
Operation Numkhor: भारत और भूटान सीमा पर कस्टम विभाग ने ‘ऑपरेशन नुमखोर’ के तहत एक अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में 15,849 लग्जरी गाड़ियां बिना किसी टैक्स या कस्टम ड्यूटी चुकाए अवैध रूप से भारत में रजिस्टर कराई गईं, जिससे केंद्र सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व नुकसान हुआ। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह सिंडिकेट भूटान से चोरी की कारों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए भारत लाकर बेचता था।

फर्जी दस्तावेजों का जाल और डिजिटल ऑडिट
नेशनल व्हीकल रजिस्ट्री (NVR) के डिजिटल ऑडिट के दौरान फर्जी डिस्पोजल सर्टिफिकेट और नकली भूटानी दूतावास दस्तावेजों का पर्दाफाश हुआ। तस्करों ने गाड़ियों को ‘पुरानी’ बताकर डिस्पोजल का झूठा प्रमाण-पत्र बनाए, फिर इन्हें भारत के विभिन्न राज्यों में रजिस्टर करा दिया। केरल से असम तक फैले इस नेटवर्क ने सैकड़ों करोड़ों का घोटाला किया। कस्टम अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन नुमखोर भूटान के नुमखोर क्षेत्र से प्रेरित है, जहां से ज्यादातर कारें तस्करी की गईं।
बॉलीवुड सितारों के नाम पर सनसनी
चौंकाने वाली बात यह निकली कि इस घोटाले में कई बड़े फिल्मी सितारों के नाम सामने आ रहे हैं। टैक्स बचाने के लालच में इन्होंने इन चोरी की लग्जरी कारों का इस्तेमाल किया। जांच अभी प्रारंभिक चरण में है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ के लिए कुछ नामों पर नजर रख रही हैं। इससे सिस्टम की कमियों—जैसे अपर्याप्त डिजिटल सत्यापन और सीमा पर ढीली निगरानी—का पर्दाफाश हुआ है।
सरकार को आर्थिक चोट, अब सख्ती का वक्त
इस तस्करी से सरकार को अनुमानित 500 करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) और कस्टम विभाग अब NVR को और मजबूत करने की योजना बना रहे हैं। भूटान सरकार के साथ संयुक्त जांच भी शुरू हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला वाहन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में AI-आधारित वेरिफिकेशन की जरूरत बताता है। गिरोह के मुख्य आरोपी फरार हैं, लेकिन कई सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं।














