मौसममनोरंजनचुनावटेक्नोलॉजीखेलक्राइमजॉबसोशललाइफस्टाइलदेश-विदेशव्यापारमोटिवेशनलमूवीधार्मिकत्योहारInspirationalगजब-दूनिया

Tree आधारित भोजन से स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों सुरक्षित श्रीनाथ विश्वविद्यालय में वेबिनार आयोजित

On: March 25, 2026 10:23 AM
Follow Us:

आज के दौर में खान-पान का चुनाव सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और पशु कल्याण से जुड़ा है। श्रीनाथ विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई और वीगन आउटरीच संस्था ने “फूड–प्लैनेट–हेल्थ” विषय पर वेबिनार आयोजित कर इसी दिशा में जागरूकता फैलाई। यह आयोजन विद्यार्थियों को पौध आधारित भोजन की ताकत बताता है, जो व्यक्तिगत सेहत के साथ धरती को भी बचाता है।

वेबिनार का उद्देश्य और आयोजन

---Advertisement---
Netaji Advertisement

शुक्रवार को हुए इस वेबिनार का संचालन एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक शालिनी ओझा ने किया। मुख्य वक्ता वीगन आउटरीच के अभिषेक दुबे ने बताया कि पशु आधारित भोजन पर्यावरण, स्वास्थ्य और पशुओं के लिए खतरा है। उन्होंने Tree आधारित भोजन को अपनाने पर जोर दिया, जो संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) का हिस्सा है। लगभग 150 विद्यार्थी और एनएसएस स्वयंसेवक शामिल हुए।

शालिनी ओझा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को पर्यावरण जागरूक बनाते हैं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने को प्रेरित करते हैं। अभिषेक ने जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, जैव विविधता ह्रास जैसी समस्याओं का जिक्र किया। पौध आधारित भोजन से ये वैश्विक मुद्दे हल हो सकते हैं।

Tree आधारित भोजन के स्वास्थ्य लाभ

Tree आधारित आहार फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे, बीज और फलियों पर केंद्रित होता है। यह हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह और कैंसर का जोखिम कम करता है। फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन-खनिजों से भरपूर यह आहार वजन नियंत्रण में मददगार है। पशु उत्पादों की तुलना में कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जिससे लंबी उम्र मिलती है।

अभिषेक दुबे ने अपील की कि वीगन भोजन अपनाकर स्वास्थ्य बेहतर करें। वीगन आहार में दूध-मांस पूरी तरह बंद, लेकिन शाकाहारी में कुछ लचीलापन रहता है। भारतीय थाली में दाल, सब्जी, रोटी पहले से ही पौध आधारित हैं—बस इन्हें बढ़ावा दें।

पर्यावरण पर पौध आधारित भोजन का प्रभाव

पशु कृषि ग्रीनहाउस गैसों का बड़ा स्रोत है। आईपीसीसी रिपोर्ट कहती है कि Tree आधारित आहार अपनाने से उत्सर्जन 70% तक घट सकता है। इसमें कम पानी, भूमि और ऊर्जा लगती है। वनों की कटाई रुकेगी, जैव विविधता बचेगी। 2050 तक भुखमरी रोकने के लिए यह जरूरी है।

वीगन आउटरीच जैसी संस्थाएं जागरूकता फैला रही हैं। भारत में वनस्पति आधारित मांस निर्यात शुरू हो चुका है, जो वैश्विक बदलाव का संकेत है। पौधे आधारित भोजन जिम्मेदार उपभोग को बढ़ावा देता है।

वीगन जीवनशैली व्यावहारिक टिप्स

शुरुआत आसान है—सोमवार को मीटलेस डे मनाएं। दूध की जगह बादाम मिल्क, पनीर की जगह टोफू आजमाएं। रेसिपी: पालक-पनीर, छोले, राजमा। सप्ताह में 10 हफ्ते का वीगन चैलेंज लें। इससे स्वास्थ्य सुधरेगा, पर्यावरण बचेगा।

शालिनी ओझा ने कहा कि वेबिनार की सीख जीवन में उतारें। वीगन आउटरीच को ऐसे कार्यक्रम जारी रखने का आह्वान किया।

THE NEWS FRAME

Tree आधारित भोजन का भविष्य

भारत में प्लांट-बेस्ड डाइट का चलन बढ़ रहा है। यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और नैतिकता का मेल है। श्रीनाथ विश्वविद्यालय जैसे संस्थान युवाओं को सही दिशा दे रहे हैं। वैश्विक संकटों से निपटने के लिए यह आवश्यक है।

श्रीनाथ विश्वविद्यालय का वेबिनार पौध आधारित भोजन को अपनाने का आह्वान है। यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और पशु कल्याण को जोड़ता है। अभिषेक दुबे और शालिनी ओझा की अपील सही है—आज से बदलाव शुरू करें। Tree आधारित भोजन से धरती बचेगी, सेहत चमकेगी। युवा इसकी अगुआई करें, तो भारत सतत विकास का मॉडल बनेगा।

श्रीनाथ विश्वविद्यालय का “फूड–प्लैनेट–हेल्थ” वेबिनार पौध आधारित भोजन को अपनाने का मजबूत आह्वान है। यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और पशु कल्याण को जोड़ता है, जैसा अभिषेक दुबे ने बताया। पशु आधारित आहार से जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई और बीमारियां बढ़ रही हैं, जबकि पौधे आधारित थाली फाइबर, विटामिन से भरपूर होकर हृदय रोग, डायबिटीज, कैंसर से बचाती है। कम पानी-भूमि खर्च से धरती को राहत मिलती है।

शालिनी ओझा की अपील सही है—आज से बदलाव शुरू करें। 150 विद्यार्थियों ने जो सीखा, उसे अपनाएं: दाल-सब्जी-रोटी बढ़ाएं, मीट-डेयरी कम करें। वीगन आउटरीच जैसे प्रयास सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को साकार कर रहे हैं। ऊर्जा बढ़ेगी, पाचन सुधरेगा, मूड अच्छा रहेगा। युवा इसकी अगुआई करें, तो भारत पर्यावरण-अनुकूल मॉडल बनेगा। Tree आधारित भोजन से धरती बचेगी, सेहत चमकेगी—यह व्यक्तिगत नहीं, सामूहिक जिम्मेदारी है।

---Advertisement---
Netaji Advertisement
---Advertisement---
Netaji Advertisement

और पढ़ें

आंध्र प्रदेश को ₹17,900 करोड़ की विकास परियोजनाओं की सौगात, पीएम मोदी बोले– नया हवाई अड्डा बनेगा विकास का रनवे

आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के एकीकरण की दिशा में बड़ा कदम: केंद्र सरकार की बहुआयामी आयुष पहलें, 450 से अधिक तंबाकू निषेध केंद्र स्थापित

Spain के सेउटा में घुसपैठियों की बाढ़ आखिर क्यों 60 हजार से अधिक प्रवासियों ने की यूरोप में प्रवेश की कोशिश?

Kulgam आतंकी हमला दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 16 लाख रुपये सहायता का किया ऐलान उपराज्यपाल ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

जम्मू-कश्मीर के Kulgam में आतंकी हमला दो प्रवासी हिंदू मजदूरों की हत्या पहलगाम हमले जैसा पैटर्न आने की आशंका

Nepal के मधेश क्षेत्र में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक हिंसा तीन लोगों की मौत कई जिलों में कर्फ्यू सरकार ने शुरू की शांति बहाली की पहल

Leave a Comment