
जमशेदपुर: जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र से एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है, जिसने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अपराधियों ने एक IRB जवान के बंद घर को निशाना बनाते हुए करीब 50 लाख रुपये के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। यह वारदात उस समय हुई जब घर के सभी सदस्य बाहर गए हुए थे, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने सुनियोजित तरीके से घटना को अंजाम दिया और फरार हो गए।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित IRB जवान अपने परिवार के साथ किसी काम से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान अपराधियों ने घर की रेकी कर यह सुनिश्चित किया कि घर पूरी तरह खाली है। इसके बाद देर रात या सुनसान समय में चोरों ने घर का ताला तोड़ा और अंदर घुस गए। घर में घुसने के बाद उन्होंने अलमारी और लॉकर को निशाना बनाया, जहां रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात और अन्य सामान को अपने साथ ले गए।
बताया जा रहा है कि चोरी किए गए जेवरों की कुल कीमत लगभग 50 लाख रुपये के आसपास है, जिसमें सोने के हार, कंगन, झुमके, चेन और अन्य कीमती गहने शामिल हैं। घर के अंदर का पूरा सामान अस्त-व्यस्त पाया गया, जिससे साफ है कि चोरों ने काफी समय लेकर आराम से पूरे घर की तलाशी ली।
जब परिवार वापस लौटा तो घर का दरवाजा टूटा हुआ मिला और अंदर का नजारा देखकर सभी के होश उड़ गए। पूरे घर में सामान बिखरा पड़ा था और अलमारियां खुली हुई थीं। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की सूचना मिलते ही बर्मामाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। साथ ही इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान की जा सके।
प्रारंभिक जांच में यह माना जा रहा है कि चोरी की इस वारदात में पेशेवर गिरोह का हाथ हो सकता है, क्योंकि जिस तरीके से घर को निशाना बनाया गया और कीमती सामान को चुना गया, वह किसी सामान्य चोर का काम नहीं लगता। अपराधियों को घर की स्थिति और परिवार की अनुपस्थिति की पूरी जानकारी थी, जिससे अंदरूनी जानकारी होने की भी आशंका जताई जा रही है।
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में भय का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं और पुलिस गश्ती व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इलाके में सुरक्षा बढ़ाने और नियमित पेट्रोलिंग की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जांच टीम हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है, जिसमें तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय सूचना तंत्र का सहारा लिया जा रहा है।
फिलहाल इस बड़ी चोरी की घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से झकझोर दिया है, बल्कि पूरे बर्मामाइंस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले का खुलासा कितनी जल्दी करती है और चोरी गए जेवरात बरामद हो पाते हैं या नहीं।














