यात्री ट्रेनें लेट हो रही हैं।
लेकिन श्री राय का सवाल: स्टील फैक्टरियां 60-100 साल पुरानी हैं, पहले क्यों नहीं हुआ? उन्होंने रेलमंत्री से अपील की – चक्रधरपुर अधिकारियों से सच्चाई पूछें।
टाटानगर इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल: आधुनिकीकरण से वंचित क्यों?
देश में रेल आधुनिकीकरण चल रहा है। नई लाइनें बिछ रही हैं। लेकिन टाटानगर में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित क्यों नहीं किया? Saryu राय ने पूछा:
- आदित्यपुर से सलगाजुड़ी तक तीसरी रेल लाइन क्यों नहीं?
- कोलकाता जाने वाली स्टील एक्सप्रेस, इस्पात एक्सप्रेस कब पहुंचेंगी, पता नहीं।
- जनशताब्दी इतनी लेट कि पैसेंजर बीच में उतर जाते हैं।
- मेमू, लोकल ट्रेनें – स्थानीय जीवनरेखा, फिर भी लेट।
सीनियर डीसीएम ने इनका जिक्र तक नहीं किया।
आंदोलन तेज भाजपा नेताओं से बात, मेमोरेंडम भेजा
Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल आंदोलन जन मुद्दा बन गया।
- भाजपा को मेमोरेंडम की कॉपी भेजी।
- बाबूलाल मरांडी और आदित्य साहू से बात हुई।
- 21 लोगों की समिति बनाकर दिल्ली जाने का प्लान।
Saryu राय ने चेतावनी दी – यात्री ट्रेनें समय पर न चलीं तो मालगाड़ियां रोकेंगे।
आंदोलन की मांगें
- टाटानगर पर समय से ट्रेनें आएं-जाएं।
- चांडिल-टाटानगर देरी का जवाब।
- इंफ्रास्ट्रक्चर विकास।
- पारदर्शी पंक्चुअलिटी डेटा।
चक्रधरपुर डिवीजन की पंक्चुअलिटी: हकीकत क्या?
सीनियर डीसीएम का 65-70% दावा खोखला। जमशेदपुर में ट्रेनें 8 घंटे लेट रहती हैं। चक्रधरपुर को ‘लेट डिवीजन’ कहा जा रहा। रेलवे मेंस कांग्रेस नाराज। कारण:
- मवेशी ट्रैक पर।
- हाई स्पीड कॉरिडोर काम।
- मालगाड़ी प्राथमिकता।
लेकिन अधिकारियों का रवैया: गुमराह करना।
झारखंड रेल यात्रियों की परेशानी व्यापक समस्या
Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल सिर्फ जमशेदपुर तक सीमित नहीं। झारखंड में रोज हजारों यात्री प्रभावित:
- व्यापारी: माल लेट, नुकसान।
- स्टूडेंट: परीक्षा मिस।
- मजदूर: नौकरी पर खतरा।
- मरीज: इलाज में देरी।
सरयू राय की लड़ाई सभी के लिए है।
समाधान के रास्ते: क्या हो सकता है?
Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल को हल करने के उपाय:
- तीसरी-चौथी लाइन: तत्काल बिछाएं।
- समर्पित फ्रेट कॉरिडोर: मालगाड़ियां अलग।
- डिजिटल ट्रैकिंग: ऐप पर लाइव स्टेटस।
- यात्री प्राथमिकता: नियम सख्त।
- स्थानीय समिति: मॉनिटरिंग।
रेलमंत्री को जिम्मेदारी लेनी होगी।
Saryu राय का ट्रेनों की पंक्चुअलिटी पर सीनियर डीसीएम से सवाल यात्रियों की पुकार है। चक्रधरपुर अधिकारी झूठ परोस रहे, लेकिन सरयू राय तथ्यों से लड़े रहे। टाटानगर में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित क्यों नहीं किया – इसका जवाब दें। आंदोलन तेज होगा, मालगाड़ियां रुकेंगी। रेलवे जनता के साथ संवेदना रखे।










