
Blue Drum Massacre, Meerut: मेरठ के चर्चित ‘नीला ड्रम हत्याकांड’ में मंगलवार को अहम मोड़ देखने को मिला, जब आरोपी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को अदालत में पेश किया गया। दोनों ने CrPC की धारा 313 के तहत अपने बचाव में बयान दर्ज कराए और अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया।

मेरठ जिला जज कोर्ट में दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच दोपहर करीब 2:54 बजे पेश किया गया। अदालत में करीब 46 मिनट तक पूछताछ चली, जिसमें पहले साहिल से लगभग 20 मिनट और फिर मुस्कान से करीब 16 मिनट तक सवाल-जवाब हुए। इस दौरान कोर्ट में सबसे ज्यादा ध्यान तब गया जब मुस्कान अपनी छह महीने की नवजात बच्ची को गोद में लेकर पहुंची। वह पूरे समय शांत बैठी रही और सवालों के जवाब देती रही।
अदालत द्वारा पूछे गए 32 सवालों के जवाब में मुस्कान ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसे संपत्ति विवाद के चलते फंसाया गया है। वहीं साहिल ने भी सभी आरोपों और साक्ष्यों से इनकार करते हुए खुद को बेगुनाह बताया और बचाव पक्ष के गवाह पेश करने के लिए समय मांगा। दोनों आरोपियों ने नीले ड्रम, चाकू और सीमेंट खरीदने जैसे आरोपों को भी नकार दिया।
Blue Drum Massacre, Meerut
यह पूरा मामला सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है, जिसमें आरोप है कि उसकी पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर मार्च 2025 में उसकी हत्या कर दी थी। बताया जाता है कि पहले सौरभ को खाने में बेहोशी की दवा दी गई और फिर चाकू से वार कर उसकी हत्या की गई। इसके बाद शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से बंद कर दिया गया। घटना के बाद दोनों आरोपी हिमाचल प्रदेश भाग गए और मोबाइल के जरिए सौरभ को जिंदा दिखाने की कोशिश भी करते रहे।
जांच के दौरान अब तक 22 गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और पुलिस ने ड्रम, चाकू और सीमेंट की खरीद से जुड़े कई अहम सबूत जुटाए हैं। इसी आधार पर अदालत में धारा 313 की प्रक्रिया पूरी कराई गई, जिसमें आरोपी को अपने खिलाफ आए साक्ष्यों पर सफाई देने का मौका दिया जाता है। इस धारा के तहत जज सीधे आरोपी से सवाल करता है और उनके जवाब बिना शपथ के दर्ज किए जाते हैं।
अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 28 अप्रैल को तय की गई है। सौरभ के परिजनों ने आरोपियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है। ऐसे में आने वाली सुनवाई में यह साफ होगा कि बचाव पक्ष क्या साक्ष्य पेश करता है या मामला सीधे अंतिम बहस की ओर बढ़ेगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इस सनसनीखेज हत्याकांड को सुर्खियों में ला दिया है, जहां अदालत में हर नई कार्यवाही के साथ सच के और करीब पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
‘नीला ड्रम हत्याकांड’ का सामाजिक विश्लेषण
यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि समाज के अंदर बढ़ रही कई गंभीर समस्याओं की तरफ इशारा करती है। जब हम इसे ध्यान से देखते हैं, तो कुछ बड़ी बातें सामने आती हैं:
पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है। इस मामले में वही भरोसा टूट गया। आजकल कई रिश्तों में ईमानदारी और संवाद की कमी देखने को मिल रही है, जो धीरे-धीरे बड़े विवाद में बदल जाती है। ऐसी घटनाओं में अक्सर प्रेम संबंध, शक और झगड़े बड़ी वजह बनते हैं। जब भावनाएं नियंत्रण से बाहर हो जाती हैं, तो इंसान गलत फैसले लेने लगता है। इस केस में संपत्ति का मुद्दा भी सामने आया। समाज में आज पैसे और संपत्ति के लिए रिश्तों को नजरअंदाज करना बढ़ता जा रहा है, जो खतरनाक संकेत है।
गुस्सा हर इंसान को आता है, लेकिन उसे संभालना जरूरी है। जब गुस्सा हावी हो जाता है, तो इंसान सही-गलत का फर्क भूल जाता है और अपराध तक कर बैठता है। पहले परिवार और समाज मिलकर गलत रास्ते पर जाने से रोकते थे। आज परिवारिक जुड़ाव कम हो रहा है, जिससे लोग अकेले फैसले लेते हैं और भटक जाते हैं।
इस घटना में एक मासूम बच्ची भी शामिल है, जिसका भविष्य प्रभावित होगा। ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान निर्दोष बच्चों को झेलना पड़ता है।
यह घटना हमें सिखाती है कि:
- रिश्तों में भरोसा और बातचीत बहुत जरूरी है
- गुस्से और भावनाओं पर नियंत्रण रखना चाहिए
- लालच और गलत रास्ते हमेशा बर्बादी की ओर ले जाते हैं
अगर समाज इन बातों को समझे और अपनाए, तो ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।














