
जमशेदपुर: Train की लेटलतीफी से परेशान जमशेदपुर के यात्री अब खुलकर मैदान में उतर आए हैं। रेल यात्री संघर्ष समिति ने सोमवार को विधायक सरयू राय के कार्यालय में महत्वपूर्ण बैठक की, जहां Train की लेटलतीफी के खिलाफ रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। 26 अप्रैल का हस्ताक्षर अभियान व्यापक रूप लेगा, जिसमें 50 समूह स्टेशनों पर उतरेंगे। सरयू राय ने साफ कहा – यात्री Train को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देना गलत है। आइए, इस आंदोलन की पूरी रूपरेखा समझते हैं।

Train की लेटलतीफी यात्रियों की बुनियादी समस्या
Train की लेटलतीफी चक्रधरपुर मंडल में पिछले तीन सालों से जारी है। टाटानगर स्टेशन से गुजरने वाली यात्री Train घंटों लेट पहुंचती हैं, जिससे आम यात्री गंभीर रूप से परेशान हैं। विधायक सरयू राय ने बैठक में कहा कि हर प्लेटफॉर्म पर यात्री ट्रेनों का समय दिखाया जाता है, लेकिन मालगाड़ियों का नहीं। फिर भी रेल अधिकारी यात्री गाड़ियों को रोककर मालगाड़ियों को रास्ता देते हैं। ये वादाखिलाफी है – रेलवे ने समय पर पहुंचाने का वादा किया था, लेकिन पूरा नहीं कर रहा।
जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में हजारों दैनिक यात्री हैं। लेट Train से नौकरी, व्यापार सब प्रभावित हो रहा है। सरयू राय ने मांग की कि अगर कोई सर्कुलर है तो सार्वजनिक करें और यात्रियों के नुकसान का आकलन करें। ये समस्या सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि पूरे मंडल की है।
अहम बैठक चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
जमशेदपुर पश्चिम विधायक सरयू राय के बिष्टुपुर कार्यालय में हुई इस अहम बैठक में रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिव शंकर सिंह, आजसू जिला अध्यक्ष कन्हैया सिंह और जद(यू) महानगर अध्यक्ष अजय कुमार मौजूद थे। बैठक में तय हुआ कि चक्रधरपुर मंडल में सुधार तक चरणबद्ध आंदोलन चलेगा। कल मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल मंडल रेल प्रबंधक को ज्ञापन देगा। 23 अप्रैल को एक और बड़ी बैठक होगी, जहां 50 समूहों की जिम्मेदारी तय होगी।
26 अप्रैल का हस्ताक्षर अभियान अभियान का केंद्र बिंदु है। स्टेशनों पर बड़ा बोर्ड लगेगा, जहां यात्री सीधे दस्तखत करेंगे। आंदोलनकारी प्लेटफॉर्म्स पर घूमेंगे, पर्चे बांटेंगे और यात्रियों के अनुभव नोट करेंगे। सभी हस्ताक्षर झारखंड राज्यपाल और भारत सरकार को भेजे जाएंगे। ये अभियान टाटानगर, आदित्यपुर, गोविंदपुर जैसे स्टेशनों पर चलेगा।
मालगाड़ियों को प्राथमिकता रेलवे की मनमानी
सरयू राय ने तीखा प्रहार किया – यात्री Train को रोककर मालगाड़ियों को प्राथमिकता गलत है। रेलवे बोर्ड या मंडल स्तर से कोई आदेश हो तो दिखाएं। मालगाड़ियां वीआईपी, यात्री लावारिस? ये सवाल हर यात्री पूछ रहा है। कोल्हान रक्षा संघ जैसे संगठन भी आंदोलन में शामिल हो रहे हैं। राउरकेला-टाटानगर रेलखंड पर 5-7 घंटे की देरी आम बात है।
नेताओं के बयान आंदोलन को जनांदोलन बनाएं
संयोजक शिव शंकर सिंह ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान वृहद रूप लेगा। स्टेशन पर ओपन बोर्ड से दस्तखत, पर्चों से जागरूकता – सब कुछ तैयार है। आजसू के कन्हैया सिंह ने युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया। जद(यू) के अजय कुमार बोले – ये सरयू राय के नेतृत्व में जनआंदोलन बन चुका है। सोशल मीडिया और अखबारों में लेटलतीफी की खबरें रेलवे की पोल खोल रही हैं।
विधायक सरयू राय ने आंकड़ों का हवाला दिया – Train घंटों लेट, यात्री बर्बाद। रेल मंत्रालय जवाब दे। ये आंदोलन इतना जोरदार होगा कि रेलवे सुधार के लिए मजबूर हो जाए।
चक्रधरपुर मंडल की बदहाली आंकड़े बोलते हैं
चक्रधरपुर मंडल में नई साल से ट्रेनें 3-4 घंटे लेट चल रही हैं। शालीमार-मुंबई समरसता एक्सप्रेस 6 घंटे लेट पहुंची। तकनीकी कार्यों से Train रद्द या मार्ग बदले जा रहे हैं। दानापुर मंडल में 26 अप्रैल तक कई Train प्रभावित। लेकिन जमशेदपुर के यात्री मंडल की कुप्रबंधन से त्रस्त हैं। एनआई कार्य से चार जोड़ी ट्रेनें रद्द – परेशानी बढ़ी।
आंदोलन की रूपरेखा 50 समूह, हस्ताक्षर और ज्ञापन
- 50 समूह बनेंगे: स्टेशनों पर उतरने-चढ़ने वालों से संपर्क।
- बड़ा बोर्ड लगेगा: सीधे दस्तखत अभियान।
- प्लेटफॉर्म पर आंदोलनकारी: हस्ताक्षर इकट्ठा, अनुभव साझा।
- 23 अप्रैल की बैठक: समूहों की जिम्मेदारी तय।
- ज्ञापन: मंडल रेल प्रबंधक को कल सौंपा जाएगा।
- हस्ताक्षर भेजना: राज्यपाल और केंद्र सरकार को।
ये चरणबद्ध तरीके से Train की लेटलतीफी के खिलाफ रणनीति है। युवा, प्रबुद्ध नागरिक और दैनिक यात्री – सबको जोड़ा जाएगा।
यात्रियों की परेशानी रोज की कहानी
कल्पना करें – सुबह की Train लेट, नौकरी पर असर। लंबी दूरी की ट्रेनें 5-7 घंटे पीछे। प्लेटफॉर्म पर घंटों इंतजार, खाना-पानी की दिक्कत। रेलवे का कुप्रबंधन, डीआरएम की अक्षमता – यात्री चिल्ला रहे हैं। आंदोलन से सुधार होगा।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पिछले आंदोलन
पहले भी धरने हुए। टाटानगर पर सरयू राय के नेतृत्व में प्रदर्शन, रेलवे ने टेंट हटाए। लेकिन आंदोलन नहीं रुका। कोल्हान रक्षा संघ ने चेतावनी दी। अब 26 अप्रैल का हस्ताक्षर अभियान नया अध्याय लिखेगा।
समिति चक्रधरपुर मंडल में ठोस सुधार चाहती है। यात्री Train को प्राथमिकता, मालगाड़ियों का रास्ता न रोके। रेलवे जवाब दे – वादा कब पूरा होगा? आंदोलन तेज होगा, जनसमर्थन बढ़ेगा।
Train की लेटलतीफी के खिलाफ रणनीति अब जमशेदपुर से पूरे देश को झकझोर देगी। 26 अप्रैल का हस्ताक्षर अभियान सफल बनाने सभी यात्री आगे आएं। सरयू राय जैसे नेता यात्रियों की आवाज बन रहे हैं। रेलवे सुधरे, मालगाड़ी वीआईपी न बने। Train की लेटलतीफी बंद हो, समय पर गंतव्य मिले।









